तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी छोड़ने के बाद अब मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि एक ही राज्य में अवसर पैदा करना भारत के विकास का मॉडल नहीं हो सकता। सभी एआई कंपनियों से लेकर कॉमनवेल्थ गेम्स तक गुजरात में जा रहे हैं।
तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी छोड़ने के बाद अब मोदी सरकार की नीतियों पर खुलकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि देश के बड़े निवेश, एआई कंपनियां, सेमीकंडक्टर परियोजनाएं और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन अगर लगातार सिर्फ गुजरात को मिलते रहेंगे तो यह पूरे भारत के विकास का मॉडल नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि लोग यह देख रहे हैं और इसको बदलना होगा। इसके साथ ही अन्नामलाई ने कहा कि बीजेपी का फ़ैसला लेने का तरीका अब पहले से ज्यादा 'दिल्ली-केंद्रित' हो गया है और राज्यों के नेताओं को पर्याप्त अधिकार नहीं दिए जा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य स्तर के नेताओं को फैसले लेने और उन्हें लागू करने की आजादी मिलनी चाहिए।
तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और वी द लीडर्स आंदोलन के संस्थापक के. अन्नामलाई ने इंडिया टुडे के तमिलनाडु राउंड टेबल कार्यक्रम में कहा कि विकास का लाभ पूरे देश में समान रूप से पहुँचना चाहिए। उन्होंने सीधे गुजरात का नाम लेते हुए कहा, 'दिल्ली का गुजरात-केंद्रित विकास मॉडल बदलना होगा। सभी एआई कंपनियां, वेफर कंपनियां, 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स, 2030 पुलिस गेम्स और 2036 ओलंपिक अगर गुजरात या अहमदाबाद में ही होंगे तो यह पूरे भारत के विकास का मॉडल नहीं हो सकता।' उन्होंने कहा कि देश के लोग सब कुछ देख रहे हैं और अब विकास को एक राज्य तक सीमित रखने की नीति पर सवाल उठ रहे हैं।
गुजरात में लगातार बढ़े बड़े निवेश
अन्नामलाई की टिप्पणी तब आई है जब पिछले कुछ वर्षों में गुजरात को कई बड़ी औद्योगिक परियोजनाएँ मिली हैं। सबसे बड़ा विवाद 2022 में वेदांता-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर परियोजना को लेकर हुआ था। लगभग 1.54 लाख करोड़ रुपये की इस परियोजना को महाराष्ट्र के बजाय गुजरात में स्थापित करने का फ़ैसला लिया गया। इसके बाद महाराष्ट्र में इसे लेकर राजनीतिक विवाद भी हुआ।
इसके बाद टाटा-एयरबस C-295 विमान निर्माण परियोजना भी गुजरात के वडोदरा में स्थापित की गई। वर्तमान में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, माइक्रोन और सीजी पावर जैसी कई बड़ी कंपनियाँ भी गुजरात में सेमीकंडक्टर परियोजनाओं पर काम कर रही हैं।
खेल आयोजनों को लेकर भी उठे सवाल
अन्नामलाई ने खेल आयोजनों को लेकर भी गुजरात को प्राथमिकता मिलने पर सवाल उठाए। हाल के वर्षों में अहमदाबाद को कई बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी मिली है, जिनमें 2029 वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स, 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स शामिल हैं। 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत ने दावा किया है, जिसमें अहमदाबाद प्रस्तावित मेजबान शहर है।
इसके अलावा 2025 में आईपीएल फाइनल को कोलकाता के ईडन गार्डन्स से अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में स्थानांतरित किए जाने पर भी राजनीतिक विवाद हुआ था।
अन्नामलाई का कहना है कि गुजरात को परियोजनाएँ मिलने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन सवाल यह है कि क्या पूरे देश के नाम पर होने वाले बड़े निवेश और आयोजन हमेशा एक ही राज्य में केंद्रित होने चाहिए।
'लोग सब देख रहे हैं'
अन्नामलाई ने कहा, 'एक ही राज्य में लगातार अवसर पैदा करना भारत के विकास का मॉडल नहीं हो सकता। इसमें बदलाव होना चाहिए। लोग सब देख रहे हैं।'
बीजेपी छोड़ने के बाद पहली बड़ी आलोचना
अन्नामलाई के इन बयानों को बीजेपी से अलग होने के बाद केंद्र सरकार पर उनकी सबसे बड़ी सार्वजनिक टिप्पणी माना जा रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी संगठन में राज्यों की भूमिका पहले की तुलना में कमजोर हुई है।कार्यक्रम के दौरान अन्नामलाई ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय को लेकर सकारात्मक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि नई सरकार को काम करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। अन्नामलाई ने कहा, 'मुख्यमंत्री विजय बहुत कठिन परिस्थिति में काम कर रहे हैं। उन्हें कम से कम एक साल का समय दिया जाना चाहिए। पहले 100 दिनों में मुझे बदलाव की एक नई शुरुआत दिखाई दी है और मुझे लगता है कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर है।' उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल विजय को उनका समर्थन है क्योंकि एक जिम्मेदार तमिल नागरिक के तौर पर वह चाहते हैं कि राज्य की सरकार को अपना काम करने का अवसर मिले।
गुजरात-केंद्रित विकास पर फिर तेज हुई बहस
बहरहाल, अन्नामलाई के बयान के बाद एक बार फिर यह बहस तेज हो गई है कि क्या देश की बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं, निवेश और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों का वितरण सभी राज्यों में संतुलित होना चाहिए। विपक्ष लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि केंद्र सरकार गुजरात को प्राथमिकता देती है, जबकि बीजेपी इस आरोप को खारिज करती रही है और कहती है कि निवेश का फ़ैसला औद्योगिक और प्रशासनिक क्षमता के आधार पर होता है।