सीबीएसई यानी सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन की क्लास 12 की मैथमेटिक्स बोर्ड परीक्षा के प्रश्न पत्र में छपे क्यूआर कोड पर बवाल मच गया। क्यूआर कोड स्कैन करने पर प्रैंक का एक वीडियो खुलने का दावा किया गया। कांग्रेस ने इसको लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला है। सोशल मीडिया पर इसको लेकर तरह तरह की बातें फैलीं तो बोर्ड ने सफाई दी। बोर्ड ने कहा कि प्रश्न पत्र असली हैं और परीक्षा की सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा है।
कांग्रेस ने इसको लेकर मोदी सरकार पर हमला किया है। इसने लिखा है, 'यू-ट्यूब पर गाना सुनना है? सीबीएसई बोर्ड के क्वेश्चन पेपर पर दिए कोड को स्कैन करें और एंजॉय करें। हम मजाक नहीं कर रहे- ये मजाक मोदी सरकार आपके बच्चों के भविष्य के साथ कर रही है। 12वीं बोर्ड में गणित के क्वेश्चन पेपर पर एक QR कोड छपा है, जिसे स्कैन करते ही यू-ट्यूब पर गाने का लिंक खुल जाता है। आप खुद सोचिए- मोदी सरकार के गैरजिम्मेदार लोग और उनका नाकारा सिस्टम आपके बच्चों की पढ़ाई को लेकर कितना सीरियस है। शर्म आनी चाहिए।'
यह मामला 9 मार्च 2026 को हुई क्लास 12 मैथ्स परीक्षा के बाद सामने आया। परीक्षा ख़त्म होते ही सोशल मीडिया पर छात्रों ने स्क्रीनशॉट शेयर किए कि पेपर पर छपा एक क्यूआर कोड स्कैन करने पर रिक एस्टली का फेमस गाना 'नेवर गोना गिव यू अप' का यूट्यूब वीडियो खुल जाता है। यह इंटरनेट पर बहुत पुराना मजाक है, जिसे 'रिक्रॉल' कहते हैं। लोग अक्सर किसी को बिना बताए इस गाने का लिंक भेजकर प्रैंक करते हैं।
रेडिट, एक्स, इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर यह बात तेजी से वायरल हो गई। कई छात्रों ने मजाक में लिखा कि 'सीबीएसई ने 12वीं के बच्चों को भी रिक्रॉल कर दिया!' कुछ ने मीम्स बनाए और हंसी-मजाक किया। लेकिन कुछ छात्रों ने कहा कि उनके सेंटर में क्यूआर कोड स्कैन करने पर सिर्फ 'A' या 'Q' जैसे अक्षर दिखे, कोई वीडियो नहीं खुला। इससे कन्फ्यूजन और बढ़ गया कि क्या यह सिर्फ कुछ सेट्स में हुआ, कोई टेक्निकल ग़लती है या फ़ेक इमेज वायरल हो रही है।

सीबीएसई की सफाई

सीबीएसई ने मंगलवार यानी 10 मार्च को आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर सफाई दी। बोर्ड ने कहा कि बोर्ड परीक्षा के प्रश्न पत्रों में कई सिक्योरिटी फीचर्स होते हैं, जिनमें क्यूआर कोड भी शामिल है। ये क्यूआर कोड पेपर की असलियत चेक करने के लिए होते हैं, अगर कहीं लीक या छेड़छाड़ का शक हो तो इस्तेमाल किए जाते हैं।
बोर्ड ने माना कि कुछ प्रश्न पत्र सेट्स (जैसे सेट 2 या कुछ खास सेट) में एक क्यूआर कोड स्कैन करने पर यूट्यूब वीडियो खुल रहा था। लेकिन बोर्ड ने साफ़ कहा, 'प्रश्न पत्र असली हैं। परीक्षा पत्रों की सुरक्षा पूरी तरह बरकरार है। कोई समझौता नहीं हुआ है।'
सीबीएसई ने छात्रों और पैरेंट्स की चिंता को गंभीरता से लिया है। बोर्ड ने कहा कि भविष्य में ऐसी समस्या न आए, इसके लिए ज़रूरी क़दम उठाए जा रहे हैं। प्रिंटिंग या टेक्निकल गड़बड़ी को ठीक करने की कोशिश की जाएगी ताकि क्यूआर कोड सिर्फ वेरिफिकेशन के लिए काम करे, न कि किसी मजाक का कारण बने।
यह घटना बोर्ड एग्जाम के बीच हल्का-फुल्का माहौल ले आई, क्योंकि परीक्षा का तनाव भारी होता है और सोशल मीडिया पर यह 'प्रैंक' छात्रों को थोड़ा हंसने का मौका दे गया। लेकिन सीबीएसई ने जोर दिया कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष रही। अब छात्रों को अगली परीक्षाओं पर फोकस करने की सलाह दी जा रही है।