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महाराष्ट्र संकट: शिंदे को विधायक दल के नेता के पद से हटाया

कैबिनेट मंत्री एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद शिवसेना की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। पार्टी ने एकनाथ शिंदे को महाराष्ट्र में विधायक दल के नेता के पद से हटा दिया है। इस मामले को लेकर दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र तक हलचल तेज हो गई है। उधर, कांग्रेस ने महाराष्ट्र में पैदा हुए सियासी संकट को लेकर अपने वरिष्ठ नेता कमलनाथ को पर्यवेक्षक बनाया है।

शिवसेना ने यह कार्रवाई कर साफ संदेश दिया है कि वह किसी भी तरह की बगावत के आगे नहीं झुकेगी। सियासी संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शिवसेना के विधायकों और मंत्रियों के साथ मुंबई में आपात बैठक की है। 

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अजित पवार पर हुई थी कार्रवाई 

शिवसेना प्रमुख की यह कार्रवाई वैसी ही है जैसे साल 2019 में एनसीपी के नेता अजित पवार पर एनसीपी मुखिया शरद पवार ने कार्रवाई की थी। अजित पवार ने तब पार्टी से बगावत की थी और देवेंद्र फडणवीस के साथ मिलकर उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। शरद पवार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अजित पवार को विधायक दल के नेता के पद से हटा दिया था। अजित पवार की बगावत कामयाब नहीं हुई थी और उन्हें वापस पार्टी में लौटना पड़ा था। 

इस बीच एकनाथ शिंदे का एक ट्वीट भी सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि वह बालासाहेब के पक्के शिवसैनिक हैं और बालासाहेब ने ही उन्हें हिंदुत्व सिखाया है। शिंदे ने अपने ट्वीट में कहा है कि उन्होंने सत्ता के लिए कभी भी गद्दारी नहीं की है और ना ही कभी वह ऐसा करेंगे। एकनाथ शिंदे ने अपने ट्विटर बॉयो से शिवसेना हटा दिया है। 

देखना होगा कि शिव सेना की कार्रवाई के बाद क्या एकनाथ शिंदे के साथ सूरत में मौजूद पार्टी के विधायक वापस आ जाएंगे या वे अपने बगावती तेवरों को बनाए रखेंगे। 

तीन मांग 

महाराष्ट्र में सियासी संकट खड़ा करने वाले कैबिनेट मंत्री एकनाथ शिंदे की कुछ मांग सामने आई हैं। मीडिया के हवाले से आई खबरों के मुताबिक एकनाथ शिंदे चाहते हैं कि महाराष्ट्र में शिवसेना बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाए। उनकी दूसरी मांग है कि देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री और तीसरी मांग है कि उन्हें उप मुख्यमंत्री बनाया जाए। 

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26 विधायकों के नाम आए

इंडिया टुडे के मुताबिक़, एकनाथ शिंदे के साथ सूरत के होटल में 26 विधायक मौजूद हैं। इनके नाम तानाजी सावंत, बालाजी कल्याणकर,  प्रकाश आनंदराव अबितकर, एकनाश शिंदे, अब्दुल सत्तार, संजय पांडुरंग, श्रीनिवास वनगा, महेश शिंदे, संजय रायमुलकर, विश्वनाथ भोएर, संदीपन राव भुमरे, शांताराम मोरे, रमेश बोर्नारे, अनिल बाबर, चिन्मनराव पाटिल, शंभूराज देसाई, महेंद्र दलवी, शाहजी पाटिल, प्रदीप जायसवाल, महेंद्र थोर्वे, किशोर पाटिल, ज्ञानराज चौगुले, बालाजी किनिकर, भारतशेत गोगावले, संजय गायकवाड़ और सुहास कांडे हैं। इनमें कई विधायक ठाकरे सरकार में मंत्री भी हैं। 

एकनाथ शिंदे ठाणे में शिवसेना के सबसे बड़े नेता हैं और उन्होंने इस इलाके में पार्टी को मजबूत करने के लिए काफी काम किया है। उनके बेटे श्रीकांत शिंदे कल्याण सीट से शिवसेना के सांसद हैं।

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