पंजाब निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) ने 1,977 में से 958 वार्ड जीतकर बड़ी जीत दर्ज की है। सबसे खराब प्रदर्शन राज्य की प्रमुख पार्टी शिरोमणि अकाली दल की रही। बीजेपी पांचवे नंबर पर रही लेकिन पिछली बार से ज्यादा सीटें आईं।
पंजाब के निकाय चुनाव में आप की भारी जीत। मनीष सिसोदिया नेताओं को लड्डू खिलाते हुए
पंजाब में 2027 की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्य के शहरी और अर्ध-शहरी निकाय चुनावों में बड़ी जीत दर्ज की है। कुल 1,977 वार्डों में से आप ने 958 (लगभग 48%) वार्डों पर कब्जा जमा लिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि जनता ने "नफरत की राजनीति को हराकर विकास की राजनीति को चुना है।" हालांकि असली मुकाबला 2027 के विधानसभा चुनाव में होगा। जिसे इस पार्टी के लिए इतना आसान नहीं बताया जा रहा है। क्योंकि दूसरे नंबर पर आई कांग्रेस और क्षेत्रीय पार्टी शिरोमणि अकाली दल ने आप को कई जगह जबरदस्त चुनौती दी है। कपूरथला नगर निगम में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिला है।
पंजाब निकाय चुनाव की खास बातें
26 मई को हुए मतदान में 63.94% वोटिंग दर्ज की गई थी, जिसके नतीजे शुक्रवार देर शाम तक षित किए गए। सभी मुख्य दलों की स्थिति इस प्रकार रही:
- आम आदमी पार्टी (AAP): 958 वार्ड जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी।
- कांग्रेस (Congress): 397 वार्डों के साथ दूसरे स्थान पर रही।
- निर्दलीय (Independents): 251 सीटों पर जीत दर्ज कर तीसरे स्थान पर रहे।
- शिरोमणि अकाली दल (SAD): केवल 192 वार्डों के साथ चौथे स्थान पर खिसक गया।
- भाजपा (BJP): हालांकि भाजपा 172 वार्डों के साथ पांचवें नंबर पर रही, लेकिन उसने अपनी पिछली टैली (49 सीटें) के मुकाबले जबरदस्त सुधार किया है।
- बहुजन समाज पार्टी (BSP): बसपा के खाते में 7 सीटें आईं।
8 नगर निगमों की स्थिति
- AAP ने 5 निगमों पर जीत दर्ज की: बरनाला, बटाला, मोगा, मोहाली और बठिंडा। (ध्यान देने वाली बात है कि बरनाला भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष केवल ढिल्लों का गृह क्षेत्र है)।
- कांग्रेस ने कपूरथला नगर निगम में स्पष्ट बहुमत हासिल किया।
- भाजपा ने अबोहर में जीत दर्ज की, जबकि पठानकोट में किसी दल को बहुमत नहीं मिला, लेकिन भाजपा वहां सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
ED पॉलिटिक्स' नहीं चलेगी: मनीष सिसोदिया
मुख्यमंत्री भगवंत मान और पार्टी नेता मनीष सिसोदिया ने इस जीत को केंद्र की नीतियों के खिलाफ जनता का जनादेश बताया। मान ने कहा कि पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी और कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी के बावजूद मतदाताओं ने 'आप' पर भरोसा जताया। सिसोदिया ने टिप्पणी की, "पंजाब के लोगों ने 'ED पार्टी' को जवाब दे दिया है, पंजाब में ED की राजनीति काम नहीं करेगी।"विपक्षी खेमे में हलचल
कांग्रेस में अंदरूनी कलह: लोकसभा चुनाव में 13 में से 7 सीटें जीतने वाली कांग्रेस इस निकाय चुनाव में उस गति को बरकरार नहीं रख सकी। पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के गढ़ चमकौर साहिब और कपूरथला में राणा गुरजीत सिंह की अगुवाई में पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वारिंग के गृह क्षेत्र गिद्दड़बहा में 'आप' ने 19 में से 17 वार्डों पर कब्जा कर लिया। कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, गुटबाजी की वजह से पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा।बदला हुआ पुराना पैटर्न: पंजाब की राजनीति में एक दिलचस्प ट्रेंड रहा है कि जो पार्टी निकाय चुनाव जीतती है, वह बाद में विधानसभा चुनाव हार जाती है (जैसा 2015 और 2021 में हुआ था)। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि मुख्य मुकाबला 2027 में भी आप और कांग्रेस के बीच ही होगा।
बैलट पेपर पर विवाद: इस बार राज्य चुनाव आयोग ने ईवीएम (EVM) की कमी का हवाला देकर चुनाव बैलट पेपर से कराए थे, जिस पर भाजपा और अकाली दल ने आप पर वोट चोरी और धांधली के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी गया था, लेकिन कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था।
विपक्ष ने हेराफेरी, सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के आरोप लगाए
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने सत्तारूढ़ दल 'आप' पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सत्ता के अहंकार और सरकारी तंत्र के दुरुपयोग के खिलाफ बहादुरी से लड़ाई लड़ी। वारिंग ने आरोप लगाया, "पूरे पंजाब में स्थानीय चुनावों के दौरान आम आदमी पार्टी ने खुलकर अपनी 'साम, दाम, दंड, भेद' की नीति का प्रदर्शन किया है।" उन्होंने कहा कि सरकारी मशीनरी का इतना दुरुपयोग करने के बाद भी 'आप' कुल वार्डों के मामले में बहुमत का आंकड़ा (हाफवे मार्क) पार नहीं कर सकी। वारिंग ने चेतावनी देते हुए कहा कि 'आप' की यह चुराई हुई खुशी बहुत कम समय की है और इसकी एक्सपायरी डेट फरवरी 2027 (आगामी विधानसभा चुनाव) है।
अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि आम आदमी पार्टी द्वारा बड़े पैमाने पर दमन चक्र चलाने के बावजूद पंजाब के लोगों ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका विश्वास कहाँ है। उन्होंने कहा कि यह एक शक्तिशाली संदेश है और 2027 में होने वाले एक स्वतंत्र और निष्पक्ष विधानसभा चुनाव में 'आप' पूरी तरह से खारिज हो जाएगी और अकाली दल की जीत होगी।
केंद्रीय रेल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बित्तू ने आरोप लगाया कि 'आप' का पूरा ध्यान किसी भी तरह से भाजपा को हराने पर केंद्रित था। उन्होंने कहा कि भाजपा उम्मीदवारों के नामांकन पत्र रद्द करने से लेकर मतपेटियों में फर्जी वोट डालने तक, सरकार ने लोकतंत्र का गला घोंटने में कोई कसर नहीं छोड़ी।