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पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार ने छोड़ी कांग्रेस

पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार ने मंगलवार को कांग्रेस को अलविदा कह दिया है। अश्विनी कुमार ने अपने इस्तीफे का पत्र कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेज दिया है। अश्विनी कुमार मनमोहन सिंह की सरकार में कानून मंत्री रहे थे।

अश्विनी कुमार के पार्टी छोड़ने से कांग्रेस को बीते दिनों में यह एक और बड़ा झटका लगा है। 

कुछ दिन पहले एक और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह ने कांग्रेस छोड़ दी थी। बीते 1 साल में ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद, सुष्मिता देव, अमरिंदर सिंह, लुइजिन्हो फलेरो सहित कई बड़े नेता कांग्रेस से किनारा कर चुके हैं।

अश्विनी कुमार चार दशक से कांग्रेस से जुड़े थे और कांग्रेस में 23 वरिष्ठ नेताओं ने जब सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर तमाम सवाल उठाए थे तो उस वक्त वह सोनिया गांधी के समर्थन में मजबूती के साथ खड़े रहे थे। 

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कुमार ने कहा है कि कांग्रेस छोड़ने का फैसला बेहद दर्द देने वाला है लेकिन पार्टी राष्ट्रीय आकांक्षाओं का मुखपत्र नहीं बन पाई और वह देश से किसी परिवर्तनकारी नेतृत्व का वादा भी नहीं करती। कुमार ने पत्र में कहा है कि कुछ वक्त पहले गुलाम नबी आजाद को पद्मभूषण दिए जाने के मामले में पार्टी के भीतर हुए विवाद ने भी उनके पार्टी छोड़ने के फैसले को और मजबूत किया। उन्होंने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के साथ कांग्रेस के द्वारा किए गए बर्ताव की भी आलोचना की है।

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मुश्किल में कांग्रेस 

2014 के बाद से कई पूर्व केंद्रीय मंत्रियों, कई विधायकों सहित आला पदों पर रहे नेताओं ने कांग्रेस को छोड़ा है। पार्टी लगातार लोकसभा के 2 चुनाव हार चुकी है और पार्टी के अंदर बगावती नेताओं के गुट G23 के कारण भी पार्टी की खासी फजीहत हो चुकी है। ऐसे में पार्टी निश्चित रूप से बेहद मुश्किल में दिखाई देती है लेकिन अगर वह पांच राज्यों के चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करती है तो फिर से मजबूत विपक्षी दल बन सकती है। 

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