ओडिशा के धेंकनाल में एक ईसाई पादरी बिपिन बिहारी नाईक पर भीड़ के हमले ने राज्य में बढ़ती सांप्रदायिक हिंसा की हक़ीकत को उजागर कर दिया है। विपक्ष ने इसे जंगल राज करार दिया और कहा कि उस राज्य में 'सांप्रदायिक तनाव' है जहां जून 2024 में बीजेपी ने अकेले अपने दम पर अपनी पहली सरकार बनाई। पिछले डेढ़ साल में कई ऐसी सांप्रदायिक घटनाएँ हुई हैं और उसमें दक्षिणपंथी गुटों पर आरोप लगे हैं।

ईसाई पादरी बिपिन बिहारी नाईक से मारपीट मामले में भी ऐसा ही आरोप लगा। यह घटना धेंकानाल जिले के परजंग गांव में हुई। पादरी बिपिन बिहारी नाइक अपनी पत्नी और कुछ अन्य लोगों के साथ एक घर में प्रार्थना सभा कर रहे थे। वहाँ सात परिवारों के लोग प्रार्थना में शामिल थे। अचानक करीब 40 लोगों की भीड़ घर के बाहर जमा हो गई और जबरदस्ती अंदर घुस गई। आरोप है कि उनके साथ मारपीट की गई, उनके चेहरे पर सिंदूर पोता गया, जूतों की माला पहनाई गई और गांव में घुमाया गया। आरोप है कि यह हमला धर्मांतरण के शक में किया गया। पादरी की पत्नी ने शिकायत दर्ज कराई। जब इस घटना पर देश भर में बवाल हुआ तो गुरुवार को ओडिशा पुलिस ने नौ लोगों को हिरासत में लिया और पूछताछ कर रही है।
धेंकनाल के एसपी अभिनव सोनकर ने द इंडियन एक्सप्रेस से कहा, "हमने घटना की जानकारी पादरी की पत्नी की शिकायत के बाद ली। हम हमले, सिंदूर पोतने, जूतों की माला पहनाने और मंदिर के सामने झुकाने के आरोपों की जांच कर रहे हैं। लेकिन नाले का पानी पिलाने या गोबर खिला देने जैसे कुछ दावे शिकायत में नहीं हैं और हमें कोई सबूत नहीं मिला।' पुलिस ने कहा कि पादरी को गंभीर चोट नहीं आई है।

ओडिशा में लगातार हो रही ऐसी हिंसा

यह घटना ओडिशा में पिछले 19 महीनों में हुई सांप्रदायिक हिंसा की एक और कड़ी है। जून 2024 में भाजपा ने राज्य में पहली बार अकेले सरकार बनाई थी, उसके बाद से कई जगहों पर दंगा, इंटरनेट बंद और कर्फ्यू लगाने की नौबत आई है। ज्यादातर मामलों में आरोपी दक्षिणपंथी हिंदू संगठनों से जुड़े बताए जाते हैं। कई मामले रिपोर्ट नहीं होते क्योंकि पीड़ित बंगाली भाषी मजदूर होते हैं, जो पुलिस से डरते हैं।

हाल की प्रमुख घटनाएँ

  • 14 जनवरी 2026: बालासोर जिले में एक मुस्लिम युवक मकंदर मोहम्मद को कथित 'गौ-रक्षकों' ने पीटा। वीडियो में दिखा कि उसे 'जय श्री राम' बोलने और गाय को मां कहने को मजबूर किया गया। शुरुआत में पुलिस ने हेट क्राइम से इनकार किया, लेकिन बाद में हत्या का केस दर्ज हुआ। तीन लोग गिरफ्तार हुए, जबकि कुछ 'गौ-रक्षकों' ने एसपी ऑफिस के बाहर धरना दिया।
  • दिसंबर 2025: संबलपुर में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के 30 साल के जुएल शेख को 'अवैध बांग्लादेशी' होने के शक में पीट-पीटकर मार दिया गया। पुलिस ने कहा कि झगड़ा बीड़ी को लेकर था, लेकिन परिवार ने हेट क्राइम बताया। छह लोग गिरफ्तार हुए।
  • नवंबर 2025: गंजाम जिले के रानीपड़ा गांव में मुर्शिदाबाद के सर्दियों के कपड़े बेचने वाले को 'बांग्लादेशी' कहकर पीटा गया। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार कोई गिरफ्तारी नहीं हुई क्योंकि शिकायत नहीं आई।
  • जनवरी 2026: मयूरभंज में शेख सरूफ नाम के युवक को पीटा, कपड़े उतारे और धार्मिक नारे लगवाए। दो लोग गिरफ्तार किए गए।
  • क्रिसमस 2025 से पहले: पुरी में सांता क्लॉज टोपी बेचने वाले स्ट्रीट वेंडर को गाली-गलौज कर भगाया गया। कोई शिकायत नहीं।
  • अक्टूबर 2025: कटक में दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान झड़प से दंगा हुआ। तीन दिन कर्फ्यू लगा। वीएचपी के सदस्यों ने पुलिस से झड़प की, दुकानें और गाड़ियां जलाईं।
  • दिसंबर 2024: बालासोर में दो आदिवासी महिलाओं को पेड़ से बांधकर पीटा गया, आरोप ईसाई बनने का था। वीडियो वायरल होने पर कार्रवाई हुई।
  • जून 2024: भाजपा सरकार बनते ही बालासोर में नाले के पानी के लाल होने की अफवाह से दंगा हुआ, कर्फ्यू लगा। भद्रक में इंटरनेट बंद, खुदा में कर्फ्यू लगा।

विपक्षी दलों के आरोप

विपक्षी दल बीजद और कांग्रेस ने इसे 'जंगल राज' बताया। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार बीजद सांसद सुलता देव ने कहा, 'सत्ता में कुछ लोगों का इकोसिस्टम है जो ऐसी घटनाओं को बढ़ावा देता है। सरकार का फर्ज है सबकी रक्षा करना, खासकर अल्पसंख्यकों की।' पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राज्य की सांप्रदायिक सद्भाव की छवि बचाने की अपील की। कांग्रेस प्रवक्ता अमिया पांडव ने कहा कि अल्पसंख्यकों पर नफरत के अपराध भाजपा द्वारा संरक्षित और संगठित हैं। बीजेपी विधायक अशोक मोहंती का कहना है कि माझी सरकार के कुछ न करने का विपक्ष का आरोप बेबुनियाद है। उन्होंने कहा कि "मवेशी तस्करों पर हमले सिर्फ लोगों के गुस्से की झलक हैं। जो लोग मवेशी तस्करी में शामिल हैं, उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए।"