तमिलनाडु के नए सीएम विजय ने पद की शपथ लेने के बाद अपने पहले फ़ैसले में मुफ्त बिजली के अलावा महिला सुरक्षा बल और नशा विरोधी इकाई को भी मंजूरी दी। उन्होंने DMK शासन के दौरान राज्य पर चढ़े 10 लाख करोड़ के कर्ज को लोगों को बताएँगे।
मुख्यमंत्री बनते ही दलपति (थलपति) विजय ने रविवार को अपनी पहली बैठक में कई अहम फ़ैसले लिए। शपथ ग्रहण के कुछ घंटों बाद ही उन्होंने फाइलें साइन कीं। सबसे पहले जिस फाइल पर उन्होंने दस्तख़त किए वह 200 यूनिट मुफ्त बिजली की है। महिला सुरक्षा के लिए विशेष बल व हर जिले में एंटी-ड्रग यूनिट और DMK सरकार के वित्त पर श्वेत पत्र जारी करने की फाइल पर भी विजय ने दस्तख़त किए। इन बड़े मुद्दों पर उन्होंने अपने चुनावी अभियान में दावे किए थे।
200 यूनिट मुफ्त बिजली
विजय ने जो पहली फाइल पर दस्तख़त किए उसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 200 यूनिट बिजली मुफ्त देने का फ़ैसला लिया गया। यह टीवीके का बड़ा चुनावी वादा था, जिसे विजय ने सबसे पहले पूरा किया।
महिला सुरक्षा के लिए विशेष बल
महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक अलग विशेष पुलिस बल बनाने को मंजूरी दे दी गई। यह फ़ैसला राज्य में महिलाओं को ज़्यादा सुरक्षा और भरोसा दिलाने के लिए लिया गया है।DMK सरकार पर श्वेत पत्र
सबसे ज्यादा चर्चा वाले फ़ैसले में विजय ने कहा है कि पिछली DMK सरकार के वित्तीय हालात पर श्वेत पत्र यानी White Paper जारी किया जाएगा। किसी मुद्दे पर श्वेत पत्र जारी करने का मतलब होता है कि सरकार उस मुद्दे या नीति के बारे में आम जनता को विस्तार से बताना चाहती है। विजय ने कहा, 'DMK सरकार हमें 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज छोड़कर गई है। मैं जनता को बताना चाहता हूँ कि पिछले सरकार ने कितना बोझ मेरे ऊपर छोड़ा है।'
हर जिले में एंटी-ड्रग यूनिट
राज्य में बढ़ती नशीली दवाओं की समस्या को रोकने के लिए हर जिले में एक-एक एंटी-ड्रग यूनिट बनाने का फैसला हुआ।विजय ने कहा है कि वे नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के ख़िलाफ़ कड़े कदम उठाएँगे, क़ानून-व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे, और जन-कल्याण के लिए शिक्षा, बुनियादी ढाँचे और ज़रूरी सेवाओं को प्राथमिकता देंगे।
उन्होंने कहा, 'आज से मैं नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़े कदम उठाना शुरू करूँगा। हमारे युवाओं को इससे बचाना हमारा फ़र्ज़ है। इसी तरह, मैं क़ानून-व्यवस्था सुनिश्चित करूँगा और हर किसी की सुरक्षा की गारंटी दूँगा। भले ही कुछ लोग मेरा अपमान करें- चाहे वे दोस्त हों या दुश्मन- फिर भी वे सभी 8 करोड़ लोग मेरे ही लोग हैं। मेरा दिल कहता है कि मुझे शिक्षा, सड़कों, पीने के पानी की सुविधाओं और अन्य ज़रूरी सेवाओं पर पूरा ध्यान देना चाहिए। जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, मैं लोगों के पैसे का एक भी पैसा नहीं छूऊँगा।'
पारदर्शी प्रशासन का वादा
शपथ ग्रहण के बाद पहली बार जनता को संबोधित करते हुए विजय ने कहा, 'मैं पारदर्शी तरीके से सरकार चलाऊंगा। मैंने जो वादे किए हैं, उन्हें पूरा करने की पूरी कोशिश करूंगा, अगर आपको मुझे मौका और समर्थन मिले।' उन्होंने एआईएडीएमके पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे बंद कमरों में सौदेबाजी नहीं करेंगे, बल्कि सब कुछ खुलकर और पारदर्शी तरीके से करेंगे।
किन मुद्दों पर फोकस?
विजय ने इसके साथ ही अपनी सरकार की प्राथमिकता के मुद्दों को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा और महिला सुरक्षा पर फोकस रहेगा। इन चार क्षेत्रों पर उनकी सरकार खास ध्यान देगी।
'एक ही केंद्र, कोई दूसरा पावर सेंटर नहीं'
विजय ने साफ़ कहा कि सरकार में कोई कई पावर सेंटर नहीं होंगे। वे खुद ही एकमात्र अधिकारी होंगे। यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि उनकी सरकार सिर्फ 120 सीटों के बहुत नाजुक बहुमत पर टिकी हुई है।
विरोधियों को भी साथ ले जाने का संदेश
विजय ने नरम स्वर में कहा, 'जिन लोगों ने मुझे आलोचना की और अपमानित किया, वे भी मेरे लोग ही हैं।' उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के विकास में वे सबको साथ लेकर चलेंगे।
युवा समर्थकों को संदेश
विजय ने अपने खास समर्थकों जेन-जेड और मिलेनियल्स को संबोधित करते हुए कहा, 'तुम मेरी जान हो। मेरे प्यारे ननबा और ननबी, विजय मामा तुम्हारे लिए अच्छे-अच्छे काम करेगा।' कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा, 'तुम लोगों के बिना मैं कुछ नहीं हूं। मेरे वर्चुअल वॉरियर्स और सभी साथियों, बहुत-बहुत धन्यवाद।'
शपथ लेने के बाद अपने पहले भाषण में विजय ने कहा, 'यह एक नई शुरुआत है। अब असली धर्मनिरपेक्ष और सामाजिक न्याय का एक नया दौर शुरू हो रहा है।' उन्होंने कहा, "मैं किसी शाही परिवार में पैदा नहीं हुआ हूँ; मैं आप ही के बेटे, आप ही के भाई जैसा हूँ- मैं आपका 'थंबी' (छोटा भाई) हूँ।" उन्होंने कहा, 'मैं जानता हूँ कि गरीबी और भूख क्या होती है।'विजय ने कहा, 'मैं कोई फ़रिश्ता नहीं, बल्कि एक आम इंसान हूँ।'
बहरहाल, मुख्यमंत्री बनते ही विजय ने एक्शन मोड में आने का संकेत दिया है। उनके पहले फ़ैसले आम लोगों, खासकर महिलाओं और युवाओं को ध्यान में रखकर लिए गए हैं। आने वाले दिनों में पता चलेगा कि विजय के ये वादे कितनी तेजी से जमीन पर उतरते हैं।