एनसीपी प्रमुख ने कहा, ‘कुछ बीजेपी नेताओं का सुझाव था कि भले ही हम लोग साथ काम नहीं कर सकते। लेकिन उनकी यह मंशा थी कि दोनों दलों के बीच बातचीत होनी चाहिए। यह बातचीत अजीत पवार और फडणवीस के बीच हो रही थी।’
इंटरव्यू के दौरान यह पूछे जाने पर कि क्या शिवसेना के साथ काम करना बीजेपी के साथ काम करने से ज़्यादा आसान होगा? पवार ने कहा, ‘उन्हें इस बात का भरोसा है कि शिवसेना सरकार के कामकाज में हिंदुत्व के मुद्दे को नहीं लाएगी।’