loader

अर्थव्यवस्था व रोज़गार का सत्यानाश; मीडिया के मायाजाल का भ्रम जल्द टूटेगा: राहुल 

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर करारा हमला बोला है। राहुल ने ट्वीट कर कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को बर्बाद कर रहे हैं। 

राहुल ने लिखा है, ‘नोटबंदी, जीएसटी, कोरोना महामारी में दुर्व्यवस्था और अर्थव्यवस्था और रोज़गार का सत्यानाश, उनके पूँजीवादी मीडिया ने एक मायाजाल रचा है। ये भ्रम जल्द ही टूटेगा।’

ताज़ा ख़बरें

राहुल ने यह बातें एक ख़बर को ट्वीट करते हुए लिखी हैं। इस ख़बर में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि वाणिज्य मंत्रालय से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति की बैठक में शामिल हुए एक सरकारी अफ़सर ने कहा है कि कोरोना और लॉकडाउन के चलते भारत में तक़रीबन 10 करोड़ नौकरियों पर ख़तरा पैदा हो गया है। 

इन दिनों हमलावर तेवर अख़्तियार किए हुए राहुल ने हाल ही में कहा था कि चीनियों ने भारतीय भूमि पर क़ब्ज़ा कर लिया है और इस सच्चाई को छिपाना व उन्हें ज़मीन को लेने की अनुमति देना एंटी नेशनल (राष्ट्र-विरोधी) है। राहुल ने कहा था कि इस बात को लोगों के सामने रखना देशभक्ति है। 

राहुल ने ट्वीट कर यह भी कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी इमेज बनाने के लिए ही 100 फ़ीसदी फ़ोकस्ड हैं और भारत में कब्जा किए जा चुके संस्थान भी इसी काम को करने में जुटे हैं। राहुल ने कहा था कि किसी एक आदमी की छवि राष्ट्रीय दृष्टिकोण का विकल्प नहीं हो सकती है। 
राजनीति से और ख़बरें

राजस्थान के मसले पर भी हमलावर

इसके अलावा राहुल गांधी ने राजस्थान के सियासी संकट को लेकर भी बीजेपी पर हमला बोला था। 

राज्य में विधानसभा सत्र बुलाने को लेकर चली लड़ाई के दौरान राहुल ने कहा था कि राज्यपाल को विधानसभा सत्र बुलाना चाहिए जिससे देश के सामने सच्चाई आ सके। इसके अलावा उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा था कि लोग लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होकर बीजेपी के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाएं। 

गलवान में चीनी घुसपैठ और जवानों की शहादत का मसला हो या फिर कोरोना संकट और लॉकडाउन का, राहुल गांधी लगातार आक्रामक रहे हैं। बीते कुछ दिनों में राहुल ने कई वीडियो जारी किए हैं और एक नए अंदाज़ में मोदी सरकार पर हमला बोलना शुरू किया है। 

'सत्य हिन्दी'
की ताक़त बनिए

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

राजनीति से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें