loader

अमित मालवीय पर भड़के स्वामी, बोले- आईटी सेल वाले व्यक्तिगत हमले कर रहे

बेहद पढ़े-लिखे और कई बार पार्टी लाइन से इतर होने वाली अपनी राय को खुलकर जाहिर करने वाले बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी के निशाने पर बीजेपी आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय आ गए हैं। सोमवार को स्वामी अमित मालवीय पर भड़क गए। 

स्वामी ने ट्वीट कर कहा, ‘बीजेपी आईटी सेल शैतान हो गयी है। इसके कुछ सदस्य फ़र्जी आईडी द्वारा किए गए ट्वीट्स का इस्तेमाल मुझ पर व्यक्तिगत हमला करने के लिए कर रहे हैं।’ स्वामी ने आगे कहा, ‘अगर मेरे नाराज़ फ़ॉलोवर्स पलटकर व्यक्तिगत हमला करेंगे तो इसके लिए मुझे जिम्मेदार न ठहराया जाए जिस तरह बीजेपी को इस द्रुष्ट आईटी सेल के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।’ 

स्वामी के इस ट्वीट पर प्रदीप चेहरिया नाम के यूजर ने लिखा, ‘आप आलोचना से ऊपर हैं। ऐसे लोगों को इग्नोर कीजिए, अगर आप उन्हें अहमियत देंगे तो आप अपना क़ीमती समय ख़राब कर रहे हैं।’ 

ताज़ा ख़बरें
इस पर स्वामी ने भी लिखा, ‘मैं उन्हें इग्नोर कर रहा हूं लेकिन बीजेपी को उन्हें बाहर निकाल देना चाहिए।’ स्वामी ने मालवीय पर तीख़ा हमला बोलते हुए लिखा, ‘बीमार चरित्र का मालवीय गंदगी फैला रहा है। हम मर्यादा पुरूषोत्तम राम की पार्टी हैं न कि रावण और दुशासन की।’ 

कुछ दिन पहले जब विपक्षी दल NEET और JEE के एग्जाम को टाले जाने की मांग कर रहे थे और मोदी सरकार इन एग्जाम को कराने पर अड़ी थी, तब भी स्वामी ने तीख़ा कमेंट किया था। स्वामी ने ट्वीट कर कहा था, ‘कोरोना के संक्रमण के बीच NEET और JEE के एग्जाम कराना, लकवाग्रस्त लॉकडाउन के असर, डूबती अर्थव्यवस्था, हमारे इलाके को चीन द्वारा हड़पना, बॉलीवुड में चोर और हत्यारे के माहौल के बीच जलियांवाला बाग़ की तरह है जहां निर्दोष लोगों को गोलियों से भून दिया गया था।’ 

राजनीति से और ख़बरें

इस साल की शुरूआत में एक कार्यक्रम में स्वामी ने कहा था ‘ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अर्थव्यवस्था की कोई समझ नहीं है। इसलिए उन्हें मुझे वित्त मंत्री बना देना चाहिए।’ उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर भी तंज किया था और कहा था कि सिर्फ़ जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में पढ़ने से ही अर्थव्यवस्था जैसे विषय की समझ नहीं आ जाती है। निर्मला सीतारमण जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से पढ़ी हैं। 

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
क़मर वहीद नक़वी
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

राजनीति से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें