loader

मायावती द्रौपदी मुर्मू के साथ; सिन्हा ने किया मोदी, राजनाथ से संपर्क 

राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के लिए विपक्षी दलों का समर्थन लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देने का एलान किया है। बीते कुछ दिनों में ही एनडीए के सहयोगी दल जेडीयू के अलावा विपक्षी दल बीजू जनता दल, वाईएसआर कांग्रेस भी उनके समर्थन में आगे आये हैं। 

यह भी खबर है कि झारखंड में कांग्रेस-आरजेडी के साथ मिलकर सरकार चला रहा जेएमएम भी द्रौपदी मुर्मू के नाम का समर्थन कर सकता है। जेएमएम उन 17 विपक्षी दलों में शामिल है जिन्होंने यशवंत सिन्हा को उम्मीदवार बनाए जाने की हामी भरी थी। 

ऐसे में यह साफ दिख रहा है कि द्रौपदी मुर्मू की उम्मीदवारी यशवंत सिन्हा पर भारी पड़ रही है। राष्ट्रपति के चुनाव के लिए 18 जुलाई को मतदान होगा जबकि नतीजे 21 जुलाई को आएंगे। नामांकन की अंतिम तारीख 29 जून है। 

ताज़ा ख़बरें

द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्र सरकार के कई मंत्रियों, बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के नेताओं की मौजूदगी में राष्ट्रपति चुनाव के लिए पर्चा भरा जबकि कुछ विपक्षी दलों के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा 27 जून को पर्चा दाखिल करेंगे। 

मांगा समर्थन 

द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, एनसीपी के मुखिया शरद पवार और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात कर राष्ट्रपति चुनाव में समर्थन मांगा था। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी शुक्रवार को द्रौपदी मुर्मू की उम्मीदवारी के समर्थन को लेकर विपक्षी नेताओं से संपर्क साधा। नड्डा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं मल्लिकार्जुन खड़गे, अधीर रंजन चौधरी और नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला से बात की है। 

Mayawati Backs Droupadi Murmu For Presidential Elections 2022 - Satya Hindi
नड्डा ने जनता दल (एस) के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा को भी फोन किया और राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करने की अपील की।

सिन्हा भी कर रहे संपर्क

दूसरी ओर कुछ विपक्षी दलों के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से संपर्क कर राष्ट्रपति चुनाव में समर्थन मांगा है। यशवंत सिन्हा ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी फोन किया है और उन्हें याद दिलाया है कि राष्ट्रपति चुनाव में उनके नाम का एलान करते वक्त जेएमएम ने समर्थन का वादा किया था। यशवंत सिन्हा ने पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी से भी संपर्क किया है।

राजनीति से और खबरें

एनडीए के पास हैं 49 फीसदी वोट

राष्ट्रपति के चुनाव में 776 सांसद और 4033 विधायक मतदान करेंगे। इस तरह इस चुनाव में कुल 4809 मतदाता हैं। सांसदों के वोट की कुल वैल्यू 5,43,200 है जबकि विधायकों के वोट की वैल्यू 5,43,231 है और यह कुल मिलाकर 10,86,431 होती है। इसमें से जिस उम्मीदवार को 50 फ़ीसद से ज्यादा वोट मिलेंगे, वह जीत जाएगा। एनडीए के पास इसमें से 5,32,351 यानी 49 फीसदी वोट हैं। 

बीजेडी के पास 31,686, वाईएसआर कांग्रेस के पास 45,550 और एआईएडीएमके के पास 14,940 वोट हैं। लेकिन बीजेडी या वाईएसआर कांग्रेस का समर्थन ही द्रौपदी मुर्मू की जीत के लिए काफी है और दोनों ही दलों ने उन्हें समर्थन भी दे दिया है। ऐसे में द्रौपदी मुर्मू की जीत तय है। इसके अलावा झारखंड मुक्ति मोर्चा भी द्रौपदी मुर्मू के नाम का समर्थन कर सकता है।

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

राजनीति से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें