पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बग़ावती रूख़ के कारण राजस्थान बीजेपी में बीते कुछ महीनों से अशांति का माहौल है।
‘वसुंधरा जन रसोई’ के तहत जो फ़ूड पैकेट बांटे गए, उनमें और इस जन रसोई कार्यक्रम के प्रचार वाली गाड़ियों में सिर्फ़ वसुंधरा राजे की ही तसवीर को दिखाया गया।
होर्डिंग्स से चेहरा ग़ायब होने से राजे के समर्थक नाराज़ बताए जाते हैं। दो बार राज्य की मुख्यमंत्री रहीं राजे की लोकप्रियता राजस्थान में बीजेपी ही क्या कांग्रेस के भी किसी भी नेता से ज़्यादा दिखाई देती है।
लगभग सभी बड़े नेता और राज्य इकाइयां जब मोदी-शाह की जोड़ी के आदेशों को मानती थीं, तब भी वसुंधरा ही अकेली ऐसी नेता थीं जिन्होंने 2018 के विधानसभा चुनाव में टिकट बांटने से लेकर गजेंद्र सिंह शेखावत को अध्यक्ष न बनने देने तक अपनी बात मनवाई थी।