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फ़ोटो साभार: ट्विटर/नवाब मलिक/वीडियो ग्रैब/

क्रूज: एनसीपी ने नये वीडियो जारी कर पूछा- एनसीबी के साथ क्या कर रहे थे बीजेपी नेता

क्या कॉर्डेलिया क्रूज पर एनसीबी की छापेमारी मामले में बीजेपी फँस गई है? महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने अब बीजेपी के कार्यकर्ता केपी गोसावी और मनीष भानुशाली के नये वीडियो जारी कर बीजेपी पर हमले तेज कर दिए हैं। उन्होंने इस वीडियो से यह सवाल खड़े करने की कोशिश की है कि क्या क्रूज पार्टी मामले में एनसीबी की कार्रवाई बीजेपी नेताओं के इशारे पर की गई और क्या किसी को जानबूझकर फँसाने के लिए यह सब किया गया। तो क्या इसके पीछे राजनीतिक साज़िश है? 

एनसीपी नेता नवाब मलिक ने बीजेपी से जुड़े केपी गोसावी और प्राइवेट डिटेक्टिव मनीष भानुशाली का वह वीडियो ट्वीट किया है जिसमें दोनों एक सफेद गाड़ी से उतरकर एनसीबी कार्यालय में घुसते हैं। उन्होंने ट्वीट में लिखा है, 'किरण पी गोसावी और मनीष भानुशाली का उसी रात एनसीबी कार्यालय में प्रवेश करने का यह वीडियो है जिस रात क्रूज जहाज पर छापा मारा गया था।'

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इसके अलावा एक अन्य ट्वीट में वह एनसीबी के बयानों में अनियमितता की ओर इशारा कर एजेंसी के मंसूबों पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े के बयान वाले वीडियो को ट्वीट कर पूछा है, 'समीर वानखेड़े का बयान है जिसमें उन्होंने कहा कि आठ से 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है... जबकि आठ को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें यक़ीन क्यों नहीं था? क्या उनका इरादा दो और लोगों को फंसाने का था?'

वैसे, एनसीबी के दूसरे बयानों में भी अनियमितता को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। ये बयान तब आए थे जब बुधवार को एनसीपी ने आरोप लगाया कि आर्यन खान और अरबाज़ मर्चेंट को गिरफ़्तारी के बाद एनसीबी दफ़्तर ले जाते वक़्त जिन लोगों की तसवीर वायरल हुई थी, वे बीजेपी के कार्यकर्ता केपी गोसावी और मनीष भानुशाली हैं।

इस पर एनसीबी ने कहा है कि गोसावी और भानुशाली को एजेंसी के स्वतंत्र गवाह के तौर पर पेश किया गया है। इस बयान पर वरिष्ठ पत्रकार मिलिंद खांडेकर कहते हैं कि 'मनीष भानुशाली ख़ुद को इनफ़ॉर्मर बताते हैं, ऐसे में गवाह हो या मुखबिर, क्या वो आरोपियों को पकड़ कर ला सकते हैं?'

एक दिन पहले ही एनसीपी नेता नवाब मलिक ने मांग की थी कि एनसीबी को खुलासा करना चाहिए कि गोसावी और भानुशाली से इस एजेंसी के क्या संबंध हैं। नवाब मलिक ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि आर्यन ख़ान को बीजेपी इसलिए आरोपी बनाना चाहती थी जिससे कि वह उनके पिता शाहरुख ख़ान पर हमले कर सके। उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार एनसीबी के दम पर महाराष्ट्र सरकार और फ़िल्म इंडस्ट्री को बदनाम करने का काम कर रही है। 

बता दें कि हाल ही में केपी गोसावी की आर्यन खान के साथ एक सेल्फी चर्चा का विषय बनी हुई थी जिसके बाद एनसीबी के डीजी ने साफ़ किया था कि आर्यन खान के साथ सेल्फी लेने वाला एनसीबी का अधिकारी नहीं था। ऐसे में सवाल उठ रहा था कि आर्यन खान को एस्कॉर्ट करने के दौरान उनके साथ वह व्यक्ति आख़िर कौन था।

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नवाब मलिक ने इस बात का खुलासा किया कि आर्यन खान को एस्कॉर्ट करके ले जाने वाला शख्स बीजेपी का कार्यकर्ता केपी गोसावी था। जबकि मनीष भानुशाली अरबाज़ मर्चेन्ट को एस्कॉर्ट कर ले जा रहा था। 

मलिक ने बताया कि भानुशाली ने सोशल मीडिया पर जो प्रोफाइल पिक्चर लगायी है, उसमें वह खुद को बीजेपी का उपाध्यक्ष बताता है। मलिक ने कहा कि केपी गोसावी बहुत बड़ा जालसाज है। वह खुद को प्राइवेट डिटेक्टिव बताता है जबकि उसके ख़िलाफ़ पुणे में फर्जीवाड़े का एक केस दर्ज है।

नवाब मलिक द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद बीजेपी बैकफुट पर आ गई है, हालांकि उसने एनसीपी पर हमला बोला है। बीजेपी नेता और महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर का कहना है कि एनसीपी पहले बार वालों और शराब माफियाओं के पक्ष में बैटिंग किया करती थी, अब अपने दामाद को बचाने के लिए वह ड्रग्स पैडलरों के साथ खड़ी हो गयी है। बता दें कि एनसीबी ने कुछ दिन पहले ही नवाब मलिक के दामाद समीर ख़ान को गिरफ़्तार किया था। 
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