भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड अभी एक दिन पहले तक कह रहा था कि बांग्लादेश दुश्मन देश नहीं है। इसलिए वहां के क्रिकेट खिलाड़ी आईपीएल में खेल सकते हैं। लेकिन अब सरकार के निर्देश पर बीसीसीआई ने केकेआर को बांग्लादेश के खिलाड़ी को बाहर कर दिया।
केकेआर ने बांग्लादेश के क्रिकेट खिलाड़ी को अब बाहर कर दिया है
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) सरकार के कितने भारी दबाव में है, शनिवार 3 जनवरी 2026 को स्थिति बिल्कुल साफ हो गई। बीसीसीआई ने पिछले स्टैंड से यूटर्न लेते हुए शनिवार को कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) से बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को अपनी टीम से रिलीज करने यानी निकालने को कहा। केकेआर ने बांग्लादेश के खिलाड़ी को फौरन बाहर करने की घोषणा की। मुस्तफिजुर को दिसंबर 2025 में हुए आईपीएल 2026 मिनी-ऑक्शन में केकेआर ने 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था, लेकिन हालिया घटनाक्रमों के कारण यह कदम उठाया गया है। यही बीसीसीआई है जो दो दिन पहले कह रहा था कि बांग्लादेश दुश्मन देश नहीं है, इसलिए वहां के खिलाड़ी आईपीएल में खेल सकते हैं। लेकिन कुछ बीजेपी नेताओं और दक्षिणपंथी संगठनों के लोगों ने केकेआर के मालिक शाहरुख खान को गद्दार घोषित करते हुए उस खिलाड़ी को केकेआर से बाहर करने की मांग की।
केकेआर ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "कोलकाता नाइट राइडर्स पुष्टि करता है कि आईपीएल के रेगुलेटर बीसीसीआई/आईपीएल ने आगामी आईपीएल सीजन से पहले मुस्तफिजुर रहमान को टीम से रिलीज करने का निर्देश दिया है। यह रिलीज उचित प्रक्रिया और परामर्श के बाद बीसीसीआई के निर्देश पर की गई है। बीसीसीआई आईपीएल नियमों के अनुसार कोलकाता नाइट राइडर्स को एक रिप्लेसमेंट खिलाड़ी की अनुमति देगा, और आगे की जानकारी उचित समय पर दी जाएगी।"
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, "हालिया घटनाक्रमों के कारण बीसीसीआई ने फ्रेंचाइजी केकेआर को उनके खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को टीम से रिलीज करने का निर्देश दिया है। यदि वे रिप्लेसमेंट मांगेंगे, तो बीसीसीआई उसे अनुमति देगा।"
मुस्तफिजुर रहमान इस सीजन के लिए आईपीएल में अनुबंधित होने वाले इकलौते बांग्लादेशी खिलाड़ी थे। उनकी खरीदारी के बाद राजनीतिक और धार्मिक समूहों से विरोध शुरू हो गया था, जिसमें बीजेपी नेता कौस्तव बागची ने कोलकाता में आईपीएल मैचों में बांग्लादेशी खिलाड़ियों की भागीदारी पर आपत्ति जताई थी। केकेआर के सह-मालिक शाहरुख खान पर भी इस खरीदारी का समर्थन करने के लिए आलोचना हुई। इसकी खास वजह बांग्लादेश में हिन्दुओं की सुरक्षा को लेकर भारत की चिंताएं और हालिया घटनाएं शामिल हैं।
बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज को उनकी विविधताओं और डेथ ओवर्स में प्रभावी गेंदबाजी के लिए जाना जाता है। उनकी रिलीज से केकेआर की तेज गेंदबाजी में कमी आएगी, लेकिन बीसीसीआई ने रिप्लेसमेंट की अनुमति देकर फ्रेंचाइजी को राहत दे दी है।
बीजेपी ने कहा- हिन्दुओं की जीत
भाजपा के नेता संगीत सिंह सोम और उनके द्वारा समर्थित आध्यात्मिक लोगों ने शाहरुख खान की कोलकाता नाइट राइडर्स द्वारा बांग्लादेशी खिलाड़ी को बाहर करने के निर्देश का स्वागत किया। संगीत सोम ने कहा, "भारत के 100 करोड़ सनातनियों को ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई के इस फैसले के लिए धन्यवाद। हमने कल (शुक्रवार) कहा था कि इस मामले का संज्ञान लिया जाएगा क्योंकि 100 करोड़ लोगों की भावनाओं को हल्के में नहीं लिया जा सकता... यह पूरे देश के हिंदुओं की जीत है।"
उत्तर प्रदेश के मंत्री और भाजपा नेता नरेंद्र कश्यप ने भी बीसीसीआई के फैसले की सराहना करते हुए कहा, "हम बीसीसीआई के इस फैसले का स्वागत करते हैं कि उन्होंने देश की भावनाओं को समझा और बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम से बाहर कर दिया, क्योंकि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं, जिस पर प्रधानमंत्री मोदी और सरकार आपत्ति जता रहे हैं।"
आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर ने फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित अत्याचारों के मद्देनजर यह कदम उचित है। उन्होंने कहा- “मैं बीसीसीआई के इस फैसले के लिए उनका शुक्रिया अदा करता हूं। बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं, और अगर उस देश का कोई खिलाड़ी आईपीएल में खेलता है, तो यह स्वीकार्य नहीं है। श्री केकेआर (शाहरुख खान) ने अभी तक कोई बयान नहीं दिया है। यह दुखद है कि श्री केकेआर हिंदुओं के साथ खड़े नहीं हैं।”
इस घटनाक्रम ने खेल और राजनीति के बीच की जटिलताओं को उजागर कर दिया है, जहां योग्यता के बावजूद ऑफ-फील्ड फैक्टर प्रभावी हो गए। हालांकि आईसीसी ने पिछले साल एशिया कप आयोजित कराया था। जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम को खेलने की अनुमति दी गई। भारत में इसका भारी विरोध हुआ। विरोध करने वालों ने कहा कि पाकिस्तान से हाल ही में युद्ध हुआ है, उस पर पहलगाम में 26 निर्दोष लोगों की हत्या कराने का आरोप है। ऐसे में भारत-पाकिस्तान क्रिकेट नहीं होना चाहिए। लेकिन उस समय बीसीसीआई ने कुछ भी नहीं सुना और मैच हुआ। आईसीसी के चेयरमैन जय शाह हैं, जो केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बेटे हैं।