महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर एक बार फिर सियासी उबाल आया हुआ है। मराठा आंदोलन के प्रमुख चेहरा मनोज जरांगे पाटिल ने शुक्रवार को मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उन्होंने राज्य सरकार को चेताते हुए कहा है कि जब तक उनके समुदाय की मांग पूरी नहीं होती है तब तक वह पीछे नहीं हटेंगे, 'चाहे मुझे गोली ही क्यों न मार दी जाए'। इससे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार के लिए चुनौतियां बढ़ती नजर आ रही हैं।
मराठा आरक्षण आंदोलन: क्या मनोज जरांगे की हड़ताल बढ़ाएगी फडणवीस की मुश्किलें?
- महाराष्ट्र
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- 29 Aug, 2025
मराठा आरक्षण आंदोलन एक बार फिर तेज़ हो गया है। मनोज जरांगे की हड़ताल से फडणवीस सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। जानें आंदोलन की ताज़ा स्थिति और राजनीतिक असर।

फडणवीस और मनोज जरांगे
जरांगे ने मराठा समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी के तहत 10% आरक्षण देने की मांग की है। इसमें सभी मराठाओं को कुंभी जाति प्रमाणपत्र जारी करना शामिल है। दूसरी ओर, फडणवीस ने दावा किया है कि उनकी सरकार में मराठा आरक्षण के लिए संवैधानिक रूप से वैध समाधान खोजने के लिए कैबिनेट सब-कमेटी सक्रिय रूप से काम कर रही है।