loader

गृह मंत्रालय ने एनआईए को सौंपी मनसुख हिरेन मौत मामले की जांच

मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के पास विस्फोटकों से भरी कार के मालिक मनसुख हिरेन की मौत के मामले की जांच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एनआईए को सौंप दी है। अब तक महाराष्ट्र एटीएस इस मामले की जांच कर रही थी। एटीएस ने अब तक इस मामले में करीब 25 लोगों से पूछताछ की है, इनमें से एक प्रमुख नाम मुंबई क्राइम ब्रांच की कांदिवली यूनिट के सीनियर इंस्पेक्टर सुनील माने का भी है।

दूसरी ओर, एनआईए लगातार छापेमारी कर इस बात का पता लगाने की कोशिश में जुटी हुई है कि आखिरकार सचिन वाजे ने स्कॉर्पियो कार के अंदर विस्फोटक क्यों रखा था। एनआईए ने सचिन वाजे के क्राइम ब्रांच के ऑफिस में जो छापेमारी की थी उसमें फिलहाल क्राइम ब्रांच को सुबूत मिटाने की जानकारी हाथ लगी है।

ताज़ा ख़बरें

रीक्रिएट किया क्राइम सीन 

शुक्रवार की रात को एनआईए ने मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर क्राइम सीन रीक्रिएट किया। सबसे पहले पूरे इलाके में लोगों और वाहनों की आवाजाही को बंद कर दिया गया। इस दौरान सचिन वाजे को ढीले कुर्ते में मौके पर चलवाया गया। एनआईए ने पहले सड़क पर एक निशान बनाया फिर वहां से सचिन वाजे को चलने के लिए कहा। 

सचिन वाजे को ढीला कुर्ता इसलिए पहनाया गया था क्योंकि 25 फरवरी की रात को सचिन वाजे ने जब विस्फ़ोटक से भरी स्कॉर्पियो कार को एंटीलिया के पास पार्किंग में लगाया था तो उसके कुछ देर बाद सचिन वाजे अपनी पहचान छिपाने के लिए ढीला कुर्ता पहनकर और सिर पर रुमाल रखकर उस स्कॉर्पियो का मुआयना करने के लिए आया था। 

महाराष्ट्र से और ख़बरें

सचिन वाजे की यह हरकत उस समय सीसीटीवी में कैद हो गई थी। अब एनआईए उसी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सचिन वाजे की बॉडी लैंग्वेज का मिलान करना चाहती है। यही कारण है कि एनआईए ने एंटीलिया के बाहर क्राइम सीन का रीक्रिएशन किया।

एनआईए ने इस पूरे रीक्रिएशन की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई है। क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान वहां पर सीएफएसएल की टीमें भी मौजूद थीं। स्कॉर्पियो में विस्फोटक रखने की जगह पर जांच की गई है और सचिन वाजे से सवाल जवाब भी किये गये। जांच के दौरान एंटीलिया के आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई थी। 

Mansukh Hiren death case handed over to NIA  - Satya Hindi

वाजे के दफ्तर पर मारा था छापा 

सोमवार रात को एनआईए की एक टीम ने क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (सीआईयू) के उस दफ्तर पर छापा मारा था जहां सचिन वाजे बैठते थे। छापेमारी में एनआईए ने सचिन वाजे के लैपटॉप, कम्प्यूटर, आईपैड और कुछ कागजात ज़ब्त किए थे। एनआईए की जांच में पता लगा है कि सचिन वाजे ने अपने लैपटॉप, कम्प्यूटर और आईपैड से सुबूतों को नष्ट कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस केस से जुड़े हुए बहुत से दस्तावेज नष्ट कर दिए गए हैं। अब एनआईए टेक्निकल एक्सपर्ट से नष्ट किए गए सुबूतों को दोबारा वापस प्राप्त करने का प्रयास कर रही है। 

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

'सत्य हिन्दी'
की ताक़त बनिए


गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

महाराष्ट्र से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें