मणिपुर में एक मैतेई युवक की हत्या के बाद तनाव बढ़ गया है। क्या यह राजनीतिक हत्या है और क्या सरकार बनाने के प्रयासों को पटरी से उतारने की कोशिश है?
मणिपुर में शांति के प्रयास को फिर झटका लगा है। एक मैतेई युवकी की हत्या की एक घटना के बाद एक बार फिर जातीय तनाव बढ़ गया है। चुराचांदपुर जिले में अज्ञात हमलावरों ने एक 29 साल के मैतेई युवक मयांगलंबम रिशिकांत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना कैमरे में कैद हो गई और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। हत्या को लेकर कुकी संगठनों पर उंगलियाँ उठ रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियाँ मानती हैं कि यह हत्या राजनीतिक है। वीडियो का मैसेज दिखाता है कि कुछ लोग राज्य में लोकप्रिय सरकार बनने नहीं देना चाहते। फरवरी में ऐसी सरकार बनाने की कोशिश चल रही है, लेकिन कूकी समूह अलग प्रशासन की मांग पर अड़े हैं। केंद्र पर दबाव है। मणिपुर में फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन है।
युवक मैतेई, पत्नी कुकी समुदाय की
रिशिकांत सिंह काकचिंग जिले के रहने वाले थे और मैतेई समुदाय से थे। वे अपनी पत्नी चिंग्नू हाओकिप से मिलने चुराचांदपुर आए थे। उनकी पत्नी कूकी-जो समुदाय की हैं। दोनों की शादी 2022 में हुई थी। रिशिकांत पिछले दो साल से नेपाल में काम कर रहे थे और दिसंबर 2025 में छुट्टी लेकर 19 दिसंबर को मिजोरम के आइजोल से होते हुए चुराचांदपुर पहुंचे थे। वे तब से वहां अपनी पत्नी के साथ रह रहे थे।
पुलिस के अनुसार, बुधवार शाम को चार मास्क पहने हुए लोग एक काली एसयूवी में आए। दो लोग कार में रहे और दो घर में घुसे। एक के पास हथियार था। उन्होंने रिशिकांत और उनकी पत्नी को घर से उठा लिया। थोड़ी दूर ले जाकर पत्नी को छोड़ दिया गया, लेकिन रिशिकांत को नतजांग गांव के पास ले जाकर गोली मार दी गई। वीडियो में रिशिकांत घुटनों पर बैठे, हाथ जोड़कर रोते हुए मदद मांगते दिख रहे हैं। फिर गोली चलाई गई। वीडियो पर लिखा था– 'कोई शांति नहीं, कोई लोकप्रिय सरकार नहीं'। यह वीडियो शाम करीब 9:30 बजे व्हाट्सएप पर शेयर हुआ, जिसका आईपी पता गुवाहाटी का था। मृतक की पत्नी ने पुलिस को बताया कि गांव के मुखिया के अलावा किसी को उनके पति के आने की जानकारी नहीं थी। दोनों परिवारों ने इस अंतरजातीय शादी का विरोध किया था। रिशिकांत ने ईसाई धर्म अपनाने और चर्च में शादी करने का वादा किया था।
शव बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस यूकेनए यानी यूनाइटेड कूकी नेशनल आर्मी पर शक कर रही है, जो हेंगलेप इलाके में सक्रिय है और सरकारी समझौते से बाहर है। यूकेनए ने अभी तक हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। दूसरी तरफ, कूकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन यानी केएनओ ने कहा कि उन्हें इस घटना की कोई जानकारी नहीं थी और वे किसी अंतरजातीय जोड़े के साथ ऐसा नहीं होने देते।
मणिपुर में तनाव बढ़ा
इस हत्या के बाद मणिपुर में तनाव बढ़ गया। मैतेई बहुल इंफाल वैली में धरना-प्रदर्शन शुरू हो गए। काकचिंग जिले में लोगों ने इंडो-म्यांमार सुगनू रोड ब्लॉक कर दिया और मृतक के परिवार को न्याय की मांग की। कॉर्डिनेटिंग कमिटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी यानी कोकोमी ने हत्या की निंदा की और कहा कि केंद्र सरकार 60000 से ज्यादा सुरक्षा बलों के बावजूद सशस्त्र उग्रवादियों को रोक नहीं पा रही। कोकोमी के संयोजक वाई.के. धीरन ने कहा कि शांति बहाल करने की कोशिशों के बीच यह हत्या बहुत दुखद है।मैतेई संगठनों के छह प्रतिबंधित समूहों की समन्वय समिति ने रविवार यानी 25 जनवरी को दोपहर 12 बजे से 18 घंटे का बंद और गणतंत्र दिवस समारोह के बहिष्कार का ऐलान किया है।
मणिपुर हिंसा में अब तक 250 से ज़्यादा मौतें
मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कूकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा चल रही है। अब तक 250 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। दोनों समुदाय एक-दूसरे के इलाकों में नहीं जा पाते। वैली और हिल जिलों के बीच बफर जोन बने हुए हैं। चुराचांदपुर हिल जिला है, जहां कूकी-जो बहुल हैं।
मृतक के परिवार और वैली में बने जॉइंट एक्शन कमिटी ने जांच एनआईए को सौंपने की मांग की है। यह घटना मणिपुर में शांति की उम्मीदों पर बड़ा झटका है। लोग डर और गुस्से में हैं। सुरक्षा बलों ने जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की तलाश जारी है।