अजित पवार की बारामती एयरपोर्ट पर हुई प्लेन क्रैश में मौत के मामले में अब पवार परिवार ने भी संदेह जताया है। अजित पवार के भतीजे और एनसीपी के शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने कहा है कि इस दुर्घटना को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं और परिवार को भी शक है। उन्होंने 10 फरवरी को मुंबई में एक प्रेजेंटेशन देने की घोषणा की है, जिसमें ये सारे संदेह साफ किए जाएंगे। 28 जनवरी को हादसे के तुरंत बाद ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेताओं ने भी संदेह जताया था और इस मामले की पूरी जाँच की मांग की थी? ममता ने तो यहाँ तक कह दिया था कि मीडिया में पढ़ा था कि अजित पवार बीजेपी छोड़कर वापस शरद पवार की एनसीपी में लौटने वाले थे, ऐसे में यह हादसा संदिग्ध लगता है।

इस बीच अब पवार परिवार का संदेह जताने वाला बयान आया है। रोहित पवार ने बारामती में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, 'हर किसी के मन में सवाल हैं कि हादसा कैसे हुआ। एविएशन एक्सपर्ट्स और पायलट्स से बात करने पर भी कई संदेह हैं। हम परिवार वाले भी संदेह में हैं। हम इन सवालों के जवाब चाहते हैं। 10 फरवरी को मैं मुंबई में प्रेजेंटेशन दूंगा, जिसमें सारे संदेह रखूंगा। उम्मीद है हमें जवाब मिलेंगे।'
एक एनसीपी (एसपी) सांसद बजरंग सोनवणे ने कहा था कि प्लेन में बम लगाया गया हो सकता है। लेकिन रोहित पवार ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि सीधे बम था, लेकिन ऐसे कई एलिमेंट्स हो सकते हैं जो बम की तरह काम कर सकते हैं। क्या किसी पॉलिटिकल लीडर ने ऐसा किया या नहीं, ये हम नहीं कह सकते। लेकिन कई संदेह हैं।'

अन्य नेताओं के सवाल

महाराष्ट्र के कई नेता भी इस हादसे पर सवाल उठा रहे हैं। एनसीपी विधायक अमोल मिटकरी ने पूछा कि क्या इसमें कोई गलत खेल था? उन्होंने प्लेन में लोगों की संख्या पर भी सवाल उठाए, पहले रिपोर्ट में 6 लोग बताए गए थे, लेकिन बाद में 5 के बारे में ही जानकारी दी गई। पायलट को आखिरी समय में क्यों बदला गया? क्या उस समय कोहरा था, जैसा दावा किया गया?

शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है। उन्होंने कहा,
क्या अजित पवार के पास भाजपा से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण फाइलें थीं? क्या हादसे में कोई फाउल प्ले है? फडणवीस जी क्यों कह रहे हैं कि मौत को पॉलिटिसाइज न करें? क्या वे घबराए हुए हैं? क्या वे जिम्मेदार हैं?
संजय राउत
शिवसेना यूबीटी नेता

ममता बनर्जी ने लगाया था साज़िश का आरोप?

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सबसे ज्यादा जोरदार तरीके से सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की। हादसे के तुरंत बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा था, 'यह बहुत सदमे वाली खबर है। अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन हो गया। देश में लोगों की सुरक्षा नहीं बची है, राजनीतिक नेताओं की भी नहीं। मैंने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर पढ़ा था कि अजित पवार बीजेपी छोड़कर वापस शरद पवार की एनसीपी में लौटने वाले थे। ऐसे में यह हादसा संदिग्ध लगता है।'

ममता बनर्जी ने आगे कहा, 'सिर्फ सुप्रीम कोर्ट पर ही भरोसा है। बाक़ी सभी एजेंसियाँ खरीदी जा चुकी हैं या समझौता कर चुकी हैं। जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए, ताकि सच सामने आए।'

अखिलेश, लालू ने की जाँच की माँग

समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने कहा कि ममता की जाँच की मांग सही है। जाँच जरूरी है, तभी हादसे का सच सामने आएगा।

आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव ने शोक जताते हुए कहा, 'बारामती प्लेन हादसे में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार जी के निधन का बहुत दुखद समाचार मिला। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे और परिवार व समर्थकों को इस दुख को सहने की ताक़त दे। हादसे की उच्च स्तरीय जाँच होनी चाहिए।'

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी जांच की मांग की और इसे सिर्फ 'हादसा' मानने से इनकार किया।

सरकार ने क्या कहा?

बीजेपी नेता और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि अजित पवार की मौत को राजनीतिक न बनाया जाए। सिविल एविएशन मिनिस्टर मुरलीधर मोहोल ने बताया कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो और डीजीसीए तेजी से जांच कर रहे हैं।

शरद पवार का पहले का बयान

हादसे के तुरंत बाद शरद पवार ने वीडियो स्टेटमेंट में इसे एक हादसा बताया था और अटकलों पर विराम लगाया था। लेकिन अब परिवार के सदस्यों के संदेह से मामला फिर गरमा गया है।

क्या हुआ था हादसा?

28 जनवरी 2026 को अजित पवार मुंबई से बारामती जा रहे थे। वे लोकल बॉडी चुनावों में प्रचार के लिए जा रहे थे। उनका चार्टर्ड प्लेन Learjet 45 बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया। प्लेन में कुल 5 लोग थे - अजित पवार, उनका पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर विदिप जाधव, पायलट, को-पायलट और फ्लाइट अटेंडेंट। सभी की मौत हो गई, कोई बच नहीं पाया। प्लेन लैंडिंग के दौरान कंट्रोल खो बैठा और आग लग गई। जांच अभी चल रही है।

बहरहाल, अजित पवार और उनके चाचा शरद पवार एनसीपी के अलग-अलग गुटों के नेता थे। अजित पवार कई बार महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम रहे। उनकी मौत से महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव आया है। जांच पूरी होने तक कई सवाल अनुत्तरित हैं। रोहित पवार का 10 फरवरी का प्रेजेंटेशन अहम होगा, जिसमें परिवार के संदेह और सबूत सामने आ सकते हैं।