loader

ठाकरे सरकार के 4 दिन में 280 फ़ैसले, अधिकतर हैं बागियों वाले विभागों के

उद्धव ठाकरे सरकार के बाग़ी नेताओं ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में मंगलवार को जब विद्रोह किया तो बाग़ी मंत्री धड़ाधड़ एक के बाद एक कई सरकारी फ़ैसले कर रहे थे। इस हफ़्ते सोमवार से 4 दिनों में 280 फ़ैसले लिए गए हैं जिनमें से अधिकतर उन मंत्रियों के विभागों ने लिए हैं जो बागी हुए हैं। 

बागियों को लेकर सबसे पहले तब ख़बर आई थी जब कहा गया था कि महाराष्ट्र में हुए विधान परिषद के चुनाव के बाद से एकनाथ शिंदे शिवसेना के 11 विधायकों के साथ सोमवार शाम से ही ग़ायब थे। बाद में 21 जून तक साफ़ हो गया था कि एकनाथ शिंदे 11 विधायकों के साथ गुजरात के सूरत में एक पांच सितारा होटल में ठहरे हुए थे। बाद में यह ख़बर आई थी और दावा किया गया था कि शिंदे के साथ क़रीब 35 विधायक गुजरात के सूरत के एक होटल में मौजूद थे। हालाँकि बाद में इससे ज़्यादा विधायकों के होने के दावे किए गए।

ताज़ा ख़बरें

इसी बीच यह भी ख़बर आई कि एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को तीन सूत्रीय प्रस्ताव भेजा। इस प्रस्ताव में कहा गया कि- बीजेपी के साथ सरकार बनाई जाए, देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाया जाए और खुद शिंदे ने अपने आप को उपमुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव रखा। 

हालाँकि, अब मामला यहाँ तक बढ़ गया है कि बाग़ी विधायकों को असम की राजधानी गुवाहाटी में एक होटल में रखा गया है और शिंदे ने एक नयी पार्टी बनाने की घोषणा कर दी है।

बहरहाल, ऐसी राजनीतिक अस्थिरता के बावजूद राज्य में फटाफट फ़ैसले लिए गए। टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, एक अधिकारी ने कहा, 'सरकार औसतन 25 से 30 निर्णय जारी कर रही है। पिछले चार दिनों में 280 आदेश जारी किए गए हैं। उनमें से अधिकांश उन कैबिनेट सदस्यों द्वारा नियंत्रित विभागों से संबंधित हैं, जिन्होंने अब एकनाथ शिंदे के साथ हाथ मिलाया है। ऐसा अनुमान है कि इन फ़ैसलों को लागू करने के लिए 1,600 करोड़ रुपये के प्रावधान की ज़रूरत होगी।'

महाराष्ट्र से और ख़बरें

रिपोर्ट के अनुसार अधिकारी ने कहा कि ऐसा लगता है कि बाग़ी कैबिनेट सदस्यों ने यह सुनिश्चित किया कि उनके मुंबई छोड़ने से पहले सभी प्रासंगिक आदेश जारी किए जाएँ। उन्होंने कहा, 'उन्होंने सावधानी बरती: आदेश जारी किए गए हैं और इस उद्देश्य के लिए पर्याप्त बजटीय प्रावधान किए गए हैं।'

विदर्भ, मराठवाड़ा और उत्तरी महाराष्ट्र के पिछड़े क्षेत्रों में औद्योगिक उपभोक्ताओं को रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए 1,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। निजी हाउसिंग सोसायटियों को थोक जल वितरण का भी प्रावधान किया गया है। बागी मंत्री गुलाबराव पाटिल के नियंत्रण वाले जलापूर्ति विभाग ने 18 फ़ैसले लिए हैं। अधिकारी ने कहा, 'राज्य के ग्रामीण हिस्सों में कई जलापूर्ति योजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी दी गई है।' इसके अलावा, पुणे-नासिक रेल मार्ग के लिए 249 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।'

ख़ास ख़बरें
शिंदे गुट में शामिल दादा भूसे के नेतृत्व में कृषि विभाग ने आधा दर्जन फ़ैसले लिए हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने भी कई फ़ैसले लिए हैं। फर्जी पशु चिकित्सकों की पहचान के लिए कमेटी गठित की गई है। सहकारी बैंकों के लिए ऑनलाइन भर्ती प्रणाली शुरू करने और ऐसे ही कई फ़ैसले लिए गए हैं।
सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

महाराष्ट्र से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें