loader
फ़ाइल फोटोफोटो साभार: ट्विटर/राहुल गांधी

बोलने की आज़ादी देने वाली संस्थाओं पर सुनियोजित हमला: राहुल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि भारत को बोलने की अनुमति देने वाली संस्थाओं पर 'सुनियोजित हमला' हो रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे संवाद को रोका जा रहा है वैसे-वैसे 'डीप स्टेट' उन जगहों पर घुसता जा रहा है और यह उन चीजों को तय कर रहा है कि देश में संवाद किस तरह हो। डीप स्टेट का सामान्य अर्थ होता है- सत्ता का ऐसा खुफिया और अनधिकृत नेटवर्क जो अपना एजेंडा चलाने के लिए देश के राजनीतिक नेतृत्व से भी स्वतंत्र काम कर रहा हो।

राहुल गांधी ने ‘सरकारी नीतियों को गोपनीय तरीके से प्रभावित या नियंत्रित करने वाले प्रभावशाली लोगों या एजेंसियों' के भारतीय राजनीति पर प्रभाव का भी ज़िक्र किया। वह कैंब्रिज विश्वविद्यालय में छात्रों के साथ एक संवाद कार्यक्रम में बोल रहे थे। वह 'आइडियाज फॉर इंडिया' सम्मेलन में शामिल होने के बाद सोमवार को कैंब्रिज विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए।

ताज़ा ख़बरें

कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि जब भारत स्वतंत्र रूप से बोलता है तब भारत जीवंत होता है। उन्होंने आगे कहा कि चुप होने पर यह निर्जीव हो जाता है। उन्होंने विस्तार से आगे कहा, 'भारत को बोलने की इजाजत देने वाली संस्थाओं जैसे, संसद, चुनाव आयोग, और लोकतंत्र के मूल स्ट्रक्चर पर एक संगठन का कब्जा हो रहा है और बातचीत पर लगाम लगाई जा रही है। डीप स्टेट इन जगहों पर घुस रहा है।'

कैंब्रिज के कार्यक्रम में राहुल ने हिंदू राष्ट्रवाद, कांग्रेस पार्टी के भीतर गांधी परिवार की भूमिका और अन्य विषयों पर छात्रों से संवाद किया। विश्वविद्यालय में भारतीय मूल की शिक्षाविद डॉ. श्रुति कपिला के साथ बातचीत में राहुल ने पिछले सप्ताह के सम्मेलन के दौरान अपने द्वारा उठाए गए कुछ मुद्दों को दोहराया।

संवाद सत्र के दौरान, राहुल गांधी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत के दृष्टिकोण में देश की आबादी के सभी हिस्से शामिल नहीं हैं, जो अनुचित है और भारत के विचार के खिलाफ है। उन्होंने भारत में धर्मनिरपेक्षता के बारे में एक सवाल के जवाब में यह कहा।

उन्होंने आगे कहा,

आपको करुणा के साथ हर एक व्यक्ति को शामिल करना होगा। श्री मोदी भारत का एक ऐसा विजन दे रहे हैं जिसमें वह हमारी आबादी का एक बड़ा हिस्सा छोड़ रहे हैं। यह भारत का एक दृष्टिकोण नहीं है, यह एक दृष्टिकोण है भारत के एक हिस्से का।


राहुल गांधी, कांग्रेस नेता

कांग्रेस नेता ने कहा, 'आरएसएस और प्रधानमंत्री के साथ मेरी समस्या यह है कि वे भारत के मूलभूत ढांचे के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। जब आप ध्रुवीकरण की राजनीति करते हैं, जब आप 20 करोड़ लोगों को अलग-थलग करते हैं और उनका दानवीकरण करते हैं, तो आप कुछ बेहद ख़तरनाक कर रहे होते हैं और कुछ ऐसा कर रहे होते हैं जो मौलिक रूप से भारत के विचार के ख़िलाफ़ है।'

राजनीति से और ख़बरें
हिंदू राष्ट्रवाद को लेकर एक सवाल के जवाब में राहुल ने कहा कि वह इस शब्द से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा, इसमें कुछ भी हिंदुत्व नहीं है और वास्तव में इसके बारे में कुछ भी राष्ट्रवादी नहीं है। आपको उनके लिए एक नया नाम सोचना होगा लेकिन वे निश्चित रूप से हिंदू नहीं हैं। मैंने आपको यह बताने के लिए हिंदुत्व का पर्याप्त विस्तार से अध्ययन किया है कि लोगों की हत्या करने और लोगों को पीटने के मामले में हिंदुत्व जैसा कुछ भी नहीं है।'
सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

राजनीति से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें