भारतीय क्रिकेट टीम ने रविवार को इतिहास रच दिया। सिर्फ़ टी20 वर्ल्ड कप का खिताब ही नहीं जीता, बल्कि लगातार दो बार चैंपियन बनने वाली पहली टीम भी बन गई। ये भारत का तीसरा टी20 विश्व कप खिताब है। पहला 2007 में, दूसरा 2024 में और अब 2026 में।
रविवार की रात एक ऐतिहासिक रात रही जब भारतीय टीम ने आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर खिताब बरकरार रखा। मैच नरेंद्र मोदी स्टेडियम अहमदाबाद में खेला गया। यह दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है। ये टूर्नामेंट भारत और श्रीलंका ने मिलकर होस्ट किया था और भारत पहली बार मेजबान देश के रूप में टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम भी बन गई।
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भारत का बल्लेबाजी में कमाल

भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट पर 255 रन बनाए। यह टी20 विश्व कप के फाइनल में अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। संजू सैमसन ने 89 रन बनाए। यह फाइनल में सबसे ज्यादा व्यक्तिगत स्कोर है। अभिषेक शर्मा और ईशान किशन ने भी अर्धशतक लगाए। आखिर में शिवम दुबे ने तेजी से रन बनाकर स्कोर को 255 तक पहुंचाया। ये स्कोर चेज करना बहुत मुश्किल था और न्यूजीलैंड की टीम कभी नहीं संभल पाई।

न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी कैसी रही?

न्यूजीलैंड को 256 रनों का लक्ष्य मिला, लेकिन वह 19 ओवर में 159 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। जसप्रीत बुमराह ने 4 विकेट लिए और 4 ओवर में सिर्फ 15 रन दिए। अन्य गेंदबाजों ने भी कसी हुई गेंदबाजी की, जिससे न्यूजीलैंड बड़े शॉट्स नहीं खेल पाई। न्यूजीलैंड की शुरुआत खराब रही और वे लगातार विकेट गंवाते रहे।

भारत ने टी20 विश्व कप में न्यूजीलैंड को पहली बार हराया। पहले तीन मैच- 2007, 2016, 2021 में न्यूजीलैंड ने जीत हासिल की थी।

भारत ने आईसीसी फाइनल में अब तक 15 मैच खेले हैं, जिसमें 7 जीते हैं। टी20 विश्व कप फाइनल में भारत चार बार पहुंचा और तीन बार जीता। 2014 में श्रीलंका से हारा था। ये भारत की टी20 विश्व कप में अब तक की सबसे बड़ी जीत है।

न्यूज़ीलैंड फाइनल में दबाव झेल नहीं सका?

मैच से पहले पूर्व दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने एक पॉडकास्ट में कहा था कि न्यूजीलैंड को 'चोकर्स' यानी फाइनल में दबाव में हारने वाली टीम कहना ज्यादा सही है, न कि दक्षिण अफ्रीका को। न्यूजीलैंड अक्सर सेमीफाइनल तक पहुंचती है, लेकिन बड़े फाइनल में हार जाती है। आज के मैच में भी न्यूजीलैंड फाइनल में नहीं जीत पाई, जिससे स्टेन की बात सही साबित हुई।
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कप्तान सूर्यकुमार यादव और पूरी टीम ने कमाल का प्रदर्शन किया। मैच के बाद स्टेडियम में वंदे मातरम के नारे गूंजे, और फैंस ने जश्न मनाया।

जब गुस्साए डेरिल मिचेल...

मैच के दौरान एक समय तनातनी की स्थिति बन गई थी। भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह और न्यूज़ीलैंड के बल्लेबाज डेरिल मिचेल के बीच विवाद हुआ। भारत के लिए अर्शदीप 11वां ओवर लेकर आए। डेरिल मिचेल ने उन पर दूसरी और तीसरी गेंद पर लगातार 2 छक्के जड़ दिए। इसके बाद एक गेंद वाइड हुई और एक डॉट रही। फिर पाँचवीं गेंद भी डॉट रही। लेकिन इस गेंद पर अर्शदीप ने ग़ुस्सा में आकर जानबूझकर डेरिल मिचेल पर गेंद फेंक दी। गेंद लगते ही मिचेल गुस्से में नजर आए। इसके बाद अंपायर ने अर्शदीप सिंह को समझाया. फिर भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने मिचेल से हाथ मिलाया और उनसे बात की। ओवर समाप्त होने के बाद डेरिल मिचेल और अर्शदीप सिंह ने भी एक दूसरे से हाथ मिलाया। और विवाद ख़त्म हो गया।