अयोध्य विवाद के निपटारे के लिए बनी मध्यस्थता समिति के सामने दोनों पक्ष समझौते के लिए कितना झुकेंगे यह कहना मुश्किल है, क्योंकि आज भी वे अपनी-अपनी बात पर अड़े हुए हैं।
विवादित परिसर में मसजिद के पुनर्निर्माण का विरोध करते हुए रामलला विराजमान के पक्षकार त्रिलोकी नाथ कहते हैं, ‘हम इसे राम का जन्म स्थान मानते हैं, जबकि मुसलमानों के लिए बाबरी मसजिद विजय का प्रतीक थी।’
पिछले प्रयासों की तुलना में यह समिति अलग है क्योंकि यह सीपीसी के सेक्शन 9 के तहत गठित की गई है और यह पहली बार हुआ है। इस सेक्शन में ज़मीन-जायदाद से सम्बंधित सिविल मुक़दमे आते हैं।