loader

सुशांत केस- कड़ी-3: सारे आरोप रिया पर ही क्यों? क्या उसे निशाना बनाया जा रहा है?

फिल्मी सितारे सुशांत सिंह राजपूत की रहस्यमय मौत के मामले में शक की सारी सुईयां अब इस युवा अभिनेता की लिव-इन पार्टनर और अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती पर आकर ठहर गई हैं। जितने मुंह, उतनी बातें हो रही हैं। 

सुशांत के पिता के.के. सिंह उन पर गंभीर आरोप लगाते हैं। रिया उनकी दर्ज करवाई एफ़आईआर के विरोध में सुप्रीम कोर्ट जा पहुंची हैं। रिया को एक राजनेता विषकन्या तक करार देते हैं। रिया आंसुओं की बाढ़ में निर्दोष होने की दुहाई दे रही हैं। बिहार पुलिस उन्हें खोज रही है, वे सेल फोन बंद करके गायब हैं। 

पिता ने कराई एफ़आईआर

सुशांत सिंह के पिता के.के. सिंह ने पटना पुलिस में दर्ज शिकायत में रिया चक्रवर्ती, उसके पिता इंद्रजीत चक्रवर्ती, मां संध्या चक्रवर्ती, भाई सौविक चक्रवर्ती, श्रुति मोदी समेत कुल छह लोगों के ख़िलाफ़ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करवाया है। उन्होंने सात पेज की लंबी-चौड़ी शिकायत पटना के राजीव नगर थाने में अधिकारियों को सौंपी है, जिसके आधार पर मामला दर्ज हुआ है। 

पटना पुलिस में एफ़आईआर दर्ज करवाने में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दख़ल देना पड़ा था। यह एफ़आईआर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 341, 342, 380, 406, 420 और 306 के तहत 25 जुलाई, 2020 को दर्ज हुई है। मामले की छानबीन अतिरिक्त थाना प्रभारी योगेंद्र कुमार कर रहे हैं।

ताज़ा ख़बरें

आईपीसी की धारा 341 किसी को जबरन रोकने पर लगाई जाती है। धारा 342 गलत तरीके से किसी को हिरासत में रखने पर लगती है। धारा 380 घर में चोरी पर लगाई जाती है। धारा 406 आपराधिक धोखाधड़ी (क्रिमिनल ब्रीच ऑफ़ ट्रस्ट के लिए लगाई जाती है। धारा 420 ठगी और संपत्ति हथियाने पर लगती है। धारा 306 आत्महत्या के लिए उकसाने पर लगाई जाती है।

इस एफ़आईआर की जांच से डरी रिया ने फौरन सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। उन्होंने अपने वकील के जरिए एक याचिका दायर की और मामला मुंबई स्थानांतरित करने की मांग रखी। जब के.के. सिंह को इस याचिका के बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल कर दी कि उन्हें सुने बिना मामले पर सुप्रीम कोर्ट कोई फैसला न करे। 

के.के. सिंह के कैविएट दाखिल करते ही बिहार सरकार ने भी अपनी तरफ से पूर्व अटॉर्नी जनरल एम. रस्तोगी को सुप्रीम कोर्ट में के.के. सिंह को इस मामले में सहयोग देने के लिए नियुक्त कर दिया। 

के.के. सिंह ने पटना पुलिस में जो एफ़आईआर दर्ज करवाई है, उसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं- 

1. सुशांत की मेडिकल रिपोर्ट्स मीडिया में देकर पागल बताने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रही थी।

2. रिया उनके बेटे को अपने परिवार से अलग कर रही थी। उससे हमें न तो मिलने दे रही थी, न ही हमें टेलीफ़ोन पर बात ही करने देती थी। 

