DMK के अखबार मुरासोली में लिखा गया कि जब इंडिया गठबंधन की बैठक में कांग्रेस की आलोचना हुई तो राहुल गांधी सहयोगी दलों की टिप्पणियों से असहज हो गए। उन्हें समझ नहीं आया कि क्या करें।
एमके स्टालिन और राहुल गांधी
विपक्षी दलों के 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के भीतर दरारें और गहरी होती नजर आ रही हैं। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने मंगलवार को कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला है। DMK ने राहुल गांधी पर विपक्षी गठबंधन को कमजोर करने का आरोप लगाया है।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद दोनों दलों के बीच पैदा हुई कड़वाहट के बाद DMK की तरफ से यह तीखी प्रतिक्रिया आई है। हाल ही में कांग्रेस (INC) ने अभिनेता विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) के साथ गठबंधन का एलान किया था, जिससे DMK नाराज है।
आधिकारिक मुखपत्र 'मुरासोली' में साधा निशाना
DMK ने अपने आधिकारिक मुखपत्र 'मुरासोली' में कांग्रेस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लेख में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस राष्ट्रीय संसदीय चुनावों के दौरान तो अपने सहयोगियों का समर्थन मांगती है, लेकिन राज्यों के विधानसभा चुनावों में उन्हीं सहयोगियों को कमजोर करने का काम करती है।
मुखपत्र में कहा गया: "जिन राज्यों में भी विधानसभा चुनाव होते हैं, वहां कांग्रेस अपने साथी इंडिया गठबंधन के दलों को सत्ता में आने से रोकने के लिए हर संभव कोशिश करती है। लेकिन जब लोकसभा चुनाव आते हैं, तो वह बीजेपी से लड़ने के नाम पर उन्हीं दलों से समर्थन मांगने पहुंच जाती है।"
'इंडिया' ब्लॉक की बैठक में मचा बवाल
मुरासोली की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस द्वारा किए गए इस "विश्वासघात" के विरोध में DMK ने 8 जून को नई दिल्ली में हुई 'इंडिया' गठबंधन की बैठक का बहिष्कार किया था। DMK का दावा है कि इस बैठक में कई अन्य नेताओं ने भी कांग्रेस के साथ अपने संबंधों को लेकर असंतोष व्यक्त किया था।मुरासोली के लेख में आगे लिखा गया कि जब बैठक में कांग्रेस की आलोचना हुई तो राहुल गांधी इन टिप्पणियों से असहज हो गए और उन्हें समझ नहीं आया कि क्या करें। मुखपत्र में तंज कसते हुए कहा गया: "राहुल गांधी ने शायद ऐसी आलोचना की उम्मीद नहीं की थी। बीजेपी के खिलाफ विपक्षी एकजुटता पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई बैठक में खुद कांग्रेस ही आलोचना का मुख्य निशाना बन गई। इसकी पूरी जिम्मेदारी राहुल गांधी की राजनीतिक अपरिपक्वता (political immaturity) पर जाती है।"
DMK नेताओं के कड़े बयान
इस मुद्दे पर DMK के वरिष्ठ नेता टीकेएस एलंगोवन ने ANI से बात करते हुए कहा कि राहुल गांधी जो कुछ भी कह रहे हैं, उसे तमिलनाडु की जनता स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा, "चुनाव के तुरंत बाद कांग्रेस के विधायक TVK में शामिल हो गए और उनके दो विधायकों को मंत्री पद भी मिल गया। अब वह जो भी बोलें, तमिलनाडु के लोग उसे नहीं मानेंगे।"वहीं, DMK के आईटी सेल (IT Cell) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर कांग्रेस को जमकर खरी-खोटी सुनाई। आईटी सेल ने अपने बयान में कहा: "जब कांग्रेस अपने राजनीतिक अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही थी, तब हमने उन्हें अपने कंधों पर उठाया। लेकिन जैसे ही उन्हें कोई नया चमकता हुआ खिलौना (TVK पार्टी) दिखा, उन्होंने तुरंत पाला बदल लिया। यह साबित करता है कि यह 'भाई' (राहुल गांधी) अभी भी बड़ा नहीं हुआ है; वह अब भी एक मज़ाक है।" बयान में आगे चेतावनी देते हुए कहा गया, "जब समय बदलेगा, तो हमारे पास भागते हुए मत आना। अकेले बने रहने के लिए शुभकामनाएं!"
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तमिलनाडु चुनाव के बाद कांग्रेस का नया गठबंधन बनाना और DMK का इस तरह खुलकर राहुल गांधी पर हमला करना, आगामी राष्ट्रीय राजनीति और विपक्षी एकजुटता के भविष्य के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है। बता दें कि इससे पहले सीपीएम और पूर्व सीएम पिनराई विजयन ने भी राहुल गांधी की आलोचना की थी।