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फाइल फोटो

केसीआर अल्पसंख्यकों के लिए आईटी पार्क कैसे बना सकते हैं?   

तेलंगाना के सीएम केसीआर द्वारा पिछले दिनों मुसलमानों के लिए विशेष आईटी पार्क बनाने की चुनावी घोषणा पर कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने सवाल खड़े किये हैं।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक इस घोषणा को लेकर पूछे जाने पर डीके शिवकुमार ने कहा है कि "यह कैसे संभव हो सकता है? आप अल्पसंख्यकों के लिए आईटी पार्क कैसे बना सकते हैं? 

उन्होंने कहा कि मैंने इसके बारे में नहीं सुना है। पूरे देश में एक प्रकार की नीति। आप युवाओं के लिए कर सकते हैं, महिलाओं के लिए कर सकते हैं, आप जाति में अंतर नहीं कर सकते। 

इससे पता चलता है कि उन्होंने खुद को कमजोर कर लिया है। युवाओं, बच्चों और महिलाओं की कोई जाति नहीं होती। आप प्रचार कर सकते हैं अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति लेकिन आप उनके लिए आईटी पार्क नहीं बना सकते। 

केसीआर की इस घोषणा को लेकर राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार तेलंगाना में हो रहे विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी केसीआर की पार्टी बीआरएस को कड़ी टक्कर दे रही है। इस चुनाव में माना जा रहा है कि अल्पसंख्यक वोट केसीआर को छोड़ कर कांग्रेस की तरफ शिफ्ट हो सकता है। 

ऐसे में केसीआर हर संभव कोशिश कर रहे हैं कि वह किसी भी तरह अल्पसंख्यक वोटों को कांग्रेस की तरफ जाने से रोके। इसके लिए ही उन्होंने अल्पसंख्यक युवाओं के लिए अलग आईट पार्क बनाये जाने की घोषणा की है। उन्होंने इस घोषणा से बड़ा राजनैतिक दाव चला है। 

इस घोषणा का कितना असर होता है और कितने अल्पसंख्यक वोट बीआरएस को चुनाव में मिल पाते हैं ये तो आने वाला समय ही बतायेगा लेकिन इतना तय है कि अल्पसंख्यक वोटों के कांग्रेस की तरफ जाने की संभावना से बीआरएस परेशान है। इस परेशानी के कारण ही इस घोषणा के तौर पर केसीआर ने अल्पसंख्यक वोटों को अपनी तरफ लाने के लिए यह घोषणा की है। 

जहां तक कांग्रेस की बात है वह भी अल्पसंख्यक मतदाताओं को अपनी ओर लाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। डीके शिव कुमार का केसीआर की घोषणाओं पर सवाल उठाना भी बताता है कि वह भी इस बात से परेशान है कि कहीं इस घोषणा के कारण अल्पसंख्यक वोटों का बड़ा हिस्सा बीआरएस की तरफ न चला जाए। 

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अल्पसंख्यकों पर 12,000 करोड़ रुपये खर्च करने का दावा 

पिछसे सप्ताह गुरुवार को तेलंगाना के सीएम केसीआर ने बीआरएस के सत्ता में आने पर हैदराबाद में मुस्लिम युवाओं के लिए विशेष आईटी पार्क का वादा किया था। उन्होंने कहा था कि अगर वे फिर से सत्ता में आए, तो सरकार अल्पसंख्यक युवाओं के लिए यहां एक विशेष आईटी पार्क बनायेगी। 
महेश्वरम में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार मुसलमानों और हिंदुओं को दो आंखों की तरह मानती है और सभी को साथ लेकर चलती है। 
आज हम पेंशन दे रहे हैं जो मुसलमानों को भी मिल रही है। हमने आवासीय विद्यालय खोले हैं जिनमें मुस्लिम छात्र भी पढ़ते हैं। हम सभी को अपने साथ लेकर चलते हैं। 
केसीआर ने कहा कि हम मुस्लिम युवाओं के बारे में सोच रहे हैं और हैदराबाद के पास उनके लिए एक विशेष आईटी पार्क स्थापित कर रहे हैं। यह आईटी पार्क पहाड़ी शरीफ के पास बनेगा। 
उन्होंने कहा कि तेलंगाना बिना किसी कानून-व्यवस्था की समस्या के शांतिपूर्ण है। बीआरएस सरकार ने पिछले 10 वर्षों के दौरान अल्पसंख्यकों के विकास पर 12,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।  कांग्रेस ने अपने 10 साल के शासन के दौरान 2,000 करोड़ रुपये खर्च किए थे। 
उन्होंने दावा करते हुए कहा कि जब तक केसीआर जिंदा है तेलंगाना एक धर्मनिरपेक्ष राज्य बना रहेगा। अलग राज्य बनने के बाद तेलंगाना में विकास संभव हो सका।
इस चुनावी सभा में केसीआर ने जनता के बीच कई सवाल उठाएं। उन्होंने पूछा कि तेलंगाना के लिए राज्य का दर्जा किसने हासिल किया था? 24 घंटे मुफ्त बिजली लागू करने में कौन सक्षम है? हर घर के दरवाजे पर नल का पानी किसने पहुंचाया? उन्होंने लोगों से पूछा, तो लोग "केसीआर" कहकर चिल्लाने लगे थे। 

तेलंगाना में केसीआर लगातार अपनी योजनाओं का प्रचार करते रहे हैं। उनका दावा है कि उन्हेोंन राज्य में हर वर्ग के विकास के लिए काम किया है। केसीआर समाज के हर वर्ग के लिए काम कर चुनाव जीतने की उम्मीद कर रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने अल्पसंख्यक युवाओं को आकर्षित करने के लिए ये वादे किए हैं।  
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क़मर वहीद नक़वी
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