3. सुशांत के बैंक खातों से करोड़ों रुपये का गबन रिया और उसके भाई सौविक चक्रवर्ती ने किया है। यह रकम लगभग 15 करोड़ रुपये है। सुशांत के पिता का आरोप है कि रिया ने सुशांत के बैंक खातों से एक साल में ही ऐसे बैंक खातों में बड़ी रकम भेजी हैं, जिनका सुशांत से कोई संबंध नहीं है। इन सबके कारण सुशांत बहुत परेशान थे।

4. दिशा सालियन केस में फंसाने की धमकी भी रिया ने सुशांत को दी थी। सुशांत को इस बात का डर था कि रिया सुशांत को इस मामले में फंसा सकती है। दिशा को बतौर मैनेजर रिया ने ही नियुक्त किया था। सुशांत की मौत से कुछ दिनों पहले ही दिशा ने आत्महत्या कर ली थी। यह बात और है कि मुंबई पुलिस ने साफ किया है कि सुशांत सिंह की मौत और दिशा की आत्महत्या के मामले आपस में नहीं जुड़े हैं।

5. इलाज के बहाने रिया ने सुशांत को कब्जे में कर लिया था। उन्हें बहुत गलत और खतरनाक दवाएं दे रही थी। उसने सबको बताया कि सुशांत को डेंगू है जबकि यह बिल्कुल गलत था।

6. सुशांत के पिता ने एफ़आईआर में यह भी लिखा है कि रिया सुशांत को अपने घर ले गई थी। रिया खुद ही उसे दवाइयां दे रही थी। उसने सुशांत को बहुत ज्यादा मात्रा में दवाइयां दीं। 

7. सुशांत के पिता ने रिया पर यह भी आरोप लगाया कि सुशांत को प्रिया पागलखाने में भर्ती कराना चाहती थी। सुशांत ने यह बात उन्हें कई बार बताई थी।

8. के.के. सिंह ने यह भी कहा कि रिया और उसके परिवार के सामने सुशांत बेबस हो चला था।

9. सुशांत जब अपनी बहनों से मिलने गए तो रिया ने मुंबई वापस आने के लिए भी बहुत दबाव डाला था।

10. रिया और उसका परिवार धीरे-धीरे सुशांत की हर चीज पर कब्जा कर रहा था। यहां तक कि उसका फोन भी अपने पास रखा था।

11. सुशांत को फिल्मों के ऑफर मिलते, तो रिया शर्त रखती कि उसे मुख्य भूमिका में लेने पर ही सुशांत फिल्म में काम करेंगे।

12. सुशांत के पिता ने एफ़आईआर में यह भी आरोप लगाया है कि जब सुशांत के पास पैसों की कमी होने लगी, तो रिया ने उसे छोड़ दिया। उसका नंबर भी ब्लॉक कर दिया था।

13. एफ़आईआर में आरोप लगाया है कि रिया ने सुशांत के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, जेवरात और दस्तावेज भी घर से बाहर निकलने के पहले चोरी कर लिए थे। उन्होंने दावा किया कि इस बारे में सुशांत ने उनकी बेटी से फोन पर बात की थी। उन्होंने दावा किया कि सुशांत ने उनकी बेटी से कहा था कि रिया उसे फंसा सकती है। 

14. एफ़आईआर के मुताबिक़, रिया एक विज्ञापन की शूटिंग के सिलसिले में यूरोप गई थी। उसके टिकट भी सुशांत के बैंक अकाउंट से बुक करवाए थे। 

15. यूरोप यात्रा के दौरान रिया ने सुशांत के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल अपने खर्च के लिए किया था।

16. के.के. सिंह के मुताबिक़, सुशांत सिंह राजपूत का इरादा केरल में जैविक खेती करने का था। फिल्मद्योग छोड़ने के बाद वे जैविक खेती के लिए केरल जाने की योजना बना रहे थे। इसी इरादे से केरल में उचित ज़मीन की तलाश में भी लगे थे। उनका आरोप है कि रिया सुशांत की योजना का विरोध कर रही थी। उसे ब्लैकमेल कर रही थी। रिया ने धमकी दी कि अगर वह केरल में संपत्ति खरीदेगा तो सुशांत की मानसिक स्थिति और इलाज के मेडिकल प्रिसक्रिप्शन मीडिया को जारी कर देगी। उसे बर्बाद कर देगी। बावजूद इसके सुशांत अपने इरादे पर कायम था। 

