पेगासस मामले में जाँच के लिए सर्वोच्च न्यायालय ने समिति का गठन तो कर दिया, लेकिन क्या यह जाँच इतनी आसान है? यदि सरकार ने जाँच में सहयोग नहीं किया तो समिति के सामने क्या मुश्किलें आएँगी?
दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा निजता के अधिकार का है। संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत भारतीय नागरिकों की व्यक्तिगत ज़िंदगी को संरक्षण मिला हुआ है। क्या इस मामले में यह दीवार दरकी है?
‘मनुष्य की बनाई किसी संस्था में ख़तरा न हो- यह संभव नहीं। संस्था जितनी बड़ी होगी, उसका दुरुपयोग भी उतना ही बड़ा होगा। लोकतंत्र एक बड़ी संस्था है। उसका दुरुपयोग हो सकता है। लेकिन उसका इलाज लोकतंत्र से बचना नहीं बल्कि दुरुपयोग की आशंका को कम से कम करना है।'
"संविधान चाहे जितना अच्छा हो यदि उसका क्रियान्वयन करने वाले लोग अच्छे नहीं होंगे तो वह श्रेष्ठतम संविधान भी किसी काम का नहीं है।”