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किसका है हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे?, पार्टियों में तसवीरें जारी करने की होड़ 

कानपुर के बिकरू गांव में दबिश देने आए आठ पुलिस कर्मियों को मौत की नींद सुलाने वाले हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को लेकर कयासों का दौर जारी है। अब तक फरार विकास पर बुधवार को ईनाम की राशि ढाई लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी गई है। राजनैतिक दलों से लेकर आम लोगों में विकास दुबे को अलग-अलग राजनेताओं का करीबी बताते हुए तसवीरें जारी करने की होड़ शुरू हो गई है। 

एसटीएफ के डीआईजी को हटाया

सवालिया निशान कई बड़े अधिकारियों पर भी उठने लगे हैं जिनके साथ विकास के गैंग के लोगों की तसवीरें सोशल मीडिया पर तैर रही हैं। उत्तर प्रदेश में मामले की जांच कर रहे एसटीएफ के डीआईजी और पूर्व में कानपुर के एसएसपी रहे अनंत देव को मंगलवार की रात को हटा दिया गया। 

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अनंत देव पर शहीद सीओ मिश्रा की विकास को लेकर भेजी गई रिपोर्ट को अनदेखा करने का आरोप है और साथ ही उनकी तसवीरें दुर्दांत माफिया के सबसे जिगरी जय बाजपेयी के साथ वायरल होने लगी थीं। जय बाजपेयी ही विकास दुबे का खजांची बताया जाता है और उसके लिए लग्जरी गाड़ियां मुहैया कराता था। 

फरीदाबाद में होने का शक, छापा

विकास के हरियाणा के फरीदाबाद में होने की ख़बर पर छापेमारी हुई और तीन लोगों को हिरासत में लिया गया। फरीदाबाद के होटल सासाराम की कुछ तसवीरें जारी हुईं जिनमें विकास दुबे जैसा दिखने वाला एक व्यक्ति रिसेप्शन पर खड़ा और बाहर इंतजार करता दिखा। आनन-फानन में वहां हरियाणा पुलिस और यूपी एसटीएफ़ पहुंच गई और सघन तलाशी ली गई। 

फरीदाबाद में ही एक घर पर छापा मारकर तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए। गिरफ्तार प्रभात, अंकुर और श्रवण पर विकास और उसके गैंग के लोगों को छिपाने का आरोप है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने बताया कि फरीदाबाद के न्यू इंदिरानगर में मुठभेड़ के बाद सभी आरोपी पकड़े गए। पुलिस और बदमाशों के बीच फायरिंग भी हुई। छापेमारी में 44 जिंदा कारतूस और चार पिस्टल बरामद की गईं जिनमें से दो बिकरू में दबिश के दौरान पुलिस से छीनी गईं थीं। 

पुलिस ने बताया कि कानपुर के रहने वाले अंकुर और श्रवण फरार माफिया विकास के रिश्तेदार हैं।  पुलिस के मुताबिक़ विकास चकमा देकर भाग गया।

इस जघन्य हत्याकांड के बाद उत्तर प्रदेश के राजनैतिक दलों में विकास दुबे किसका है, यह साबित करने की होड़ लगी हुई है। बाकायदा सरकार का मीडिया तंत्र भी इस होड़ में शामिल है।

वायरल हो रही तसवीरें

उत्तर प्रदेश सरकार के एक आला अधिकारी की बेटी की शादी में शामिल जय बाजपेयी के साथ कानपुर के मशहूर कॉमेडियन अन्नू अवस्थी की तसवीरें जारी की गईं। रिटायर्ड आईएएस व अपनी बेबाक जुबान के लिए पहचाने जाने वाले सूर्यप्रताप सिंह ने लिखा, ‘विकास दुबे के मुख्य आदमी जय बाजपेयी की तसवीर प्रमुख सचिव गृह अवनीश अवस्थी के साथ और तत्कालीन एसएसपी, कानपुर के साथ मिल चुकी है। अगर पूरा गृह विभाग ही उनके साथ खड़ा हो गया तो दरिंदा गिरफ्तार कैसे होगा।’ उन्होंने आगे लिखा कि क्या इस ट्वीट पर उन पर एफआईआर करा देंगे, गिरफ्तार कर लेंगे?

Claim on History Sheeter Vikas Dubey political affiliation  - Satya Hindi
Claim on History Sheeter Vikas Dubey political affiliation  - Satya Hindi
इससे पहले कानपुर के बीजेपी विधायक भगवती प्रसाद सागर और अभिजीत सांगा की भी विकास दुबे और उसके गैंग के लोगों के साथ तसवीरें सामने आई थीं। विकास को पूर्व में बीएसपी सांसद रहे और अब कांग्रेस नेता राजाराम पाल का भी करीबी बताया गया है। बीजेपी फिर बीएसपी व एसपी में रहे पूर्व विधायक हरिकिशन श्रीवास्तव भी कभी विकास के करीबी रहे बताए जाते हैं। विकास दुबे पर देखिए चर्चा - 

एसपी नेताओं व अखिलेश की भी तसवीर

बीजेपी के नेताओं, विधायकों व अधिकारियों के विकास का करीबी होने की तसवीरें जारी होने के बाद पलटवार करते हुए सोशल मीडिया पर कुछ तसवीरें वायरल की गईं। इन तसवीरों में विकास दुबे को एसपी विधायक सतीश निगम व पूर्व मंत्री शिव कुमार बेरिया के साथ दिखाया गया। 

प्रदेश सरकार की ओर से विकास के गैंग के मेंबरों की जारी सूची में आठवें नंबर पर शामिल गुड्डन त्रिवेदी की तसवीरें तो एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ जारी की गईं।

विकास के लिए इस्तेमाल होने वाली कारों की बरामदगी के बाद बताया गया था कि उनमें से एक का पंजीकरण बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश सचिव के नाम था। एसपी समर्थक तीन दिनों से विकास दुबे का 2017 में एसटीएफ की हिरासत में दिए गए बयान का वीडियो चला रहे हैं जिसमें वो खुद अपने संरक्षक के तौर पर बीजेपी नेताओं का नाम ले रहा है।

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अमर दुबे मारा गया

बुधवार तड़के हमीरपुर जिले के मौदहा थानाक्षेत्र में एसटीएफ उत्तर प्रदेश एवं स्थानीय पुलिस के साथ मुठभेड़ में विकास दुबे गैंग के शातिर अपराधी अमर दुबे को मार गिराया गया। अमर दुबे कानपुर हत्याकांड का नामज़द एवं वांछित अभियुक्त था।  विकास दुबे के एक और साथी श्यामू बाजपेयी को चौबेपुर पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। 

विकास दुबे पर ईनाम की राशि बढ़ा दी गई है और अब वह पांच लाख का ईनामी बदमाश हो गया है। गौरतलब है कि 2 जुलाई के बाद से विकास दुबे पर 50 हजार से बढ़ाकर 5 लाख रुपये का ईनाम घोषित किया गया है। 

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कुमार तथागत
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