राहुल गांधी ने SIR पर संसद में बहस को लेकर अमित शाह के दो अलग-अलग बयानों के वीडियो साझा कर उनको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कन्फ्यूज़ नहीं करने की सलाह दी है। इसके साथ ही राहुल ने शाह से कहा है कि उनकी खुली बहस की चुनौती के लिए पीएम मोदी को मना लें। राहुल ने कहा कि वह किसी भी मंच और किसी भी समय बहस के लिए तैयार हैं। कुछ दिन पहले ही राहुल ने विदेशी कनेक्शन, देशद्रोह, अमेरिकी डील, अडानी और एपस्टीन से जुड़े मुद्दों पर प्रधानमंत्री से बहस करने की चुनौती दी है।
राहुल गांधी ने अमित शाह के दो वीडियो बयान साझा करते हुए कहा कि गृह मंत्री प्रधानमंत्री को भ्रमित न करें। राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, 'अमित शाह जी, मोदी जी को कन्फ्यूज़ न करें। बस उन्हें मेरे साथ खुली बहस के लिए मना लीजिए। कोई भी मंच, कोई भी समय। डरिए मत।'
राहुल गांधी ने यह टिप्पणी ऐसे समय की है, जब SIR को लेकर संसद में बहस की मांग और केंद्र सरकार के रुख पर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। राहुल ने अमित शाह के दो बयानों को सामने रखकर आरोप लगाया कि SIR पर संसद में चर्चा को लेकर गृह मंत्री के रुख में विरोधाभास है।

SIR पर अमित शाह के दो बयान

राहुल गांधी ने अपने वीडियो में अमित शाह के दो बयानों को शामिल किया है। इन बयानों में SIR पर संसद में चर्चा को लेकर गृह मंत्री की अलग-अलग बातें सामने आती हैं। उनका पहला बयान 10 दिसंबर 2025 का है। उस दिन संसद में राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के आरोपों का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा था कि SIR पर संसद में चर्चा नहीं हो सकती, क्योंकि यह चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र का विषय है। चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है। यह वीडियो तब का है जब संसद का सत्र चल रहा था और विपक्ष एसआईआर पर संसद में बहस की मांग कर रहा था।
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अमित शाह का दूसरा वीडियो इस साल 5 नवंबर का है जब राहुल गांधी पीएम मोदी को खुली बहस को चुनौती दे रहे हैं। इसी को लेकर अमित शाह कहते फिर रहे हैं कि एसआईआर पर बहस के लिए सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार है।
अमित शाह ने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा था कि अगर उनके आरोपों में सच्चाई, तथ्य और तर्क हैं तो उन्हें संसद में आकर चर्चा करनी चाहिए। शाह ने कहा था कि दोनों पक्ष आमने-सामने बैठकर बात करें, लेकिन राहुल गांधी जवाबों का सामना नहीं कर पाएंगे और हमेशा की तरह भाग जाएंगे। राहुल गांधी ने इन्हीं दोनों बयानों को साझा करते हुए अमित शाह से कहा कि वे प्रधानमंत्री को भ्रमित करने के बजाय उन्हें बहस के लिए तैयार करें।

राहुल की मोदी को खुली बहस की चुनौती

राहुल गांधी ने 3 नवंबर को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती दी थी। राहुल ने कहा था कि प्रधानमंत्री किसी भी मंच और किसी भी जगह पर बहस के लिए तैयार हो सकते हैं। राहुल गांधी ने बहस के मुद्दे के रूप में पूछा था कि देशद्रोही कौन है और विदेशी ताकतों से कनेक्शन किसका है। उन्होंने कहा था कि वह प्रधानमंत्री के साथ आमने-सामने बैठकर कई मुद्दों पर सवाल करना चाहते हैं।
राहुल गांधी ने बाद में दावा किया था कि वह पांच मिनट में साबित कर सकते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'देशद्रोही' हैं। राहुल ने बहस के लिए प्रधानमंत्री की पसंद के मंच और स्थान को स्वीकार करने की बात कही थी। उन्होंने यह भी कहा कि बहस के दौरान मीडिया और देश के युवा मौजूद रहें, ताकि पूरा देश दोनों पक्षों की बातें सुन सके।

अमेरिकी डील, अडानी, एपस्टीन के मुद्दे उठाने की बात

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के साथ प्रस्तावित बहस में कई मुद्दों पर सवाल उठाने की बात कही है। इनमें अमेरिकी डील, देश की वित्तीय व्यवस्था, अडानी समूह से जुड़े मामले और जेफ्री एपस्टीन से संबंधित मुद्दे शामिल हैं। राहुल गांधी ने विदेशी कनेक्शन को लेकर प्रधानमंत्री से सवाल करते हुए यह भी पूछा था कि यदि उनके आरोप गलत हैं, तो मोदी ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा क्यों नहीं किया।

राहुल का कहना है कि प्रधानमंत्री को इन सवालों का सार्वजनिक रूप से जवाब देना चाहिए। हालांकि, इन आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री की ओर से खुली बहस स्वीकार किए जाने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

राहुल गांधी की प्रधानमंत्री को खुली बहस की चुनौती पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रतिक्रिया दी थी। रिजिजू ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि बड़े स्तर की बहस परिपक्व लोगों के बीच होती है।

SIR और ‘वोट चोरी’ पर बढ़ता टकराव

SIR को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच लगातार टकराव बना हुआ है। राहुल गांधी और कांग्रेस चुनाव आयोग की मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं और चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
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दूसरी ओर बीजेपी और केंद्र सरकार SIR को मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया बताती रही हैं। अमित शाह ने संसद और सार्वजनिक सभाओं में कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया है। अब राहुल गांधी ने SIR पर बहस की मांग को प्रधानमंत्री के साथ खुली बहस की चुनौती से जोड़ दिया है। अमित शाह के दो अलग-अलग बयानों को साझा कर राहुल ने सरकार के रुख पर सवाल उठाया है।

फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से राहुल गांधी की खुली बहस की चुनौती पर कोई सहमति सामने नहीं आई है। ऐसे में यह राजनीतिक विवाद संसद के भीतर और बाहर आगे भी जारी रहने की संभावना है।