जंतर मंतर पर छात्रों पर पुलिस बर्बरता और पेपर लीक मुद्दे को लेकर चौतरफ़ा घिरी मोदी सरकार के नेता जेपी नड्डा ने अब प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया है कि कांग्रेस की सरकारों में भी कई पेपर लीक हुए। उन्होंने राहुल गांधी पर राजनीति करने का आरोप मढ़ा।
सीजेपी नेताओं के साथ मुलाक़ात के बाद केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता जेपी नड्डा की प्रेस कॉन्फ्रेंस की घोषणा हुई तो छात्रों के मुद्दों को लेकर कुछ उम्मीद बंधी, लेकिन जब प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई तो नड्डा ने छात्रों के मुद्दे छोड़ कांग्रेस पर ताबड़तोड़ आरोप मढ़ने शुरू कर दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकार में भी पेपर लीक हुए थे और विपक्ष व राहुल गांधी छात्रों के मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं। और फिर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार परीक्षा पेपर लीक और नीट विवाद जैसे मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। हालाँकि, उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा, आत्महत्या करने वाले नीट उम्मीदवारों को एक एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद और जंतर मंतर पर छात्रों पर हमले करने वाले पुलिसकर्मियों को ज़िम्मेदार ठहराने जैसी उन मांगों के बारे में कुछ नहीं बोला जो छात्र और विपक्षी दलों की मुख्य मांगें हैं।
बीजेपी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए नड्डा ने बुधवार रात को कहा कि छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और इस पर संसद से बेहतर चर्चा का कोई मंच नहीं हो सकता। उन्होंने विपक्ष, खासकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से अपील की कि इस गंभीर मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय सरकार के साथ मिलकर स्थायी समाधान निकालने में सहयोग करें।
'पेपर लीक पर राजनीति नहीं होनी चाहिए'
आरोप-प्रत्यारोप और राजनीतिक बयानबाजी से ही प्रेस कॉन्फ्रेंस को शुरू करने वाले जेपी नड्डा ने कहा कि छात्रों ने जो मुद्दे उठाए हैं, वे बेहद गंभीर हैं इसलिए इस विषय का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, 'पेपर लीक का मामला बेहद गंभीर है। इस पर गहन चर्चा होनी चाहिए। सरकार संसद में हर पहलू पर चर्चा के लिए तैयार है।'
नड्डा ने कहा कि विपक्ष जिस प्रारूप में चर्चा चाहता है, सरकार उसके लिए तैयार है। उन्होंने कहा, 'चर्चा दो घंटे की हो, 12 घंटे की हो या 18 घंटे की, हमें कोई आपत्ति नहीं है। विपक्ष जैसा चाहे, वैसी चर्चा हो सकती है।' उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि संसद में सभी दल मिलकर ऐसी व्यवस्था बनाएं जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लग सके।राहुल गांधी पर साधा निशाना
जेपी नड्डा ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे केवल केंद्र सरकार पर हमला करने के लिए पेपर लीक का मुद्दा उठा रहे हैं, जबकि विपक्ष शासित राज्यों में हुई ऐसी घटनाओं पर चुप रहते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने संसद में लगभग 150 पेपर लीक का जिक्र किया, लेकिन कई मामले कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की सरकार वाले राज्यों में भी हुए हैं।
नड्डा ने कहा, 'राहुल गांधी इतने चुनिंदा क्यों हैं? कांग्रेस शासित राज्यों में हुई पेपर लीक की घटनाओं पर वे क्यों नहीं बोलते? इससे साफ है कि उनका उद्देश्य छात्रों का हित नहीं, बल्कि राजनीतिक फायदा उठाना है।' नड्डा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पंजाब, केरल और कर्नाटक जैसे राज्यों में भी पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हर मामले की जांच कराने और सच्चाई जनता के सामने रखने के लिए तैयार है।
जेपी नड्डा ने कहा कि छात्रों का भविष्य सभी की जिम्मेदारी है और सरकार तथा विपक्ष को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा, 'बच्चे केवल किसी एक पार्टी के नहीं हैं। वे देश का भविष्य हैं। सरकार और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है कि मिलकर स्थायी समाधान निकालें।'
CJP प्रतिनिधियों से मुलाकात पर क्या बोले?
कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के प्रतिनिधियों से हुई मुलाकात पर नड्डा ने कहा कि बातचीत शांतिपूर्ण माहौल में हुई थी।
उन्होंने बताया कि प्रतिनिधियों ने अपनी मांगें लिखित रूप में सरकार को सौंप दी हैं।
उन्होंने कहा, 'हमने उनकी बातें ध्यान से सुनीं। उनसे कहा कि अपनी मांगें लिखित रूप में दें और उन्होंने ऐसा किया। जब भी वे बातचीत करना चाहेंगे, सरकार तैयार है।' हालांकि उन्होंने साफ़ किया कि बुधवार को सीजेपी के साथ उनकी कोई नई बैठक नहीं हुई।राहुल गांधी ने सरकार पर बोला हमला
इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी सभी मांगें पूरी तरह जायज हैं और उन पर समझौता नहीं किया जा सकता। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा, 'सरकार घबराई हुई है। छात्रों पर जो कार्रवाई हुई, वह इसी घबराहट का परिणाम है।' राहुल गांधी ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्र केवल निष्पक्ष और भरोसेमंद शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, 'ये छात्र आतंकवादी नहीं हैं। वे सिर्फ ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहते हैं जो ईमानदार और निष्पक्ष हो।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में 152 पेपर लीक हुए, लेकिन किसी भी मामले में दोषियों को सजा नहीं मिली।
शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं ने करोड़ों छात्रों और उनके परिवारों का भरोसा तोड़ दिया है। उन्होंने दावा किया कि गरीब और मध्यम वर्ग के परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं पर भारी खर्च करते हैं, लेकिन बार-बार पेपर लीक होने से उनका भविष्य खतरे में पड़ जाता है।
संसद में टकराव जारी
पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। एक तरफ केंद्र सरकार संसद में व्यापक चर्चा कराने की बात कह रही है, वहीं विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय करने की मांग पर अड़ा हुआ है। ऐसे में माना जा रहा है कि संसद के इस सत्र में यह मुद्दा प्रमुख राजनीतिक बहस का विषय बना रहेगा।