पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के भाषण के दौरान किसी ने टिप्पणी की कि पीएम मोदी कहीं नहीं जाएँगे। इस पर खड़गे ने कहा, 'मोदी का बाप भी जाएगा।' इस पर बीजेपी बौखला गई। अमित शाह जैसे बीजेपी नेताओं ने उन पर सीमा लांघने का आरोप लगाया।
नरेंद्र मोदी और मल्लिकार्जुन खड़गे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बिहार की राजधानी पटना में एक सभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर ऐसा जवाब दिया, जिससे सियासी बवाल मच गया। यह तब हुआ जब खड़गे मोदी सरकार पर वोट चोरी का आरोप लगा रहे थे और उन्हें सत्ता से बाहर करने की बात कह रहे थे। जब सभा में किसी श्रोता ने टिप्पणी की कि मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं तो खड़गे ने कहा, 'मोदी का बाप भी जाएगा।' इस टिप्पणी पर बीजेपी बौखला गई। गृहमंत्री अमित शाह समेत कई बीजेपी नेताओं ने खड़गे पर सार्वजनिक शालीनता की सीमा लांघने और प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के बारे में अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाया।
यह घटना पटना के बापू सभागार में हुई, जहां बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती मनाई जा रही थी। खड़गे के भाषण में बीजेपी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और चुनाव आयोग पर जोरदार हमला शामिल था। उन्होंने विपक्ष को एकजुट होकर मतदान अधिकार और संविधान की रक्षा करने की अपील की। उन्होंने बीजेपी-आरएसएसएस पर वोट चोरी करने का आरोप लगाया और कहा कि बीजेपी आख़िर 30 साल तक सत्ता में रहने का दावा किस आधार पर करती है। उन्होंने साफ़-साफ़ वोट चोरी का आरोप लगाया और इसी दौरान मोदी सरकार को सत्ता से हटाने की बात कही।
खड़गे ने क्या-क्या कहा
खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार चुनावी सूचियों के साथ छेड़छाड़ कर रही है और चुनाव आयोग का इस्तेमाल परिणाम प्रभावित करने के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के जरिए विपक्षी समर्थकों के नाम काटे जा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री पर झूठ बोलने की आदत का आरोप भी लगाया। खड़गे ने पूछा, 'पीएम मोदी की आदत है झूठ बोलने की। उन्होंने कहा था कि पहले 100 दिनों में काला धन वापस लाएंगे। मैं पूछना चाहता हूं कि वह पैसा कहां है?' आरएसएस पर हमला करते हुए खड़गे ने कहा कि जब तक आरएसएस की विचारधारा देश में रहेगी, तब तक शांति नहीं आएगी। उन्होंने संगठन पर आरोप लगाया कि वह शुरू से ही सांप्रदायिक गतिविधियों में लगा हुआ है। खड़गे ने यह भी कहा कि आरएसएस-बीजेपी में अभी भी छुआछूत की मानसिकता वाले लोग हैं, जो संविधान के खिलाफ सोच रखते हैं।
'मोदी सरकार के दिल में खोट'
खड़गे ने कहा, 'मोदी सरकार के दिल में खोट है। पहले CEC की चयन कमेटी में CJI, प्रधानमंत्री और नेता विपक्ष होते थे। लेकिन नरेंद्र मोदी ने CJI को कमेटी से हटाकर केंद्रीय मंत्री के तौर पर अमित शाह को शामिल कर लिया। अब सत्ता पक्ष के पास बहुमत होने के कारण वो अपने पसंद के व्यक्ति को CEC के लिए चुन सकते हैं। ये लोकतंत्र की लिए घातक है। हमें ऐसे बेईमान लोगों को सत्ता से बाहर निकालना है।'बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी निशाना साधते हुए खड़गे ने कहा कि समाजवादी विचारधारा लेकर राजनीति में आए नीतीश अब बीजेपी और आरएसएस की गोद में बैठ गए हैं। उन्होंने कहा, 'जब व्यक्ति कमजोर पड़ता है और अपनी विचारधारा छोड़ देता है तो ऐसा ही होता है।'
'हल्द्वानी में शुद्धिकरण किया'
खड़गे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुए ‘शुद्धिकरण’ का जिक्र भी किया। उन्होंने बताया कि 8 अगस्त 2026 को उनकी रैली के बाद मंदिर के पास मंच पर शुद्धिकरण किया गया। उन्होंने पूछा कि आजादी के 80 साल बाद भी अगर छुआछूत हो तो एकता कैसे आएगी?
बीजेपी का जवाबी हमला
गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने पटना में मोदी जी के पिता के बारे में अभद्र टिप्पणी कर शालीनता की सारी सीमाएं लांघ दीं। शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पिछले 12 सालों की लगातार चुनावी हार से इतनी निराश हो गई है कि उसके पास न नीति बची है, न मुद्दा, सिर्फ गाली-गलौज की राजनीति रह गई है। शाह ने कांग्रेस द्वारा मोदी और उनके परिवार पर पहले भी आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। बीजेपी नेता नितिन नवीन ने खड़गे की टिप्पणी को अभद्र और असंसदीय बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध की भी सीमा होती है और कांग्रेस दिवंगत परिजनों को भी भाषणों में घसीट रही है। नवीन के अनुसार यह सिर्फ खड़गे का बयान नहीं, बल्कि पूरी कांग्रेस की अशिष्टता का नमूना है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी खड़गे पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रति जनता का प्यार बढ़ने से कांग्रेस की हताशा बढ़ रही है, लेकिन जनता का विश्वास कांग्रेस की नाराजगी से बड़ा है। उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस के पास प्रधानमंत्री को चुनौती देने के लिए कोई तर्क नहीं बचा। सांसद संबित पात्रा ने टिप्पणी को निंदनीय बताया और कहा कि असली राष्ट्रपति राहुल गांधी हैं, खड़गे को सिर्फ कुर्सी पर बैठाया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक यह स्थिति रहेगी, कांग्रेस का भविष्य नहीं है। बिहार में बीजेपी नेता सम्राट चौधरी ने भी खड़गे की टिप्पणी की निंदा की और कांग्रेस अध्यक्ष तथा राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने इसे गंभीर अपराध बताया।
कांग्रेस का बचाव
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने मुंबई में खड़गे के व्यापक आलोचनात्मक रुख का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पिछले 12-13 सालों में सरकार की गलतियों और लोगों को हुई परेशानियों का हिसाब लिया जाएगा। दलवई ने कहा कि खड़गे जो कह रहे हैं वह सही है और वे भी वही कहते। उन्होंने 2029 में सत्ता आने पर विदेशी नीति समेत सभी गलतियों का हिसाब लेने की बात कही। इस बीच, पत्रकारों से बातचीत करते हुए खड़गे ने कहा कि अमित शाह देश को गुमराह कर रहे हैं।
इस पूरे मामले ने बीजेपी और कांग्रेस के बीच नया सियासी टकराव खड़ा कर दिया है। बीजेपी नेताओं ने खड़गे की टिप्पणी को अभद्र और पारिवारिक अपमान बताया, जबकि कांग्रेस पक्ष इसे सरकार के रिकॉर्ड पर सवाल उठाने का हिस्सा बता रहा है। पटना की इस सभा ने एक बार फिर दोनों दलों के बीच तीखी जुबानी जंग छेड़ दी है।