सुशांत सिंह के पिता के मुताबिक़, जब प्रिया को महसूस होने लगा कि सुशांत अब उसके काम का नहीं रह गया है तो उसने सुशांत का लैपटॉप, नगदी, जेवरात, एटीएम–क्रेडिट कार्ड वगैरह हथिया लिए और उसकी हत्या करवा दी।

रिया का काला जादू

सुशांत की बहन मीतू ने रिया पर काला जादू और तांत्रिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है। मीतू ने आरोप लगाया है कि सुशांत के एक घरेलू नौकर ने उन्हें जानकारी दी कि सुशांत के घर में रिया काला जादू और तंत्र मंत्र की गतिविधियां करती थी।

मीतू ने बिहार पुलिस को दिए बयान में बताया है कि रिया ने उन्हें 8 जून, 2020 को फोन किया था और सुशांत से झगड़े के बारे में बताया था।

इसके बाद मीतू सुशांत के पास कुछ दिन रहने के लिए गईं ताकि उसे सहारा दे सकें। उस समय रिया घर से चली गई थी। मीतू चार दिन सुशांत के साथ उनके घर में रहीं और 12 जून को अपने घर लौट गईं क्योंकि उनके बच्चे छोटे थे, जिन्हें देखभाल की ज़रूरत थी। 

रिया के कब्जे में लैपटॉप

रिया पर सबूत नष्ट करने के आरोप भी लग रहे हैं। मुंबई पुलिस और बिहार पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक़, सुशांत का एक लैपटॉप रिया के कब्जे में है। इस लैपटॉप में बहुत ज़रूरी सूचनाएं दर्ज हैं। माना जा रहा है कि रिया ये सबूत नष्ट कर सकती है। यह लैपटॉप हमेशा के लिए गायब भी हो सकता है। सुशांत के बैंक खातों से जुड़े काफी दस्तावेज भी रिया साथ ले गई, जिनके बारे में अभी तक पुलिस को कोई सूचना नहीं मिली है। 

पर्सनल ट्रेनर का स्टिंग और खुलासे

31 जुलाई, 2020 को एक ख़बर ने लोगों को चौंका दिया। रिपब्लिक टीवी के एक स्टिंग ऑपरेशन में सुशांत सिंह के पर्सनल जिम ट्रेनर सामी अहमद दावा करते हैं कि सुशांत सिंह को रिया चक्रवर्ती ऐसी दवाएं दे रही थीं, जो उनके लिए खतरनाक साबित हो सकती थी। सामी अहमद ने दावा किया कि रिया से संबंध बनने के बाद सुशांत के व्यवहार में उन्हें परिवर्तन महसूस हुआ। सामी अहमद के मुताबिक़, सुशांत ने पहले कभी ऐसी दवाएं नहीं ली थीं। 

अंकिता लोखंडे का बयान

बिहार पुलिस को दिए बयान में सुशांत की एक्स गर्लफ़्रेंड अंकिता लोखंडे ने दावा किया कि रिया दरअसल सुशांत को परेशान कर रही थी। इसके कारण सुशांत रिया से संबंध तोड़ना चाहते थे। रिया ने सुशांत के साथ क्या किया है, उसके बारे में 2019 में अंकिता और सुशांत के बीच वाट्सएप पर जो चैट हुई, उसके स्क्रीनशॉट अंकिता ने बिहार पुलिस को आधिकारिक रूप से सौंपे हैं। 

