loader
अशोक चव्हाण

महाराष्ट्रः कांग्रेस को बड़ा झटका, अशोक चव्हाण ने पार्टी छोड़ी

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने सोमवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। राज्य में जल्द ही लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव होने वाले हैं लेकिन कुछ महीने पहले पार्टी की महाराष्ट्र इकाई को यह बड़ा झटका लगा है। चर्चा है कि अशोक चव्हाण भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं।

अशोक चव्हाण ने महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले को पत्र लिखकर अपने इस्तीफे की घोषणा की है। इससे पहले सोमवार सुबह अशोक चव्हाण ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर से मुलाकात की। बैठक के बाद से अशोक चव्हाण मीडिया से दूर हैं। राहुल नार्वेकर ने अशोक चव्हाण से अपनी मुलाकात की पुष्टि की।

ताजा ख़बरें
अशोक चव्हाण ने एक्स (ट्विटर) पर कहा-  "आज यानी सोमवार, 12 फरवरी, 2024 को मैंने 85-भोकर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से विधान सभा सदस्य (एमएलए) के रूप में विधानसभा अध्यक्ष राहुलजी नार्वेकर को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।" जब उन खबरों के बारे में पूछा गया कि अशोक चव्हाण भाजपा में शामिल हो सकते हैं, तो महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “विपक्ष के कई नेता भाजपा में शामिल होना चाहते हैं। कई कांग्रेस नेता हमारे संपर्क में हैं क्योंकि वे अपनी पार्टी में घुटन महसूस करते हैं।" फडणवीस ने कहा- आगे-आगे देखिए होता है क्या।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के तीन विधायक-सुभाष धोटे, जितेश अंतरपुरकर और अमर राजुरकर भी अशोक चव्हाण के साथ भाजपा में जा सकते हैं।
अशोक चव्हाण मराठवाड़ा क्षेत्र के नांदेड़ जिले के रहने वाले हैं। उनके पिता स्वर्गीय शंकरराव चव्हाण भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे। मुंबई में आदर्श हाउसिंग घोटाले में कथित संलिप्तता के कारण अशोक चव्हाण ने 2010 में मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया। वह 2014 से 2019 के बीच राज्य कांग्रेस प्रमुख भी रहे।

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री का जाना महत्व रखता है, क्योंकि दो वरिष्ठ कांग्रेसी - मिलिंद देवड़ा और बाबा सिद्दीकी - हाल ही में पार्टी से अलग हुए हैं। बाबा सिद्दीकी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अजीत पवार गुट में शामिल हो गए, जबकि मिलिंद देवड़ा को एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल किया गया। बाबा सिद्दीकी के बेटे, जीशान बांद्रा पूर्व से विधायक हैं, और वो भी अपने पिता की तरह पार्टी छोड़कर एनसीपी अजीत पवार गुट का दामन थाम सकते हैं।

बाबा सिद्दीकी ने कहा कि उन्होंने एनसीपी (अजीत पवार) में शामिल होने से पहले अपने विधायक बेटे जीशान सिद्दीकी और पूर्व कांग्रेस सांसद प्रिया दत्त से सलाह ली थी। मुंबई कांग्रेस के एक प्रमुख मुस्लिम चेहरे, सिद्दीकी ने उस समय मंत्री के रूप में भी काम किया था जब कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन महाराष्ट्र में सत्ता में था। अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी अब शिवसेना शिंदे गुट के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार का एक घटक है, जिसमें भाजपा भी शामिल है।

महाराष्ट्र से और खबरें

महाराष्ट्र बीजेपी प्रमुख चन्द्रशेखर बावनकुले ने दावा किया, ''महाराष्ट्र कांग्रेस में कलह है, अशोक चव्हाण ने इस्तीफा दे दिया है और कांग्रेस में आंतरिक झगड़े हैं। कोई नेता नहीं है और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ओबीसी समुदाय को गाली दे रहे हैं, इसीलिए कोई उनके साथ नहीं रहना चाहता और इसीलिए लोग जा रहे हैं। हां, अगर कोई बीजेपी में शामिल होना चाहता है तो उसका स्वागत है।'

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
क़मर वहीद नक़वी
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

महाराष्ट्र से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें