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आर्यन को पकड़े दिखे गोसावी के ख़िलाफ़ धोखाधड़ी का एक और केस

हिरासत में आर्यन ख़ान के साथ सेल्फ़ी लेने वाले किरन गोसावी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। जिस गोसावी को नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो यानी एनसीबी ने ड्रग भंडाफोड़ में स्वतंत्र गवाह बताया है उसके ख़िलाफ़ धोखाधड़ी और जालसाजी का एक और मामला दर्ज किया गया है। मामले में दो साल पहले शिकायत दर्ज कराई गई थी, हालाँकि केलवा पुलिस ने पालघर में रविवार को ही प्राथमिकी दर्ज की है। इसके साथ ही गोसावी के ख़िलाफ़ धोखाधड़ी और जालसाजी के अब तक कुल चार एफ़आईआर सामने आ चुकी हैं।

ताज़ा मामला केलवा पुलिस का है। पुलिस के अनुसार मामले में पीड़ित उत्कर्ष तारे और आदर्श केनी 2018 में गोसावी के संपर्क में आए थे। आरोप है कि गोसावी ने उन्हें मलेशिया के कुआलालंपुर में किसी होटल में नौकरी दिलाने के बहाने 1.65 लाख रुपये की ठगी की थी।

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पुलिस शिकायत में कहा गया है गोसावी ने पीड़ितों से पैसे लेकर कथित तौर पर फर्जी टूरिस्ट वीजा और फ्लाइट टिकट सौंपे थे। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित जब एयरपोर्ट से फ्लाइट लेने गए थे तो सीआईएसएफ़ के अधिकारियों ने उनके दस्तावेजों और टिकटों की जाँच के बाद उन्हें लौटा दिया था।

इसके बाद दोनों ने केलवा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन तीन साल बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और न ही कोई आपराधिक मामला दर्ज किया। अब रविवार को प्राथमिकी दर्ज की गई है और जांच शुरू की गई है।

गोसावी फ़िलहाल ग़ायब है। धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में पुणे पुलिस ने गोसावी के ख़िलाफ़ लुकआउट सर्कुलर जारी किया है। साल 2018 में केपी गोसावी पर पुणे में धोखाधड़ी का एक मामला दर्ज किया गया था। 

इस मामले में भी पुणे के फरासखाना पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत में आरोप है कि गोसावी ने मलेशिया में नौकरी देने के नाम पर पुणे के एक व्यक्ति से लाखों रुपये की ठगी की थी।

गोसावी ने मलेशिया में एक बड़े होटल में नौकरी दिलाने के नाम पर पुणे के एक व्यक्ति चिन्मय देशमुख से 3 लाख 90 हज़ार रुपये लिए थे। इतना ही नहीं, गोसावी ने चिन्मय को फर्जी एयर टिकट और फर्जी वीज़ा भी उपलब्ध कराया था। चिन्मय जब एयरपोर्ट पहुँचा तो उसे पता लगा कि उसके साथ गोसावी ने धोखा किया है। इसके बाद चिन्मय देशमुख ने गोसावी से जब अपने पैसे मांगे तो गोसावी टालमटोल करता रहा। आख़िर में जब गोसावी ने पैसे नहीं लौटाए तो चिन्मय ने गोसावी के ख़िलाफ़ पुणे में धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवा दिया।

पुणे पुलिस का कहना है कि केपी गोसावी को कई बार पूछताछ के लिए बुलाया गया था लेकिन वह हाजिर नहीं हुआ था।

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इसके अलावा भी केपी गोसावी के ख़िलाफ़ मुंबई में धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। इस मामले में भी गोसावी ने एक शख्स से विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए ऐंठ लिए थे। बाद में उस पीड़ित शख्स ने भी गोसावी के ख़िलाफ़ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करा दिया था। पुणे पुलिस का कहना है कि गोसावी मुंबई में एक डिटेक्टिव एजेंसी भी चलाता है जिसकी सेवाएँ कई बड़े लोग लेते हैं। 

गोसावी उस समय चर्चा में आया था जब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने कॉर्डेलिया क्रूज पर छापेमारी की थी। छापेमारी में एनसीबी ने शाहरुख ख़ान के बेटे आर्यन ख़ान को भी गिरफ्तार किया था। आर्यन को केपी गोसावी पकड़ कर एनसीबी दफ्तर ले जाता हुआ दिखाई दिया था। उसके बाद गोसावी की आर्यन के साथ एक सेल्फी बहुत वायरल हुई थी और सवाल उठे थे कि आख़िर यह व्यक्ति कौन है। जब एनसीबी से गोसावी के बारे में पूछा गया तो एनसीबी ने साफ़ कर दिया कि वह एनसीबी का अधिकारी नहीं है। ऐसे में यह सवाल उठा कि जब गोसावी एनसीबी का अधिकारी नहीं था तो फिर आर्यन को एस्कॉर्ट करते हुए एनसीबी दफ्तर कैसे लेकर गया था।

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नवाब मलिक द्वारा खुलासा किए जाने के बाद एनसीबी के ज़ोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने दावा किया था कि केपी गोसावी और मनीष भानुशाली उसके गवाह थे और क्रूज़ पर ड्रग्स पार्टी की जानकारी उन्होंने ही दी थी। जब एनसीबी के अधिकारियों से यह पूछा गया था कि गोसावी और भानुशाली आरोपियों को एस्कॉर्ट करके एनसीबी दफ़्तर क्यों लेकर जा रहे थे तो एनसीबी ने कहा था कि वह उनके साथ चलकर जा रहे थे क्योंकि उन्हें उनका बयान दर्ज करना था।
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