Sushant singh Rajput suscide case rhea chakraborty accused - Satya Hindi
सुशांत के साथ रिया चक्रवर्ती।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक़, यह चैट मणिकर्णिका फिल्म के प्रमोशन के दौरान सुशांत और अंकिता के बीच वाट्सएप पर मैसेज भेजने के बाद हुई थी। अंकिता ने दावा किया कि सुशांत ने उन्हें बताया था कि रिया उन्हें टॉर्चर करती है।

सुशांत के दोस्त महेश शेट्टी के अलावा उन बैंक अधिकारियों से भी बिहार पुलिस ने पूछताछ की जो सुशांत के खातों की देखभाल करते थे। सुशांत के घरेलू नौकरों से भी पूछताछ हुई है।

इस बीच दैनिक जागरण अखबार ने 1 अगस्त को ख़बर दी कि बिहार पुलिस की जांच गति पकड़ चुकी है। इस बारे में बिहार पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडे ने महाराष्ट्र पुलिस के महानिदेशक से फोन पर चर्चा की है। पांडे ने बातचीत के दौरान इसे देश के करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बता कर बिहार पुलिस की एसआईटी को सहयोग देने के लिए कहा।

1 अगस्त को बिहार पुलिस का दस्ता कूपर अस्पताल पहुंचा। यहां सुशांत सिंह के शव का पोस्टमार्टम हुआ था। बिहार पुलिस ने कूपर अस्पताल से सुशांत सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट हासिल करनी चाही लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।

मिड डे अख़बार में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, बिहार पुलिस ने मुंबई पुलिस से अनुरोध किया कि उन्हें कुछ पुलिस अधिकारी दें ताकि मुंबई में जांच करना उनके लिए आसान हो सके लेकिन मुंबई पुलिस ने ऐसा नहीं किया। 

एक ख़बर यह भी आई कि सुशांत का इलाज कर रहे डॉक्टरों से भी बिहार पुलिस ने पूछताछ की। बिहार पुलिस ने सुशांत सिंह की अंतिम फिल्म ‘दिल बेचारा’ के सहयोगी कलाकारों और टेक्नीशियन से भी पूछताछ का निर्णय लिया ताकि सुशांत के व्यवहार में आए बदलावों की जानकारी ली जा सके। 

गायब क्यों है रिया?

बिहार पुलिस के अधिकारियों ने रिया से भी पूछताछ करनी चाही लेकिन वो घर पर नहीं मिलीं। उनका सेल फोन भी बंद आ रहा है। उनके नाम पर आधिकारिक रूप से पत्र भी उनके घर पर छोड़ा गया ताकि वे जांच में सहयोग करें लेकिन वे बिहार पुलिस को उपलब्ध नहीं हो रही हैं। रिया के बारे में बिल्डिंग के मैनेजर का कहना है कि वे एक सूटकेस लेकर बिना किसी को कुछ बताए कहीं चली गई हैं। 

रिया के संदिग्ध बर्ताव के कारण ही उस पर बार-बार उंगलियां उठ रही हैं। सवाल किया जा रहा है कि सुशांत के जीवन में रिया के आने से पहले तक यह युवा कलाकार मानसिक रूप से बिल्कुल ठीक था। अचानक ऐसा क्या हो गया कि सुशांत मानसिक रूप से इतना बीमार हो गया कि उसे एक नहीं बल्कि चार डॉक्टरों के पास जाना पड़ा? उसे इतनी तेज और खतरनाक दवाओं के डोज लगातार दिए गए कि वह कई-कई दिनों तक बेहोशी की हालत में कमरे में सोता रहा। क्यों?

