इसके अलावा शरद पवार और अखिलेश यादव भी राहुल गांधी के नाश्ते पर नहीं गए थे जबकि दोनों नेता सिब्बल के डिनर में आए थे।
सिब्बल कह चुके हैं कि लोग अब कांग्रेस को एक प्रभावी विकल्प के रूप में नहीं देखते और पार्टी नेतृत्व उन मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रहा है, जिनसे पार्टी जूझ रही है। उनके इस बयान पर कांग्रेस के ही कई सियासी दिग्गजों गहलोत ने उनके ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया था।