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बीजेपी के विधायक राजकुमार सहयोगी।

यूपी: अलीगढ़ बीजेपी विधायक राजकुमार पर पुलिस से मारपीट का आरोप

उत्तर प्रदेश में गजब का खेल चल रहा है। सरकार चला रही बीजेपी के विधायक और पुलिसकर्मी आपस में गुत्थम-गुत्था हो रहे हैं और इनके वीडियो को विपक्षी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और आम लोग जमकर शेयर कर सरकार के कामकाज पर सवाल उठा रहे हैं। 

अलीगढ़ की इगलास सीट से बीजेपी के विधायक राजकुमार सहयोगी ने कुछ दिन पहले पत्रकारों के सामने कहा था कि पुलिस ने उनसे मारपीट की है। उनका यह वीडियो ख़ूब वायरल हुआ था। इसे लेकर बहुत हंगामा मचा था और बीजेपी के कुछ विधायक उनके समर्थन में भी आए थे। 

लेकिन अब कुछ नये वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें पुलिसकर्मी साफ-साफ कह रहे हैं कि मारपीट विधायक की ओर से की गई। इन वीडियो में एक पुलिस अफ़सर और विधायक के बीच में अच्छी खासी तू-तू, मैं-मैं हो रही है। 

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एक वीडियो में दिख रहा है कि विधायक राजकुमार के ज़्यादा भड़कने पर गोंडा थाने के एक पुलिस अफ़सर अपने सीनियर अफ़सर को फ़ोन करके कहते हैं, ‘विधायक एक मामले में थाने में आकर बदतमीजी कर रहे हैं, मारपीट कर रहे हैं और मुझे मारा है। मैं इन्हें सम्मान दे-देकर दुखी हो गया हूं लेकिन विधायक हंगामा कर रहे हैं।’ 

‘थाने में पैसे की लूट-खसोट’

एक और वीडियो में पुलिस अफ़सर विधायक से कहते हैं कि आपने मेरे साथ मारपीट क्यों की। विधायक कहते हैं, ‘सिवाय पैसे की लूट-खसोट के कोई काम नहीं हो रहा है थाने में। जब भी फ़ैसला कराते हो, विधायक का फ़ोन आया है, 5-5 हज़ार रुपये बढ़ा दो।’ इस पर पुलिस अफ़सर फिर से कहते हैं कि आपने मेरे साथ मारपीट क्यों की। विधायक कहते हैं कि मेरे एक भी कार्यकर्ता का काम नहीं कर रहे हो। 

मतलब विधायक साफ कह रहे हैं कि थाने में पैसे उगाहने का काम चल रहा है। सत्तारूढ़ बीजेपी के विधायक का यह बयान योगी सरकार को बहुत भारी पड़ सकता है।

पुलिस अफ़सर कहते हैं, ‘आप मेरी वर्दी फाड़ रहे हैं, मारपीट कर रहे हैं, मेरी नेम प्लेट तोड़ रहे हैं, आप जानते हैं कि इससे सरकार की क्या छवि बनेगी। आप थाने पर घुसकर एसओ के साथ मारपीट करेंगे क्या’, इस पर विधायक कहते हैं कि आप जनता का काम नहीं करोगे तो पुलिस अफ़सर कहते हैं कि क्या इस पर आप मारोगे पुलिसवालों को। 

धेले भर का सम्मान नहीं करता

एक और वीडियो में विधायक कहते हैं कि मुझे मारिए, इस पर पुलिस अफ़सर कहते हैं, ‘हाथ-पैर टूट जाएंगे, किसी चक्कर में मत पड़ना, फिर बुढ़ापे मे जुड़ेंगे भी नहीं। पद का सम्मान करता हूं, तुम्हारा धेले भर का भी सम्मान नहीं करता, जूती पर तुम्हारा सम्मान तो।’ 

इसके अलावा भी दोनों के बीच काफी गर्मागर्म बहस हो रही है। 

विधायकों ने दिखाए थे तेवर

सुल्तानपुर की लम्भुआ सीट से विधायक देवमणि दुबे भी गुरूवार को राजकुमार सहयोगी के समर्थन में अलीगढ़ पहुंचे थे। विधायक दुबे ने कई विधायकों के साथ मिलकर जिलाधिकारी से मुलाकात की थी और कहा था कि हम प्रदेश के 403 विधायकों के पिटने का इंतज़ार नहीं कर सकते। उन्होंने कहा था कि पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ़ आवाज़ उठानी पड़ेगी, चाहे अब उसकी जो भी कीमत चुकानी पड़े। दुबे ने कहा था कि उन्होंने इस संबंध में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या से बात की है और उनसे इस घटना को लेकर इस्तीफ़े की पेशकश भी की है।

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‘ब्राह्मण होना गुनाह, जान को ख़तरा’

उत्तर प्रदेश में एक साथ कई बवाल चल रहे हैं। ताज़ा बवाल सत्ताधारी बीजेपी की समर्थक निषाद पार्टी के नेता और भदोही सीट से विधायक विजय मिश्रा के वीडियो को लेकर हुआ है। मिश्रा ने वीडियो जारी कर योगी सरकार में अपनी व परिवार की जान को ख़तरा बताया है। मिश्रा ने कहा है कि उनकी गिरफ्तारी हो सकती है और कभी भी हत्या हो सकती है। विधायक का कहना है कि भदोही के गोपीगंज थाने की पुलिस ने उनके परिवार का रहना-खाना दुश्वार कर दिया है। उनका कहना है कि यह सब आने वाले पंचायत चुनावों को लेकर हो रहा है। विधायक का कहना है कि उनका इतना ही दोष है कि वह ब्राह्मण हैं। 

विधायक राजकुमार सहयोगी के अलावा इस साल मई में बहराइच जिले के बीजेपी विधायक सुरेश्वर सिंह ने भी अधिकारियों को फटकारते हुए पूरे जिले को लूट का अड्डा बना देने का आरोप लगाया था। विधायक ने कहा था कि राशन किटों में घोटाला हो रहा है।

‘कोरोना के नाम पर लूट-खसोट’

विधायक सुरेश्वर सिंह ने कहा था कि पुलिस दुकान का शटर उठा देने के नाम पर हजारों रुपये की वसूली कर रही है और कोरोना के नाम पर जमकर लूट-खसोट हो रही है। बहराइच जिले के कई पुलिस थानों का नाम लेते हुए विधायक ने कहा था कि ये लूट के अड्डे बन गए हैं। इस दौरान विधायक रात को औचक निरीक्षण पर निकले थे। 

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