आरोग्य सेतु ऐप को लेकर न सिर्फ़ कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने सवाल खड़े किए हैं बल्कि विश्व स्वास्थ्य संगठन और इंटरनेट फ़्रीडम फ़ाउंडेशन नामक एक संगठन ने भी अपनी चिंता जताई है।
डब्ल्यूएचओ के इमर्जेंसी हेड माइक रायन के मुताबिक़, ‘हम इस बात पर ज़ोर देना चाहेंगे कि आईटी टूल्स सार्वजनिक स्वास्थ्य कर्मचारियों की जगह नहीं ले सकते हैं, जिनकी ज़रूरत ट्रेस, जाँच, आइसोलेट और क्वॉरंटीन करने में पड़ती है।’
आईएफ़एफ़ ने कहा है कि इसमें कई कमियाँ हैं। पहली कमी यह है कि भारत में व्यापक डाटा सुरक्षा क़ानून का अभाव है और जो सर्विलांस और इंटर्सेप्शन के क़ानून हैं वे वर्तमान हालातों से बहुत पीछे हैं।