Vinesh Phogat ने Asian Games 2026 में क्वालीफाई करने को लेकर जो आशंका जताई थी, वो सच साबित हुई। भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने नए नियम बनाए हैं और विनेश फोगाट चयन ट्रायल से बाहर हो सकती हैं।
भारत की नामी महिला पहलवान विनेश फोगाट की आशंका सच साबित हो रही है। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने एशियाई खेलों में भाग लेने के नियम बदल दिए हैं, इससे दिग्गज पहलवान की वापसी की कोशिश को करारा झटका लगा है। यह सब कुश्ती संघ के सर्वेसर्वा रहे पूर्व बीजेपी सांसद और बाहुबली बृजभूषण शरण सिंह से एक तीखे विवाद की वजह से हो रहा है। बृजभूषण यौन उत्पीड़न के मुकदमे का सामना कर रहे हैं। विनेश आरोप लगा चुकी हैं कि वो उन 6 महिला पहलवानों में शामिल हैं, जिनता बृजभूषण ने यौन उत्पीड़न किया।
फोगाट अगले सप्ताह लगभग 20 महीनों में पहली बार राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग प्रतियोगिता में भाग लेतीं, लेकिन डब्ल्यूएफआई के अनुसार, यह एशियाई खेलों के चयन के लिए आधार बनने वाला इवेंट नहीं है। फोगाट को उम्मीद थी कि वह राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट 2026 के माध्यम से पेशेवर कुश्ती में वापसी करेंगी, जो 10-12 मई को गोंडा, उत्तर प्रदेश में आयोजित होने जा रही है।
क्या हैं WFI के नए नियम?
WFI के ताजा सर्कुलर के अनुसार, एशियन गेम्स के चयन ट्रायल में केवल वही पहलवान भाग ले सकते हैं जिन्होंने पिछले कुछ महीनों में घरेलू प्रतियोगिताओं में पदक जीते हों। पात्रता के लिए निम्नलिखित तीन टूर्नामेंटों के पदक विजेताओं को ही अनुमति दी गई है:
- सीनियर नेशनल चैंपियनशिप 2025 (अहमदाबाद)
- सीनियर फेडरेशन कप 2026 (गाजियाबाद)
- नेशनल अंडर-20 चैंपियनशिप 2026 (भिलाई)
फोगाट को उम्मीद थी कि वह 10-12 मई को उत्तर प्रदेश के गोंडा में होने वाले राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट 2026 के माध्यम से पेशेवर कुश्ती में वापसी करेंगी। पेरिस में 2024 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के बाद यह उनकी पहली प्रतियोगिता होगी, जहां उन्हें 100 ग्राम अधिक वजन के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया था और वह कोई पदक नहीं जीत पाई थीं। इस निराशा के बाद, फोगाट ने पहले संन्यास की घोषणा की, लेकिन दिसंबर में उन्होंने लॉस एंजिल्स में 2028 के ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए अपना निर्णय बदल दिया। यह उनका पांचवां भार वर्ग परिवर्तन होने के साथ-साथ, 57 किलोग्राम वर्ग में उनकी पहली प्रतियोगिता होगी, जिसे जापान में 2026 के एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई करने में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा था।
विनेश फोगाट बनाम बीजेपी नेता बृज भूषण शरण सिंह
फोगाट और डब्ल्यूएफआई के बीच कुछ समय से टकराव चल रहा है। डब्ल्यूएफआई ने पहलवान विनेश फोगाट के इस पहले आरोप का खंडन किया कि महासंघ ने उन्हें गोंडा में रैंकिंग प्रतियोगिता के लिए रजिस्ट्रेशन करने से रोकने की कोशिश की। बाद में, उन्होंने टूर्नामेंट के दौरान संभावित "पक्षपातपूर्ण रवैए" को लेकर चिंता व्यक्त की और गोंडा में टूर्नामेंट आयोजित करने के फैसले पर सवाल उठाया। क्योंकि गोंडा पूर्व डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष और बीजेपी नेता बृज भूषण शरण सिंह का गढ़ है।
3 मई को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में विनेश ने कहा था, "अगर प्रतियोगिता के दौरान मेरे, मेरी टीम या समर्थकों के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसके लिए भारत सरकार जिम्मेदार होगी। टूर्नामेंट ऐसी जगह आयोजित किया जा रहा है जहां उनका (बृज भूषण का) प्रभाव मजबूत है। कौन किस मुकाबले में रेफरी बनेगा, कितने अंक दिए जाएंगे, मैट चेयरमैन कौन बैठेगा - सब कुछ उनके और उनके (बृजभूषण शरण सिंह) लोगों द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है।"
विनेश फोगाट का यौन उत्पीड़न हुआ था
विनेश फोगाट ने रविवार 3 मई को बड़ा खुलासा किया था। उन्होंने कहा था कि वह बृजभूषण शरण सिंह के यौन उत्पीड़न के 6 पीड़ितों में से एक हैं। उन्होंने गोंडा में होने वाले रैंकिंग टूर्नामेंट में सुरक्षा को लेकर आशंका जताई, क्योंकि यह टूर्नामेंट बृजभूषण के अपने इलाके और उनके कॉलेज में हो रहा है। विनेश ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर यह खुलासा किया। उन्होंने कहा कि वे लगभग 20 महीने बाद कुश्ती में वापसी करने जा रही हैं, लेकिन इस टूर्नामेंट के कारण उन्हें मजबूरन अपना पक्ष रखना पड़ा। उन्होंने कहा है कि उन्हें वहाँ जाने से बहुत मानसिक दबाव महसूस हो रहा है।
बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ पिछले क़रीब तीन साल से हमलावर रहने वाली विनेश ने कहा है कि तीन साल पहले हमने बृजभूषण के खिलाफ आवाज उठाई थी। छह महिला पहलवानों ने शिकायत की थी। उन्होंने अब गोंडा में हो रहे टूर्नामेंट को लेकर शिकायत की है। बृजभूषण का ज़िक्र करते हुए विनेश ने कहा, 'गोंडा में उसका घर है, उसका अपना कॉलेज है। वहां सब उनके लोग हैं। ऐसे माहौल में जाकर कुश्ती लड़ना बहुत मुश्किल है। हम पहले से ही मानसिक दबाव में रहते हैं। देश हमसे मेडल की उम्मीद करता है।'
विनेश ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर टूर्नामेंट के दौरान उनके साथ कुछ हुआ तो सरकार जिम्मेदार होगी। महिला पहलवान ने कहा, 'आज भी बृज भूषण कह रहा है कि कुश्ती महासंघ पर उसका पूरा नियंत्रण है। उसके लोग ही महासंघ चला रहे हैं। फिर भी खेल मंत्रालय या सरकार ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया। अगर मैं उस प्रतियोगिता में जाती हूँ, तो मेरी टीम मेरे साथ होगी। अगर किसी के साथ कोई घटना हो जाती है, तो मैं आप सबको बता देना चाहती हूँ कि इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।'
इसके साथ ही उन्होंने जोड़ा, 'क्योंकि वो बृज भूषण खुद कैमरे पर कह चुका है कि उसने एक आदमी की हत्या कर दी थी और उसे कोई सजा नहीं मिली। तो आप खुद सोच सकते हैं कि उसकी सोच कैसी है और वो क्या कर सकता है। मैं खुद के लिए कोई विशेष सुविधा या विशेष व्यवहार नहीं चाहती। मुझे सिर्फ इतना चाहिए कि मैट पर फैसला हर खिलाड़ी की मेहनत के आधार पर हो। किसी गुंडे के जरिए नहीं। जो जीतना चाहे वो जीते, जो हारना चाहे वो हारे।'
उन्होंने कहा, 'वहाँ मेहनती खिलाड़ी को अपना हक मिलना लगभग नामुमकिन है। कौन सा रेफरी किस मैच में बैठेगा, किसे कितने पॉइंट्स देने हैं, मैच चेयरमैन कहाँ बैठेगा, किसे जिताना है और किसे हराना है… ये सब कुछ बृज भूषण और उनके लोगों के नियंत्रण में होगा।'
बृजभूषण और टूर्नामेंट का गोंडा कनेक्शन
नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट 10 से 12 मई तक गोंडा के नंदिनी नगर महाविद्यालय में होगा। यह एशियन गेम्स सिलेक्शन ट्रायल्स के लिए आखिरी मौका है। बृजभूषण इस कॉलेज के संस्थापक हैं और गोंडा से पूर्व सांसद रह चुके हैं। विनेश को डर है कि वहां मैच फिक्सिंग हो सकती है और रेफरी, पॉइंट्स, वेट-इन सब पर बृजभूषण का असर हो सकता है।
कुश्ती संघ का जवाब
WFI के नए अध्यक्ष संजय सिंह ने विनेश के बयान के बाद जवाब दिया है। उन्होंने द इंडियन एक्सप्रेस से कहा, 'मैं विनेश को व्यक्तिगत गारंटी देता हूं कि उनकी पूरी सुरक्षा होगी। वे बेझिझक आएं और अपना बेस्ट दें।' उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट में करीब 1200 एंट्री हैं, जिनमें 800 हरियाणा से हैं। किसी दूसरे खिलाड़ी ने आपत्ति नहीं की। रेफरी IOA और WFI की पैनल से चुने जाएंगे, बृजभूषण या उन पर कोई नियंत्रण नहीं होगा। संजय सिंह ने विनेश पर आरोप लगाया कि वे मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रही हैं क्योंकि वे कांग्रेस की विधायक भी हैं।
बृजभूषण शरण सिंह पर आरोप
बृजभूषण शरण सिंह पर छह महिला पहलवानों ने 2023 में यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़ और स्टाकिंग यानी पीछा करने के आरोप लगाए थे। विनेश, बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक समेत कई टॉप पहलवानों ने जंतर-मंतर पर दो महीने तक प्रदर्शन किया था। दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में बृजभूषण पर आरोप तय हो चुके हैं। केस अभी दिल्ली कोर्ट में चल रहा है। विनेश ने पेरिस ओलंपिक के बाद कुश्ती छोड़ दी थी, लेकिन अब वापसी की तैयारी कर रही हैं। यह टूर्नामेंट उनके लिए बेहद अहम है।
अभी भी चल रहा है मुकदमा
विनेश ने वीडियो में कहा, 'तीन साल पहले हमने भी बृज भूषण के यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई थी। उस मामले में कोर्ट में सुनवाई चल रही है। छह महिला खिलाड़ियों ने शिकायत की थी, उसी के आधार पर केस चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश के अनुसार, पीड़ित की पहचान नहीं बतानी चाहिए क्योंकि यह उनकी इज्जत और सम्मान का सवाल है। आज मुझे कुछ बातें कहनी पड़ रही हैं। मैं अब तक चुप थी क्योंकि केस अभी कोर्ट में लंबित है और जल्द ही सच्चाई देश के सामने आएगी। लेकिन मैं यह कहना चाहती हूँ कि 'मैं भी उन छह पीड़ित महिलाओं में से एक हूँ, जिन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी। हमारी गवाही अभी भी चल रही है।'