Tamil Nadu government formation में टीवीके समर्थन पर कांग्रेस में विवाद बढ़ रहा है। सीनियर नेता मणिशंकर अय्यर का कहना है कि कांग्रेस ने इस कदम से महात्मा गांधी के 'नैतिकता से शासन' करने के मकसद का 'उल्लंघन' किया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर
तमिलनाडु में टीवीके समर्थन देने पर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता मणि शंकर अय्यर अपनी ही पार्टी पर हमलावर हैं। उन्होंने इसे महात्मा गांधी की 'नैतिकता' वाली सरकार की अवधारणा का उल्लंघन बताया और इसे 'राजनीतिक मूर्खता' तथा 'अनैतिकता' करार दिया। कांग्रेस के तमिलनाडु में पांच विधायक बने हैं। राज्य में साम्प्रदायिक सरकार को रोकने के लिए कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन दिया है। तमिलनाडु में टीवीके सरकार बनने जा रही है।
अय्यर ने शुक्रवार को कहा, "नवंबर 1925 में, लगभग सौ साल पहले, महात्मा गांधी ने अपनी गुजराती पत्रिका 'नवजीवन' में बताया था कि स्वराज मिलने पर 'नैतिकता' द्वारा सरकार किस तरह चलाई जाएगी। कांग्रेस पार्टी, महात्मा गांधी की पार्टी है, ने TVK के साथ 'गठबंधन' करके इस निर्देश का उल्लंघन किया है। चुनाव में TVK का विरोध करने के बाद समर्थन देने का यह कदम राजनीतिक सुविधावाद है, जो आगे का रास्ता नहीं है।"
तमिलनाडु में टीवीके के साथ गठबंधन करने के कांग्रेस के फैसले ने न केवल इंडिया गठबंधन के अंदर, बल्कि स्वयं कांग्रेस पार्टी के भीतर भी दरार पैदा कर दी है। इस संदर्भ में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर भी अपनी पार्टी को निशाना बना रहे हैं।
अपनी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए, अय्यर ने इस कदम को "राजनीतिक नासमझी" करार दिया। कहा, "इस फैसले में एक तरह की राजनीतिक नासमझी भी शामिल है क्योंकि हमने सोचा था कि डीएमके गठबंधन से अलग होने पर गठबंधन के अन्य छोटे सदस्य, जो हमसे भी छोटे हैं, वे भी अलग हो जाएंगे, लेकिन उनमें से कोई भी अलग नहीं हुआ है। और इसलिए, हम पूरी तरह से अधर में लटके हुए हैं। हमने विजय के साथ जुड़कर अनैतिकता तो की है, लेकिन साथ ही उन्हें बहुमत न दिलाकर राजनीतिक मूर्खता भी की है।"
उन्होंने कहा- “क्या यह कदम विवेक, राजनीति या नैतिकता का उदाहरण है? इस तरह की स्वार्थपरक राजनीति किस मानदंड को पूरा करती है? मुझे नहीं लगता कि हम इस तरह की राजनीति के साथ आगे बढ़ सकते हैं।”
तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में TVK ने सत्तारूढ़ DMK को हराया है। DMK कांग्रेस का INDIA गठबंधन में सहयोगी था। TVK ने सबसे अधिक 105 सीटें जीती हैं। लेकिन सरकार बनाने के लिए 118 (बहुमत) विधायक चाहिए थे। कांग्रेस ने 5 सीटें जीती हैं। 4 मई को नतीजे आने् के बाद कांग्रेस ने TVK का समर्थन करने का फैसला लिया। इस कदम से INDIA गठबंधन में गहरे मतभेद पैदा हो गए हैं। कांग्रेस और DMK का गठबंधन टूट गया है। DMK ने कांग्रेस पर 'पीठ में छुरा घोंपने' का आरोप लगाया है।
INDIA गठबंधन में दरार
कांग्रेस के इस कदम से INDIA गठबंधन में दरार साफ दिख रही है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने TMC प्रमुख ममता बनर्जी के साथ फोटो पोस्ट करते हुए लिखा, "हम मुश्किल वक्त में एक-दूसरे को नहीं छोड़ते।" यह बंगाल चुनाव हार के बाद INDIA नेताओं की रणनीति पर पुनर्विचार का हिस्सा माना जा रहा है।
मणिशंकर अय्यर के बयान ने कांग्रेस के अंदर भी असंतोष को उजागर कर दिया है। पार्टी के इस फैसले पर बहस तेज हो गई है। कांग्रेस का यह कदम न केवल क्षेत्रीय सहयोगियों को नाराज कर रहा है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता को भी प्रभावित कर सकता है।