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राष्ट्रपति को लेकर उदित राज के ट्वीट पर विवाद, बीजेपी हमलावर

पूर्व सांसद उदित राज के द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर किए गए ट्वीट के बाद बीजेपी ने उन पर हमला बोला है। उनके ट्वीट को लेकर महिला आयोग भी पूर्व सांसद को नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है। 

उदित राज साल 2014 में बीजेपी के टिकट पर दिल्ली की उत्तर-पश्चिम लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे। लेकिन साल 2019 में बीजेपी ने उनका टिकट काट दिया था और उनकी जगह पंजाबी गायक हंसराज हंस को उम्मीदवार बनाया था। 

इसके बाद उदित राज कांग्रेस में शामिल हो गए थे और वर्तमान में असंगठित श्रमिक और कर्मचारी कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। 

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क्या कहा था उदित राज ने?

उदित राज ने बुधवार को ट्वीट कर कहा था, “द्रौपदी मुर्मू जी जैसा राष्ट्रपति किसी देश को न मिले। चमचागिरी की भी हद है। कहती हैं 70% लोग गुजरात का नमक खाते हैं। खुद नमक खाकर ज़िंदगी जिएं तो पता लगेगा।”

बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कुछ दिन पहले गुजरात में आयोजित कार्यक्रम में कहा था कि गुजरात में देश का 76 प्रतिशत नमक बनाया जाता है और यह कहा जा सकता है कि सभी देशवासी गुजरात का नमक खाते हैं।

बीजेपी प्रवक्ता मैदान में उतरे

उदित राज के ट्वीट पर गुरुवार को बीजेपी के तमाम प्रवक्ता सामने आ गए। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस मामले में न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा कि आदिवासी समाज से आने वालीं द्रौपदी मुर्मू लंबे संघर्षों के बाद राष्ट्रपति पद तक पहुंची हैं। लेकिन कांग्रेस नेताओं के द्वारा लगातार इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है। बीजेपी प्रवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कहा कि कांग्रेस लगातार राष्ट्रपति का अपमान कर रही है जबकि एक और राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि उदित राज का बयान कांग्रेस के दलित और आदिवासी विरोधी चेहरे को दिखाता है। उन्होंने कहा कि यह कोई संयोग नहीं है बल्कि कांग्रेस का सोचा समझा प्रयोग है। 

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उदित राज बोले- व्यक्तिगत बयान 

हालांकि ट्वीट पर विवाद होने के बाद पूर्व सांसद उदित राज ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा है कि द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्रपति के तौर पर पूरा सम्मान है और वह दलित-आदिवासी समुदाय की प्रतिनिधि भी हैं और इस समुदाय को उनसे अपने हिस्से का सवाल करने का अधिकार है। उन्होंने कहा है कि उनका यह बयान व्यक्तिगत तौर पर दिया गया बयान है और इसका कांग्रेस से कोई लेना देना नहीं है। उदित राज ने कहा है कि राष्ट्रपति बनने के बाद क्या वह आदिवासी नहीं रही हैं। 

पूर्व सांसद ने कहा है कि बीजेपी ने उन्हें सम्मान दिया लेकिन जब उन्होंने प्राइवेटाइजेशन, रिजर्वेशन का मुद्दा उठाया तो वह बीजेपी के लिए खराब हो गए।

अधीर रंजन के बयान पर हंगामा 

याद दिलाना होगा कि इस साल जुलाई में कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने एक मीडिया साक्षात्कार में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए राष्ट्रपत्नी शब्द का इस्तेमाल किया था। इसे लेकर अच्छा खासा विवाद संसद में हुआ था और इसके बाद अधीर रंजन चौधरी ने इसके लिए माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि उनकी जुबान फिसल गई थी और वह गलत शब्द का इस्तेमाल करने के लिए माफी मांगते हैं।

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