मैं निर्दोष हूं- रिया 

तमाम आरोपों पर रिया पहले ही सफाई दे चुकी हैं कि यह सब कोरी बकवास है और मनगढ़ंत बातें हैं। रिया ने सुशांत सिंह की मौत के बाद कहा कि वह सुशांत सिंह की गर्लफ्रेंड थी और 8 जून तक सुशांत के साथ घर में रही थी। उसके बाद अस्थाई रूप से सांताक्रूज में रहने चली गईं।

Sushant singh Rajput suscide case rhea chakraborty accused - Satya Hindi
सुशात की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती।

रिया ने भी सुशांत सिंह की मौत की सीबीआई से जांच करवाने की मांग कर दी है। रिया ने सुप्रीम कोर्ट में भी दस्तक दी और मांग रखी कि उनके ख़िलाफ़ पटना में दर्ज एफआईआर की जांच मुंबई स्थानांतरित की जाए। रिया के वकील सतीश मानेशिंदे ने कहा कि उनकी मुवक्किल ने सुप्रीम कोर्ट में ई-मेल के जरिए याचिका दायर की है।

रिया ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि सुशांत के पिता उसे फर्जी मामले में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। रिया ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका में यह भी कहा है कि इस घटनाक्रम के दौरान उसे हत्या और बलात्कार की धमकियां मिली हैं। वह पहले ही सुशांत की मौत से बुरी तरह परेशान है। 

रिया के मुताबिक़, सुशांत के पिता द्वारा मामला दर्ज करवाने के बाद मीडिया ने लगातार उसे निशाना बना रखा है, जिससे कि वह बेहद परेशान है। रिया ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सुशांत डिप्रेशन से ग्रस्त थे। उन्हें डिप्रेशन से निपटने की दवाइयां भी दी जा रही थीं।

रिया ने याचिका में बताया कि 14 जून, 2020 को सुशांत आत्महत्या का मामला बांद्रा पुलिस ने दर्ज किया था। उसका बयान सीआरपीसी की धारा 175 के तहत दर्ज किया गया है। रिया की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 5 अगस्त को सुनवाई करेगा। 

घटनाक्रम तेजी से बदल रहा था। ऐसे में रिया चक्रवर्ती पर तमाम उंगलियां उठ रही थीं तभी 31 जुलाई, 2020 को रिया का एक वीडियो बयान सामने आता है। इसमें वह कहती हैं कि उन्हें ईश्वर और न्यायपालिका पर बहुत भरोसा है। 

विक्रम भट्ट आए बचाव में

रिया के बचाव में फिल्म निर्माता-निर्देशक विक्रम भट्ट मैदान में कूदे। उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स को दिए साक्षात्कार में कहा कि रिया का पक्ष कोई नहीं सुन रहा है। वो सुशांत की मौत के बाद सदमे में है। विक्रम ने कहा कि लोगों को अकेली लड़की के बारे में किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए और रिया अकेले ही यह लड़ाई लड़ रही है। 

भट्ट ने कहा, ‘हमें रिया के खिलाफ चल रही ‘विच हंटिंग’ से बच कर रहना चाहिए। मैं यह नहीं कहना चाहता कि सुशांत के पिता गलत हैं लेकिन जब तक अदालत का फैसला नहीं आता, तब तक किसी को अपराधी नहीं मानना चाहिए।’ जब उनसे पूछा गया कि महेश भट्ट का नाम भी इस मामले में सामने आ रहा है, तो विक्रम ने कहा कि बहुत सारे लोगों के बयान पुलिस ने दर्ज किए हैं। इसका यह मतलब नहीं कि वे सब परोक्ष या अपरोक्ष रूप से इस मामले से जुड़े हैं।

सत्य सामने आएगा: गुप्तेश्वर पांडे

बिहार के पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडे ने कहा है कि सुशांत सिंह की रहस्यमय मौत के मामले को जल्द ही बिहार पुलिस सुलझा लेगी। सुशांत सिंह ने आत्महत्या की है या उनकी हत्या हुई, यह तो जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगा। फिलहाल तो उनकी महिला मित्र और लिव इन पार्टनर रिया ही सबकी निगाहों का निशाना बनी हुई हैं। 

'सत्य हिन्दी'
की ताक़त बनिए

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
विवेक अग्रवाल
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

विचार से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें