मणिपुर में पूरी हिंसा के लिए राहुल गांधी ने सीधे तौर पर बीजेपी सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया है। मणिपुर में फिर से बढ़े तनाव को लेकर बीजेपी सरकार पर हमला करते हुए राहुल ने सोमवार को आरोप लगाया कि इसने मणिपुर में आग लगा दी है। इसकी वजह से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच संघर्ष बढ़ गया।
बीजेपी पर यह आरोप लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने तमिलनाडु के कोलाचेल में एक रैली को संबोधित करते हुए लगाया। उन्होंने कहा, 'मणिपुर को देखिए। एक शांतिपूर्ण राज्य था। उन्होंने उसमें आग लगा दी और सैकड़ों लोग मारे गए। वहां अभी भी सिविल वॉर चल रहा है।'

हाल की ताज़ा हिंसा में कई मौतें

राहुल गांधी का यह बयान मणिपुर में नई हिंसा के बाद आया है। 7 अप्रैल 2026 को बिष्णुपुर जिले में एक मिलिटेंट हमले में एक 5 साल का बच्चा और उसकी 5 महीने की बहन मारे गए। दोनों बच्चे सो रहे थे जब उनके घर पर बम गिरा। उनकी मां गंभीर रूप से घायल हुईं।
इस घटना से पूरे मणिपुर में ग़ुस्सा भड़क उठा। लोगों ने सड़कें जाम कर दीं, प्रदर्शन किए और कुछ इलाक़ों में हिंसा भी हुई। सुरक्षा बलों को आंसू गैस और स्मोक बम का इस्तेमाल करके भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा।

मणिपुर में हिंसा कब शुरू हुई?

मणिपुर में पहली बार हिंसा 3 मई 2023 से शुरू हुई थी। मैतेई समुदाय ने अनुसूचित जनजाति यानी एसटी का दर्जा मांगा था, जिसके विरोध में कुकी समुदाय के साथ झड़पें हो गईं। तब से अब तक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं, हजारों बेघर हुए हैं और बहुत नुक़सान हुआ है। सुरक्षा बल तैनात हैं और कई ज़िलों में पाबंदियाँ लगी हुई हैं।
मणिपुर में तीन साल से ज़्यादा समय से हिंसा चल रही है। लोग शांति चाहते हैं, लेकिन अभी तक स्थिति सामान्य नहीं हुई है। सुरक्षा बल लगे हुए हैं, फिर भी छोटे बच्चे भी सुरक्षित नहीं हैं। राहुल गांधी कह रहे हैं कि बीजेपी सरकार ने इस आग को लगाया या बढ़ाया है। वे आरोप लगा रहे हैं कि बीजेपी पूरे देश में दिल्ली से सब कुछ कंट्रोल करना चाहती है और दूसरी पार्टियों को भी अपने प्रभाव में ले लेती है। मणिपुर की स्थिति बहुत संवेदनशील है। दोनों समुदायों के लोग एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। सरकार और सुरक्षा बल स्थिति को काबू में लाने की कोशिश कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी की नीति है कि जहाँ भी संभव हो, सत्ता पर कब्जा करो और राज्य को दिल्ली से चलाओ।

राहुल ने तमिलनाडु में एआईएडीएमके पार्टी का ज़िक्र करते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी ने इस पुरानी और सम्मानित पार्टी को भी खोखला बना दिया है।

'AIADMK को खोखला कर दिया'

राहुल ने कहा, 'बीजेपी जहाँ भी हो सके, सत्ता हथियाने और दिल्ली से राज्य चलाने की कोशिश करती है। लेकिन तमिलनाडु की जनता से यह सीधे कहने की हिम्मत नहीं है, इसलिए उन्होंने एक ऐतिहासिक पार्टी पर कब्जा कर लिया। एआईएडीएमके ने तमिलनाडु की तरक्की में बड़ा रोल निभाया था। उसके नेता जनता के असली प्रतिनिधि थे। आज वह खोखली हो गई है और बीजेपी का औजार बन गई है। उसका नेतृत्व भ्रष्टाचार के कारण सरेंडर कर चुका है।'
राजनीति से और ख़बरें
राहुल ने कहा, 'बीजेपी-आरएसएस द्रविड़ विचार से नफ़रत करते हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि तमिल लोग उन्हें चुनौती दे सकते हैं। वे जानते हैं कि बहादुर तमिल लोग उनका विरोध करेंगे और कभी भी हार नहीं मानेंगे। इसीलिए अब वे एआईएडीएमके के ज़रिए एक नया रास्ता अपनाने की कोशिश कर रहे हैं।'

बीजेपी पर बड़ा आरोप

राहुल गांधी ने आगे कहा कि बीजेपी हर राज्य की परंपरा, भाषा और इतिहास को कमजोर करना चाहती है। उन्होंने कहा, 'हम मानते हैं कि भारत के हर राज्य की अपनी आवाज़ और इसका अपना प्रतिनिधित्व होना चाहिए। राज्य की जनता को अपना राज्य खुद चलाना चाहिए। लेकिन बीजेपी का मानना है कि एक परंपरा, एक भाषा और एक इतिहास सब पर हावी होना चाहिए। बीजेपी राज्य की शक्तियों को कमजोर करके तमिलनाडु को दिल्ली से चलाना चाहती है। हम चाहते हैं कि तमिलनाडु तमिलनाडु की जनता द्वारा चले।'

तमिलनाडु चुनाव का माहौल

राहुल गांधी का यह भाषण तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आया है। चुनाव 23 अप्रैल को एक ही चरण में होंगे। वोटों की गिनती 4 मई 2026 को होगी। मुख्य मुकाबला डीएमके के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस और एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले एनडीए के बीच होने की संभावना है।
सर्वाधिक पढ़ी गयी ख़बरें