पुणे पुलिस की क्राइम ब्रांच ने वाघोली के एक बंगले में चल रहे अवैध आश्रम पर तब छापा मारा जब प्राइवेट कंपनी में नौकरी करने वाली महिला ने बाबा पर 15 साल तक रेप करने, करंट लगाने, संपत्ति हड़पने और अमानवीय प्रताड़ना देने के गंभीर आरोप लगाए।
बाबा राधामोहन मिश्रा गिरफ्तार
महाराष्ट्र के पुणे में एक महिला के साथ कथित रेप और अमानवीयता के लिए गिरफ्तार किए गए ढोंगी बाबा को 20 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। खुद को आध्यात्मिक गुरु बताने वाले 59 साल के राधामोहन मिश्रा के साथ ही 7 और लोगों को भी गिरफ्तार किया गया। इन पर आरोप है कि उन्होंने एक महिला को कई सालों तक शारीरिक, मानसिक और यौन उत्पीड़न की यातना दी। रेप करने, करंट लगाने, संपत्ति हड़पने और जबरन पेशाब पिलाने जैसी अमानवीय प्रताड़ना देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पुणे पुलिस के अनुसार पीड़िता सिन्हगढ़ रोड इलाके की 41 साल की एक महिला हैं। वह एक नामी प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती हैं। उन्होंने पुलिस में शिकायत दी है। महिला पिछले कई सालों से राधामोहन मिश्रा के संपर्क में थीं। पुलिस के मुताबिक़, यह सिलसिला 2001 से शुरू हुआ था और 2026 तक चलता रहा। यानी 25 साल से वे संपर्क में रहे। पुलिस का कहना है कि 15 साल से ज़्यादा तक यातना दी गई।
पुलिस ने बताया कि राधामोहन मिश्रा हरियाणा का रहने वाला है। वह क़रीब 8 साल से पुणे में रह रहा था। वह खुद को भगवान जैसी शक्तियाँ रखने वाला बताता था। लोगों से कहता था कि वह स्वास्थ्य, पैसे और परिवार की समस्याएँ दूर कर सकता है। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसने महिला और उसके परिवार को झाँसे में लिया।
'बिजली के झटके तक दिए'
पुलिस के अनुसार आरोप लगाया गया है कि महिला को कई सालों तक बलात्कार किया गया। इस दौरान पीड़िता को इलेक्ट्रिक शॉक दिए गए और आरोप है कि उन्हें जबरदस्ती राधामोहन मिश्रा ने पेशाब पिलाया। मानसिक रूप से उसे बहुत परेशान किया गया। उसे परिवार से अलग-थलग कर दिया गया। महिला ने आरोप लगाया है कि उसके परिवार के सदस्यों को भी उसके ख़िलाफ़ भड़काया गया ताकि वे उसकी बात न मानें और जब पीड़िता शिकायत करतीं तो परिवार वाले नज़रअंदाज़ कर देते।
पुलिस का आश्रम पर छापा
महिला वाघोली इलाके में उबलेनगर स्थित एक बंगले में रह रही थीं जिसे बाबा के आश्रम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। पुणे क्राइम ब्रांच ने इस बंगले पर छापा मारा। इसने राधामोहन मिश्रा के अलावा उसके करीबी सहयोगी कंवल नयन और 6 महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। सभी 8 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 20 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने बंगले से बहुत सारा सामान जब्त किया है।
इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त
पुलिस की कार्रवाई में आश्रम से लैपटॉप, हार्ड डिस्क, टैबलेट, मोबाइल फोन, पेन ड्राइव, सीडी-डीवीडी, सीसीटीवी जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त किए गए हैं। इसके अलावा पुलिस का कहना है कि क़रीब 6.5 लाख रुपये नकद, करीब 15 लाख रुपये की ज्वेलरी और कई प्रकार की दवाइयाँ जब्त की गई हैं। पुलिस को शक है कि इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में महिला के निजी वीडियो हो सकते हैं, जिनका इस्तेमाल उसे ब्लैकमेल करने के लिए किया जाता था। पूरे बंगले में सीसीटीवी कैमरे लगे थे। पीड़िता के रहने की जगह के पास भी सीसीटीवी लगे हुए थे। संपत्ति हड़पने की कोशिश
रिपोर्टों में पुलिस के हवाले से कहा गया है कि राधामोहन मिश्रा महिला की संपत्ति अपने नाम करवाने की कोशिश कर रहा था। कुछ संपत्ति पहले ही ट्रांसफर कर दी गई थी। इसलिए पुलिस ने धोखाधड़ी और फ्रॉड के मामले भी जोड़ दिए हैं।
आश्रम में अंडरग्राउंड टनल की जाँच
पुलिस इस बात की भी जाँच कर रही है कि बंगले के नीचे एक अंडरग्राउंड टनल बनाई जा रही थी या नहीं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या अन्य अनुयायियों के साथ भी ऐसी ही यातनाएँ हुई हैं। यह मामला सामने आने के बाद लोगों में काफी रोष है। पुलिस आगे भी जांच जारी रखे हुए है। यह एक गंभीर आपराधिक मामला है।आसाराम से लेकर राम रहीम दोषी
पुणे में बाबा पर यह दर्ज मामला देश में कई स्वयंभू बाबाओं पर बलात्कार के मामलों में ताज़ा मामला है। पहले के कुछ मामलों में दोषसिद्धि भी हुई है। ये मामले अक्सर आश्रमों में शिष्याओं, भक्तों के यौन शोषण, धमकी और सत्ता के दुरुपयोग से जुड़े हैं। आसाराम बापू पर भी रेप के आरोप हैं। 2013 में जोधपुर आश्रम में 16 वर्षीय नाबालिग लड़की का बलात्कार किया गया। सूरत, अहमदाबाद में भी दो बहनों से बार-बार बलात्कार का आरोप उनपर लगा। 2018 में जोधपुर कोर्ट ने उम्रकैद की सजा दी। 2023 में गुजरात कोर्ट ने दूसरे मामले में भी उम्र कैद की सजा दी।
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह भी दुष्कर्म का दोषी है। 2002 में उसने दो साध्वियों से बलात्कार किया। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या में भी आरोप लगा। 2017 में सीबीआई कोर्ट ने बलात्कार के दो मामलों में 20 साल की सजा। हत्या मामले में आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है। स्वामी नित्यानंद पर भी ऐसे ही आरोप लगे। कई महिलाओं के यौन शोषण, बलात्कार और पोर्नोग्राफी के आरोप हैं। वह देश छोड़कर भाग गया है। इनके अलावा स्वामी चिन्मयानंद, फलाहारी बाबा, वीरेंद्र देव दीक्षित, स्वामी विकासानंद आदि पर भी यौन शोषण, बलात्कार के आरोप दर्ज हुए।