loader

शिव सैनिकों की गुंडागर्दी, उद्धव का कार्टून शेयर करने पर पूर्व नेवी अफ़सर को पीटा

दबंगई और गुंडागर्दी के लिए चर्चित शिव सैनिकों ने इस बार नेवी के पूर्व अफ़सर को पीट दिया। शुक्रवार शाम को मुंबई में हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है और लोगों ने इसकी निंदा की है। नेवी अफ़सर का नाम मदन शर्मा है और उनका कसूर सिर्फ़ इतना था कि उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का कार्टून शेयर किया था। 

मदन शर्मा के चेहरे और उनकी दायीं आंख में चोट आई है। 65 साल के शर्मा मुंबई के ईस्ट कांदिवली में रहते हैं। इस मामले में एफ़आईआर दर्ज कर ली गई है। 

मदन शर्मा ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा है कि उन्होंने अपनी रेसिडेंशियल सोसाइटी के वॉट्सऐप ग्रुप में मुख्यमंत्री के कार्टून को शेयर किया था। इसके बाद उन्हें कमलेश कदम नाम के शख़्स का फ़ोन आया और उसने उनसे उनका नाम और पता पूछा। शर्मा ने कहा है कि दोपहर में उन्हें उनके घर के बाहर बुलाया गया और कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया। पुलिस ने हरक़त में आते हुए कमलेश कदम सहित छह लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है। 

ताज़ा ख़बरें
घटना के वायरल वीडियो में दिख रहा है कि कुछ लोग मदन शर्मा को पीट रहे हैं और उनकी शर्ट पकड़कर उन्हें घसीटकर बाहर ले जा रहे हैं। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, फ़िल्म अभिनेत्री कंगना रनौत समेत कई लोगों ने इस वीडियो को शेयर किया है। फडणवीस ने ट्वीट कर कहा है कि यह बेहद दुखद है और उद्धव ठाकरे को इस गुंडाराज को रोकना चाहिए। 

उन्होंने मारपीट करने वालों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करने और उन्हें सजा देने की मांग की है। कंगना ने इसे शर्मनाक कहा है। महाराष्ट्र के बीजेपी विधायक अतुल भातखलकर ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा है कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अपने घर से तानाशाही का शासन चला रहे हैं। 

प्रियंका शर्मा का प्रकरण

पिछले साल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मीम शेयर करने के मामले में पश्चिम बंगाल सरकार ने बीजेपी नेता प्रियंका शर्मा को गिरफ़्तार कर लिया था। तब सुप्रीम कोर्ट ने बेहद सख़्त रुख अपनाया था और प्रियंका को रिहा करने के लिए कहा था। 

महाराष्ट्र से और ख़बरें

आलोचना बर्दाश्त नहीं 

इससे यह बहस भी खड़ी हो गई है कि राजनेता अपनी आलोचना को बर्दाश्त नहीं करना चाहते, आलोचना करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आवाज़ की नकल करने वाले श्याम रंगीला को एक कार्यक्रम से इसी आधार पर बाहर कर दिया गया था। 

लोकतंत्र में किसी भी तरह की गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर पूर्व नेवी अफ़सर की पिटाई पर ग़ुस्सा जता रहे लोगों का कहना है कि यह तानाशाही है। याद दिला दें कि शिवसेना के संस्थापक बाला साहब ठाकरे भी एक कार्टूनिस्ट थे और उन्होंने तमाम कार्टून बनाए थे। इसके अलावा उद्धव के चचेरे भाई राज ठाकरे भी कार्टूनिस्ट हैं।

'सत्य हिन्दी'
की ताक़त बनिए

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

महाराष्ट्र से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें