ऊपरी तौर पर भले ही लगता हो कि बीजेपी ध्रुवीकरण करने में कामयाब नहीं हुई लेकिन ऐसा नहीं है। बीजेपी का वोट प्रतिशत 32 से बढ़कर 38 हो गया और सीटें भी 3 से बढ़कर 8 हो गईं। यदि कांग्रेस थोड़ा बेहतर प्रदर्शन करती यानी उसे 4-5 प्रतिशत के बजाय 8-10 प्रतिशत वोट मिलते तो बीजेपी 15-20 सीटें जीत सकती थी।
बीजेपी जब राम मंदिर की राजनीति कर रही थी और दिल्ली में वोटिंग से एक दिन पहले अयोध्या के रामजन्म भूमि तीर्थ ट्रस्ट के गठन का एलान कर दिया गया तो मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हनुमान को लेकर आ गए।