एग्रीस्टैक का यह डेटाबेस लैंड रिकॉर्ड आधार पर तैयार किया जा रहा है इसलिए यह डर भी है कि इससे भारत में किसानों की परिभाषा बहुत सीमित हो जाएगी। किसान संगठनों का कहना है कि इसके आधार पर तो किसान सिर्फ़ वही माने जाएंगे जिनके पास छोटा या बड़ा ज़मीन का कोई टुकड़ा है।
यह डेटाबेस लैंड रिकॉर्ड आधार पर तैयार किया जा रहा है इसलिए यह डर भी है कि इससे भारत में किसानों की परिभाषा बहुत सीमित हो जाएगी। किसान संगठनों का कहना है कि इसके आधार पर तो किसान सिर्फ़ वही माने जाएंगे जिनके पास छोटा या बड़ा ज़मीन का कोई टुकड़ा है।