loader

क्या वास्तव में हनुमान को दलित बताया था योगी ने?

हनुमान पर दिए गए बयान को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जम कर आलोचना हो रही है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि राजस्थान में एक चुनावी सभा के दौरान योगी ने हनुमान को दलित और वंचित बताया था।
अब आप नीचे विडियो में सुनिए कि योगी ने क्या कहा था। 
आपने सुना कि योगी ने कहा, ‘बजरंग बली हमारी भारतीय परंपरा में ऐसे लोक देवता हैं, जो स्वयं वनवासी हैं, निर्वासी हैं, दलित हैं, वंचित हैं, सबको लेकर के, सभी भारतीय समुदाय को उत्तर से लेकर दक्षिण तक, पूरब से पश्चिम तक, सबको जोड़ने का कार्य बजरंग बली करते हैं और इसलिए बजरंग बली का संकल्प होना चाहिए। जब तक राम का काज नहीं होगा, हमारा संकल्प होना चाहिए जब तक राष्ट्र का कार्य नहीं होगा, तब तक विश्राम नहीं लेंगे।'योगी अपने भाषण में राम मंदिर बनाने के लिए बजरंग बली यानी हनुमान का संकल्प लेने की बात करते हैं। लेकिन यहाँ हमारा संकल्प उनके राम मंदिर के संकल्प के बारे में बात करना नहीं है। हमारा संकल्प यह पता लगाने का है कि योगी ने हनुमान को दलित कहा था या नहीं।यदि ऊपर के वाक्य को ध्यान से पढ़ें। उसमें एक 'स्वयं' लगा हुआ है। यदि यह 'स्वयं' यानी ख़ुद नहीं लगा होता तो हम कह सकते हैं कि योगी यह कह रहे हैं कि हनुमान वनवासियों, निर्वासियों, दलितों आदि को जोड़ने का काम करते हैं। लेकिन उन्होंने कहा ... ऐसे लोक देवता हैं जो स्वयं वनवासी हैं, निर्वासी हैं, दलित हैं...। अब इन शब्दों से तो यही अर्थ निकलता है कि योगी हनुमान को वनवासी, निर्वासी और दलित ही बता रहे हैं।
बता दें कि योगी के बयान पर अनूसचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंद कुमार साय ने कहा था कि हनुमान दलित नहीं, जनजाति समाज के हैं। इसके बाद केंद्रीय मंत्री सत्यपाल मलिक भी सामने आए और उन्होंने कहा कि भगवान राम और हनुमान के युग में कोई जाति व्यवस्था नहीं थी, इसलिए हनुमान आर्य थे।
सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
क़मर वहीद नक़वी
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

राज्य से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें