loader

राजस्थान : जिंदा जलाए गए पुजारी का अंतिम संस्कार

धरना-प्रदर्शन, राजनीतिक बयानबाजी और घात-प्रतिघात के बीच राजस्थान के करौली ज़िले में पुरोहित बाबूलाल वैष्णव का अंतिम संस्कार उनके परिजनों की सहमति के बाद कर दिया गया। इसके साथ ही दो दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन रुक गए और इस पर हो रही राजनीति भी फ़िलहाल रुक गई है।
पुलिस का कहना है कि हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और मुख्य अभियुक्त कैलाश मीणा समेत दो लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया है। पुजारी ने पुलिस को दिए अपने बयान में कैलाश, शंकर, नमो मीणा सहित छह लोगों का नाम लिया था।
ख़ास ख़बरें

भूमि विवाद 

याद दिला दें कि भूमि विवाद की वजह से बाबूलाल वैष्णव पर पेट्रोल छिड़क कर उन्हें आग लगा दी गई थी। बुरी तरह झुलसी स्थिति में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
इसके बाद उनके परिजन और गाँव के दूसरे लोगों ने उनका शव लेने से इनकार करते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इससे राजनीतिक दल भी जुड़ गए। भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेताओं ने कहा कि जब तक परिजनों की मांगें नहीं मानी जाएगी, उनका अंतिम संस्कार नहीं करने दिया जाएगा। वे भी धरने पर बैठ गए।

धरना-प्रदर्शन

पुजारी के रिश्तेदार ललित ने कहा था, 'सभी अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया जाना चाहिए और अभियुक्तों का साथ देने वाले पटवारी व पुलिस कर्मी के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जानी चाहिए।'
बीजेपी के कार्यकर्ता भी धरने पर बैठ गए। जयपुर से बीजेपी सांसद राम चरण बोहरा ने पुरोहित के परिवार वालों से मुलाक़ात की और कांग्रेस सरकार के सामने माँगें रखीं।

मामला क्या था?

बता दें कि पुजारी के पास 13 बीघा ज़मीन थी जो राधा कृष्ण मंदिर ट्रस्ट के नाम से है। गाँव के मंदिर के पुजारी बाबूलाल वैष्णव अपनी ज़मीन के पास एक प्लॉट पर मकान बनाना चाहते थे। मीणा समुदाय के कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति की और उन्होंने उस ज़मीन को अपना बताया। रिपोर्ट के अनुसार इस विवाद को गाँव के बुजुर्गों के पास ले जाया गया जिन्होंने पुजारी के पक्ष में फ़ैसला दिया।
उस ज़मीन पर पुजारी ने अपना दावा ठोका तो दूसरे पक्ष ने भी झोपड़ी बनाकर दावा किया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया।
पुलिस के अनुसार, पुजारी ने कहा था कि छह लोगों ने उसके बाजरे (बाजरा) की गांठ पर पेट्रोल डाला जो विवादित जगह पर पड़ा था और बुधवार को उसमें आग लगा दी। उन्होंने दावा किया कि आरोपियों ने उन पर भी पेट्रोल डाला और उन्हें आग लगाने की कोशिश की। उस घटना के बाद गंभीर रूप से जख्मी होने के कारण पीड़ित को जयपुर के एसएमएस अस्पताल ले जाया गया।

'सत्य हिन्दी'
की ताक़त बनिए

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

राजस्थान से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें