loader

बाइडन के आने से और बेहतर होंगे भारत-अमेरिका के संबंध

बाइडन-प्रशासन की नीति चीन, रुस, यूरोप और मैक्सिको आदि लातीनी-अमेरिकी देशों के प्रति कैसी होगी, इसका विस्तृत विवेचन अलग से किया जाएगा लेकिन हमारी पहली जिज्ञासा यह है कि भारत के प्रति उसकी नीति कैसी होगी? इसमें शक नहीं कि बाइडन और कमला के लिए अमेरिकी राष्ट्रहित की रक्षा का महत्व सर्वोपरि रहेगा लेकिन इसी आधार पर भारत के साथ अमेरिका के संबंध पहले से भी बेहतर होंगे, इसकी पूरी संभावना है।

डॉ. वेद प्रताप वैदिक

अमेरिका के नए राष्ट्रपति जो बाइडन ने शपथ लेते ही डोनल्ड ट्रंप के 17 फैसलों को उलट दिया और बंटे हुए अमेरिकी दिलों को जोड़ने का संकल्प लिया। उनके मंत्रिमंडल और प्रशासन में भारतीयों को जितना और जैसा स्थान मिला है, आज तक किसी अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रशासन में नहीं मिला है। 

कमला हैरिस के तौर पर पहली महिला और भारतीय मूल के पहले व्यक्ति को उप-राष्ट्रपति का स्थान मिला है, यह एतिहासिक घटना है। कमला हैरिस अन्य पूर्व उप-राष्ट्रपतियों के मुक़ाबले अधिक प्रभावशाली भूमिका निभाएँगी, इसमें जरा भी संदेह नहीं है।

ताज़ा ख़बरें
बाइडन-प्रशासन की नीति चीन, रुस, यूरोप और मैक्सिको आदि लातीनी-अमेरिकी देशों के प्रति कैसी होगी, इसका विस्तृत विवेचन अलग से किया जाएगा लेकिन हमारी पहली जिज्ञासा यह है कि भारत के प्रति उसकी नीति कैसी होगी? इसमें शक नहीं कि बाइडन और कमला के लिए अमेरिकी राष्ट्रहित की रक्षा का महत्व सर्वोपरि रहेगा लेकिन इसी आधार पर भारत के साथ अमेरिका के संबंध पहले से भी बेहतर होंगे, इसकी पूरी संभावना है।

देखिए, अमेरिका के हालात पर चर्चा- 

जब तक चीन के साथ अमेरिका का शीतयुद्ध चलता रहेगा, भारत और अमेरिका प्रशांत महासागर क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे लेकिन ट्रंप के विपरीत बाइडन ज़रा संयम से काम लेंगे। वे भारत को चीन के विरुद्ध उकसाने की कोशिश शायद ही करें। इसी तरह वे पाकिस्तान के साथ भी नरमी से पेश आएंगे ताकि वे अफगान-संकट को सुलझाने में कामयाब हो सकें। 

वे ईरान पर भी ट्रंप के प्रतिबंधों को रद्द करेंगे और ओबामा की तरह बीच का रास्ता निकालेंगे। ईरान से हुए परमाणु समझौते को फिर से जीवित करके बाइडन यूरोपीय देशों की सराहना अर्जित करेंगे और भारत-ईरान संबंधों को भी बढ़ावा मिलेगा। 

विचार से और ख़बरें

चाबहार परियोजना और मध्य एशिया तक थल-मार्गों की राह खुलेगी। विश्व-स्वास्थ्य संगठन के बारे में ट्रंप-नीति को उलटने से भारत को विशेष लाभ होगा। वीज़ा नीति के बदलाव से अमेरिका में भारतीयों के रोज़गार के मौके बढ़ेंगे।

यह ठीक है कि डेमोक्रेटिक पार्टी मोदी सरकार के कुछ फैसलों का विरोध करती रही, जैसे धारा 370 हटाने, नागरिकता संशोधन और मानव अधिकारों का उल्लंघन आदि मुद्दों पर लेकिन ट्रंप जब आंख मींचकर इनका समर्थन कर रहे थे तो ट्रंप-विरेाधी डेमोक्रेटिक पार्टी इनका विरोध क्यों नहीं करती? 

वह मोदी से ज्यादा, ट्रंप का विरोध कर रही थी। यों भी मोदी ने बाइडन-प्रशासन का पहले दिन से ही जैसा भाव-भीना स्वागत किया है, उसका भी असर तो पड़ेगा ही।

(डॉ. वेद प्रताप वैदिक के ब्लॉग www.drvaidik.in से साभार)

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

'सत्य हिन्दी'
की ताक़त बनिए


गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
डॉ. वेद प्रताप वैदिक
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

विचार से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें