जोसेफ विजय तमिलनाडु के नये मुख्यमंत्री बन गए। दलपति (थलपति) विजय के नाम से भी पहचाने जाने वाले विजय सफेद शर्ट, ब्लेजर और काली पैंट पहनकर शपथ ग्रहण समारोह में आए। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें शपथ दिलाई। जब उन्होंने कहा, 'सी. जोसेफ विजय येनुम नान' (मैं, सी. जोसेफ विजय), तो पूरा स्टेडियम गूंज उठा। यह पल उनके फिल्मी डायलॉग्स से भी ज्यादा रोमांचक था।

असली धर्मनिरपेक्ष, सामाजिक न्याय का दौर: विजय

शपथ लेने के बाद अपने पहले भाषण में विजय ने कहा, 'यह एक नई शुरुआत है। अब असली धर्मनिरपेक्ष और सामाजिक न्याय का एक नया दौर शुरू हो रहा है।' उन्होंने कहा, "मैं किसी शाही परिवार में पैदा नहीं हुआ हूँ; मैं आप ही के बेटे, आप ही के भाई जैसा हूँ- मैं आपका 'थंबी' (छोटा भाई) हूँ।" उन्होंने कहा, 'मैं जानता हूँ कि गरीबी और भूख क्या होती है।'विजय ने कहा, 'मैं कोई फ़रिश्ता नहीं, बल्कि एक आम इंसान हूँ।'
उन्होंने कहा कि वे नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के ख़िलाफ़ कड़े कदम उठाएँगे, क़ानून-व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे, और जन-कल्याण के लिए शिक्षा, बुनियादी ढाँचे और ज़रूरी सेवाओं को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने कहा, 'आज से मैं नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़े कदम उठाना शुरू करूँगा। हमारे युवाओं को इससे बचाना हमारा फ़र्ज़ है। इसी तरह, मैं क़ानून-व्यवस्था सुनिश्चित करूँगा और हर किसी की सुरक्षा की गारंटी दूँगा। भले ही कुछ लोग मेरा अपमान करें- चाहे वे दोस्त हों या दुश्मन- फिर भी वे सभी 8 करोड़ लोग मेरे ही लोग हैं। मेरा दिल कहता है कि मुझे शिक्षा, सड़कों, पीने के पानी की सुविधाओं और अन्य ज़रूरी सेवाओं पर पूरा ध्यान देना चाहिए। जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, मैं लोगों के पैसे का एक भी पैसा नहीं छूऊँगा।'

विजय बने तमिलनाडु के सीएम

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विजय की पार्टी टीवीके के 9 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। खास बात यह है कि कांग्रेस पार्टी या अन्य सहयोगी दल से कोई भी नेता रविवार को शपथ लेने वालों में शामिल नहीं रहे। कुल 9 मंत्रियों ने विजय के शपथ ग्रहण समारोह में शपथ ली। विजय के अलावा आदव, आनंद, सीटीआर निर्मल कुमार और अरुण राज जैसे अहम टीवीके नेताओं ने शपथ ली। 

इन्होंने ली मंत्री पद की शपथ

  • एन आनंद
  • आदव अर्जुन
  • केजी अरुणराज
  • केए सेनगोट्टैयन
  • पी वेंकटरमणन
  • आर निर्मल कुमार
  • राजमोहन
  • टीके प्रभु
  • एस कीर्तन
चुनाव के बाद टीवीके ने कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम, वीसीके और आईयूएमएल के साथ गठबंधन किया है। इसी गठबंधन की मदद से उन्होंने 118 सीटों के बहुमत के आँकड़े को पार किया। 

पहले मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण में सिर्फ़ टीवीके नेताओं को शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि बाद में कैबिनेट विस्तार में गठबंधन के सहयोगियों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा।

विजय के परिवार के लिए भावुक पल

विजय के शपथ लेते समय विजय के माता-पिता भावुक हो गए। वे अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनते देख रोमांचित थे। विजय के लंबे समय के सह-कलाकार तृषा कृष्णन भी नीले रेशमी साड़ी में पहुंचीं। उनके आने पर स्टेडियम में जोरदार खुशी का माहौल बना। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए चेन्नई पहुंचे। यह उनके लिए भी खास मौका था क्योंकि 1967 के बाद पहली बार कांग्रेस तमिलनाडु में सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा बन रही है।

समर्थकों में जश्न

स्टेडियम के बाहर हजारों टीवीके समर्थक झंडे लेकर इकट्ठा हुए थे। पूरे तमिलनाडु में पार्टी कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़े और खुशी मनाई। लोग 'दलपति! दलपति!' के नारे लगा रहे थे।

राहुल गांधी पहुंचे शपथ ग्रहण समारोह में

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी रविवार को विजय के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। राहुल गांधी रविवार सुबह ही अपने घर से तमिलनाडु के लिए रवाना हुए थे।

राहुल गांधी के साथ विजय (फोटो साभार: एक्स/@cmjosephvijay)

जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में शपथ ग्रहण 

जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के बाहर टीवीके के समर्थकों की भारी भीड़ जुटी। लोग पार्टी के झंडे और बैनर लेकर सुबह से ही वहां पहुंचे। हर कोई विजय को मुख्यमंत्री बनते देखने के लिए उत्साहित है। समारोह को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। चेन्नई पुलिस और प्रशासन ने पूरे इलाके में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। शपथ ग्रहण समारोह से पहले तमिलनाडु पुलिस के DIG धर्मराजन विजय के घर पहुंचे। उन्होंने विजय को सुरक्षा व्यवस्था और शपथ ग्रहण की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी और उन्हें फूलों का गुलदस्ता भी भेंट किया।
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गवर्नर का स्वागत

शपथ लेने से ठीक पहले विजय ने राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर का गर्मजोशी से स्वागत किया। राज्य में पहले गवर्नर और सरकार के बीच अक्सर तनाव रहता था, इसलिए यह इशारा खास माना जा रहा है।

60 साल बाद नॉन-द्रविड़ मुख्यमंत्री

विजय की यह जीत सिर्फ एक फिल्मी सितारे की सफलता नहीं है। यह तमिलनाडु की राजनीति में बड़े बदलाव का प्रतीक है। लगभग 60 साल बाद कोई गैर-द्रविड़ पार्टी का नेता मुख्यमंत्री बना है। टीवीके ने अपनी पहली विधानसभा चुनाव में ही 108 सीटें जीतीं। 234 सदस्यों वाली तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटें चाहिए थीं। टीवीके अकेले 10 सीटें कम थी, इसलिए कांग्रेस, वामपंथी पार्टियां (सीपीआई, सीपीएम), वीसीके और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के साथ पोस्ट-पोल गठबंधन किया गया। सभी दलों ने बिना शर्त समर्थन दिया।
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इतिहास रच दिया विजय ने

तमिलनाडु की राजनीति में कई दशकों से द्रविड़ पार्टियों DMK और AIADMK का डोमिनेंस रहा है। इस बार टीवीके ने अपनी पहली विधानसभा चुनाव में ही 108 सीटें जीतकर बड़ा कमाल किया। अभिनेता विजय की लोकप्रियता और पुरानी पार्टियों से ऊब जाने के कारण टीवीके को बड़ा समर्थन मिला। चुनाव बाद गठबंधन के ज़रिए बहुमत हासिल करने के बाद विजय ने मुख्यमंत्री बनकर इतिहास रच दिया।

यह तमिलनाडु की राजनीति में एक नया अध्याय है, जहां एक नई पार्टी ने सत्ता हासिल कर पुरानी द्रविड़ पार्टियों को चुनौती दी है।

अब फ्लोर टेस्ट का इंतजार

शपथ ग्रहण पूरा होने के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण फ्लोर टेस्ट बाकी है। विजय को विधानसभा में बहुमत साबित करना होगा। इसके बाद ही वे पूरी तरह से मुख्यमंत्री के रूप में काम शुरू करेंगे। टीवीके कार्यकर्ताओं का कहना है कि 'यह सिर्फ सरकार नहीं, तमिलनाडु में बदलाव की शुरुआत है।' पूरे राज्य में उत्साह का माहौल है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि विजय की सरकार युवाओं, विकास और अच्छे शासन पर ध्यान देगी। तमिलनाडु का नया 'दलपति' अब काम संभालने को तैयार है।