loader
रुझान / नतीजे चुनाव 2022

हिमाचल प्रदेश 68 / 68

बीजेपी
30
कांग्रेस
35
अन्य
3

गुजरात 182 / 182

बीजेपी
152
कांग्रेस
20
आप
6
अन्य
4

चुनाव में दिग्गज

कांग्रेस विधायकों का बैठक में न आना अनुशासनहीनता: माकन 

राजस्थान में कांग्रेस के प्रभारी अजय माकन ने कहा है कि कांग्रेस के विधायकों का विधायक दल की बैठक में ना आना निश्चित रूप से अनुशासनहीनता है और पार्टी इस मामले को देखेगी। बताना होगा कि रविवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी लेकिन कांग्रेस के विधायक इस बैठक में नहीं पहुंचे और कैबिनेट मंत्री शांति धारीवाल के आवास पर चले गए। वहां से बड़ी संख्या में विधायक स्पीकर सीपी जोशी के पास गए और 92 विधायकों ने विधायक पद से इस्तीफ़ा दे दिया। 

अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे पर्यवेक्षक बनकर राजस्थान पहुंचे थे। 

निश्चित रूप से राजस्थान कांग्रेस के अंदर चल रही अंतरकलह इससे पूरी तरह सामने आ गई है और पार्टी के लिए इस संकट से पार पाना बेहद मुश्किल हो गया है। राजस्थान में कांग्रेस के पास जो 108 विधायक हैं उसमें से बड़ी संख्या में विधायक अशोक गहलोत के खेमे के हैं। 

ताज़ा ख़बरें
पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस विधायकों के नुमाइंदे के तौर पर शांति धारीवाल, प्रताप सिंह खाचरियावास केंद्रीय पर्यवेक्षकों के सामने आए और तीन शर्तों को रखा। इन नेताओं ने पर्यवेक्षकों से कहा कि कांग्रेस के विधायक इस प्रस्ताव को पास करने के लिए तैयार हैं कि मुख्यमंत्री का फैसला कांग्रेस आलाकमान करेगा। लेकिन इसमें उन्होंने यह शर्त जोड़ दी कि मुख्यमंत्री के बारे में फैसला 19 अक्टूबर के बाद किया जाना चाहिए। बताना होगा कि कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के नतीजे 19 अक्टूबर को ही आने हैं। 
माकन ने कहा कि कांग्रेस विधायकों कि ओर से यह भी शर्त रखी गई कि वह एक-एक कर पर्यवेक्षकों से नहीं मिलेंगे बल्कि समूह में आकर मिलेंगे।

इसके अलावा एक और शर्त विधायकों ने यह रखी कि साल 2020 में कांग्रेस में जो बगावत हुई थी उस वक्त जो विधायक अशोक गहलोत के साथ थे, उन्हीं विधायकों में से किसी एक को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए और सचिन पायलट या उनके खेमे में से किसी को मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाना चाहिए। 

माकन ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस विधायकों को इस बात का भरोसा दिलाया कि वह उनकी सभी बातों को कांग्रेस अध्यक्ष के सामने रखेंगे। माकन ने कहा कि विधायकों के नुमाइंदे इस बात के लिए जोर देते रहे कि इन सभी बातों को विधायक दल की बैठक में पास होने वाले प्रस्ताव का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। माकन ने कहा कि पिछले 75 सालों में कभी भी शर्तों के साथ प्रस्ताव पास नहीं किया गया है और हमेशा से एक लाइन का प्रस्ताव पास होता है। 

ajay maken on Rajasthan congress Crisis 2022 - Satya Hindi

माकन ने कहा कि आज जो प्रस्ताव अशोक गहलोत रखेंगे और कल जब वह कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाएंगे तो वह अपने ही प्रस्ताव के ऊपर फैसला करें, ऐसा नहीं होता। उन्होंने कहा कि वह और मल्लिकार्जुन खड़गे विधायकों का इंतजार करते रहे लेकिन विधायक नहीं आए और अब वे लोग वापस दिल्ली जा रहे हैं और पूरी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष को सौंपेंगे। 

अजय माकन ने पत्रकारों को बताया कि विधायकों के नुमाइंदों ने जोर देकर कहा कि इन बातों को उन्हें प्रस्ताव में शामिल करना पड़ेगा और इसे बाहर जाकर जनता के बीच कहना भी पड़ेगा। 

राजस्थान से और खबरें

मुश्किल में कांग्रेस हाईकमान

निश्चित रूप से ऐसे हालात में कांग्रेस हाईकमान के पास भी ज्यादा विकल्प नहीं हैं। क्योंकि अशोक गहलोत पायलट को मुख्यमंत्री स्वीकार करने के लिए राजी नहीं हैं। यह लगातार कहा जा रहा था कि गांधी परिवार सचिन पायलट को राज्य का मुख्यमंत्री बनाना चाहता है लेकिन विधायकों का बहुत बड़ा धड़ा अशोक गहलोत के खुलकर समर्थन में सामने आ गया है और कांग्रेस हाईकमान इस मामले में विधायकों की इच्छा के खिलाफ नहीं जा सकता। 

कांग्रेस को उम्मीद थी कि अशोक गहलोत जब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव लड़ेंगे तो एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत के आधार पर मुख्यमंत्री का पद आसानी से छोड़ देंगे लेकिन अब उनके समर्थक विधायक अड़ गए हैं इसलिए इसे लेकर आगे की राह बेहद मुश्किल हो गई है। 

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

राजस्थान से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें