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अखिलेश को 'टोंटीचोर' बता पिछड़ों को नाराज़ कर रही बीजेपी

उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनावों में ‘करो या मरो’ की जंग लड़ रही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को 'टोंटीचोर' कहना महँगा पड़ सकता है। बीजेपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पूर्व में अखिलेश यादव का निवास रहे सरकारी बंगले में प्रवेश करने से पहले उसे गंगाजल से धुलवाने को लेकर भी उत्तर प्रदेश के पिछड़े वर्ग में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

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रेलवे अधिकारी की कुर्सी छोड़ वीआरएस लेकर सुल्तानपुर ज़िले की लम्भुआ विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक बने देवमणि द्विवेदी को उन्हीं के क्षेत्र के एक ग्राम प्रधान ने मेनका गाँधी के लिए समर्थन माँगने पर क़रारा जवाब दिया है। दरअसल, एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आया है। बताया जाता है कि इसमें लम्भुआ विधानसभा से बीजेपी विधायक देवमणि द्विवेदी और ग्राम प्रधान की बातचीत है। ऑडियो में बात करने वाला भी ख़ुद को विधायक देवमणि द्विवेदी बताता है। सत्य हिन्दी के पास उपलब्ध इस बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग (यहाँ सुनें) में अखिलेश को टोंटीचोर बताने पर ग्राम प्रधान भड़क जाता है और बीजेपी विधायक को उल्टा जवाब दे देता है।

कुल पाँच मिनट की बातचीत में ग्राम प्रधान को बीजेपी विधायक समझाते रहते हैं पर वह टस से मस नहीं होता है। आख़िरकार हार कर विधायक महोदय फ़ोन काट देते हैं।

मोदी, योगी व ख़ुद को संत बताया 

ऑडियो में साफ़ सुना जा सकता है कि बीजेपी विधायक देवमणि ने ग्राम प्रधान को फ़ोन कर पहले तो अपनी पार्टी, मोदी व योगी का विरोध करने पर लानत-मलामत की और फिर अपने सहित मोदी और योगी को संत बताते हुए राष्ट्र की सेवा करने वाला बताया। बात वहाँ पर बिगड़ी जब विधायक जी ने अखिलेश यादव को ‘टोंटीचोर’ बता दिया। विधायक जी ने कहा कि योगी जी के शरीर पर 500 रुपये का कपड़ा रहता है और वह या मोदी जी कोई पैसा अपने लिए तो रखेंगे नहीं बल्कि देश के काम में लगाएँगे। जाति से केवट ग्राम प्रधान को विधायक देवमणि बात-बात में निषादराज कहते रहे और मोदी-योगी का गुणगान करते रहे।

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'हवाई जहाज में चलने वाला टोंटी क्यों चुराएगा?' 

ग्राम प्रधान ने अखिलेश यादव को टोंटीचोर कहे जाने पर पलट कर जवाब देते हुए कहा कि हवाई जहाज में चलने वाला 100-200 रुपये की टोंटी क्यों चुराएगा। ऑडियो में विधायक जी ने अखिलेश और माया पर पत्थर चोरी का इल्ज़ाम भी लगाया और कहा कि यह सब एजेंसी की जाँच में सामने आया है। विधायक जी ने कहा कि जो एयरोप्लेन से चलता है उसी ने टोंटी चुराई है और इस तरह के आदमी को दंडित किया जाना चाहिए। ऑडियो में विधायक देवमणि ने कहा कि टोंटीचोर के साथ नहीं, बल्कि संतों के साथ रहो। बातचीत के अंत में देवमणि धमकाने के अंदाज़ में कहते हैं कि अपना और पूरे गाँव का वोट बीजेपी को दिलवाओ।

ग़ौरतलब है कि सुल्तानपुर से बीजेपी के टिकट पर पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गाँधी मैदान में हैं और उनके सामने सपा-बसपा के चंद्रभद्र सिंह उर्फ सोनू सिंह प्रत्याशी हैं। मेनका को सुल्तानपुर सीट पर कड़ा मुकाबला मिल रहा है। सुल्तानपुर लोकसभा सीट के तहत आने वाली पाँच विधानसभा सीटों में चार बीजेपी के कब्जे में हैं जिनमें से एक लम्भुआ भी है।

अखिलेश का घर गंगाजल से धुलवाने पर सफ़ाई

सुल्तानपुर के विधायक के अखिलेश यादव को टोंटीचोर कहे जाने पर केवट ग्राम प्रधान ने कहा कि योगी जी ने मुख्यमंत्री बनने के बाद अखिलेश यादव के सरकारी बंगले को गंगाजल से पवित्र किया फिर उसमें प्रवेश किया। ग्राम प्रधान ने कहा कि अखिलेश यादव छोटी जाति से हैं इसलिए उनके निवास किए गए मकान को गंगाजल से पवित्र किया गया। इस पर बगले झाँकते हुए विधायक देवमणि ने गंगाजल की महत्ता बतानी शुरू कर दी। ऑडियो में विधायक ने कहा कि गाय, गंगाजल और गंगा सफ़ाई तो बीजेपी का मुख्य अभियान है, इससे किस बात का गुरेज़। उन्होंने कहा कि गंगाजल से पवित्र किए जाने को अन्यथा नहीं लेना चाहिए।

अखिलेश यादव अपनी कई रैलियों में इस सवाल को उठा चुके हैं। उनका कहना है कि पिछड़ी जाति में होने के चलते उनके मकान को गंगाजल से धोया गया। उनका कहना है कि बीजेपी उन्हें टोंटीचोर कह कर इसलिए अपमानित करती है क्योंकि वह पिछड़ी जाति के हैं।

बीजेपी उत्तर प्रदेश में अपने चुनाव अभियान में जगह-जगह अखिलेश यादव पर टोंटीचोरी का इल्ज़ाम लगाती रही है। दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर अखिलेश यादव को मिले बंगले को अदालती आदेश के बाद योगी सरकार ने खाली करा लिया था। बाद में योगी सरकार ने उक्त खाली बंगले की तसवीरें जारी कर अखिलेश पर टोंटी खोल ले जाने का इल्ज़ाम लगाया था। इससे आहत अखिलेश अपनी हर सभाओं में इसका ज़िक्र करते हैं। बीजेपी के कई छोटे-मोटे नेता भी अखिलेश को टोंटीचोर कहते रहे हैं। सपा नेताओं का कहना है कि छोटी जाति का होने के नाते उनके नेताओं को टोंटीचोर और गोबर बटोरने वाला कहा जाता है।

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कुमार तथागत
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