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बीजेपी प्रवक्ता राव पर जूता फ़ेंकने वाला कौन?

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को लेकर बीजेपी हेडक्वॉर्टर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे बीजेपी प्रवक्ता जी.वी.एल. नरसिम्हा राव पर गुरुवार को एक शख्स ने जूता फेंक दिया। जूता फेंकनेवाले इस व्यक्ति को तुरंत सुरक्षा कर्मचारियों ने हिरासत में ले लिया। जूता फेंकते ही आरोपी को तुरंत पकड़कर सभा कक्ष से बाहर ले जाया गया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। आख़िर यह शख़्स कौन है?

हालाँकि आधिकारिक तौर पर आरोपी की पहचान नहीं हो पायी है लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी का नाम शक्ति भार्गव बताया जाता है। अभी तक आरोपी शख्स के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं मिली है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। हालाँकि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पिछले साल उसके ख़िलाफ़ आयकर विभाग ने छापे मारे थे और बताया जाता है कि इसी से वह नाराज़ था। फ़ेसबुक पर शक्ति भार्गव नाम की प्रोफ़ाइल में भी कई जानकारियाँ हैं। इसके मुताबिक़ शक्ति भार्गव कानपुर के रहने वाले हैं। फ़ेसबुक प्रोफ़ाइल के अनुसार भार्गव सरकार की नीतियों से नाराज़ हैं। हाल के दिनों में उन्होंने भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई और कार्रवाई नहीं किये जाने को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा है। 

भार्गव के फ़ेसबुक प्रोफ़ाइल पर 1600 फ़्रेंड हैं और साढ़े आठ सौ फ़ॉलोअर हैं। अधिकतर फ़ेसबुक पोस्ट में किसी राजनीतिक पार्टी की तरफ़ झुकाव भी नहीं लगता है। हालाँकि इस पेज पर कुछ ऐसी ख़बरों को शेयर किया गया है जिसमें मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाये गये हैं। 

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क्या आयकर विभाग के छापे से थे नाराज़?

मीडिया रिपोर्टों में यह भी बताया जा रहा है कि शक्ति भार्गव ने इससे ग़ुस्से में था कि उसकी संपत्तियों पर पिछले साल आयकर विभाग ने छापा मारा था। आयकर विभाग सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि 2018 में तीन दिन चले सर्च ऑपरेशन के दौरान शक्ति भार्गव के ठिकानों से 28 लाख रुपये कैश और 50 लाख रुपये की ज्वैलरी बरामद हुई थी। बताया जाता है कि 20 नवंबर 2018 को सीबीआई ने ब्रिटिश इंडिया कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीआईसीएल) के तत्कालीन सीएमडी समेत अन्य अधिकारियों के ख़िलाफ़ वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में केस दर्ज किया था। इसके बाद दिसबंर 2018 में शक्ति भार्गव के ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापे मारे थे। 

हालाँकि, शक्ति भार्गव ने फ़ेसबुक प्रोफ़ाइल में कुछ अलग ही दावे किये हैं। 

क्या जूता फेंकने वाले विसल ब्लोअर हैं?

फ़ेसबुक पोस्ट में भार्गव ने ख़ुद को विसल ब्लोअर बताया है। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भार्गव ने 16 अप्रैल को एक के बाद एक चार लंबे-लंबे पोस्ट लिखे हैं। इन चारों पोस्ट की हेडिंग दी है, '2014 में नमो-  ना खाऊँगा ना खाने दूँगा, 2019 में नमो सरकार के अंदर भी भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ कोई आवाज़ नहीं'। पोस्ट में  लिखा गया है, 'सरकारी कंपनी लाल ईमली मिल्स के नाम से प्रसिद्ध ब्रिटिश इंडिया कॉर्पोरेशन की अचल संपत्तियों को बेचने में गड़बड़ियाँ हुई हैं। मैं इस मामले की तहकीकात कराना चाहता हूँ। यह मामला, सरकार, पीएमओ, सीवीसी, सीबीआई और टेक्सटाइल मंत्रालय के अफ़सरों के ख़राब रवैये को दिखाता है जिसमें भ्रष्टाचार होने दिया गया।'  

इस पोस्ट में 23 बंगलों का ज़िक्र है जिसकी बाजार में क़ीमत 1200 करोड़ रुपये है जबकि इन्हें सिर्फ़ 70 करोड़ में डील होने की बात कही गयी है। पोस्ट में यह भी दावा किया गया है कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है।

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'कर्मचारी परेशान हैं'

भार्गव ने इसी फ़ेसबुक पोस्ट में यह भी शिकायत की है कि यहाँ स्थिति काफ़ी ख़राब है। उन्होंने लिखा, 'हालात इतने ख़राब हैं कि कर्मचारियों को वेतन साल में सिर्फ़ एक या दो बार दिया जाता है और कर्मचारियों के फ़िलहाल तो 19 महीने से वेतन नहीं मिला है। पिछले तीन सालों में 14 कर्मचारियों ने आत्महत्या तक कर ली है। 

शक्ति की माँ ने क्या कहा?

जूता कांड के बाद इस मामले में ‘आजतक’ ने शक्ति भार्गव की माँ दया भार्गव से बात की है जिसमें दया ने कहा कि उनका बेटा मानसिक रूप से परेशान है। रिपोर्ट के अनुसार दया भार्गव ने कहा कि शक्ति किसी पार्टी से नहीं जुड़ा है। बातचीत में उन्होंने यह भी कहा कि उनका बेटा पिछले 2 साल से उनके साथ नहीं रहता है और उनका उससे अब कोई संबंध नहीं है। पिछले कुछ सालों से परिवार में झगड़ा चल रहा है।
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